गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान का असर शरीर के साथ-साथ त्वचा पर भी दिखाई देता है. इस दौरान मुंहासे, ज्यादा ऑयल निकलना, त्वचा का झुलसना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में आयुर्वेद और पारंपरिक घरेलू उपायों में गोंद कतीरा को एक प्राकृतिक ठंडक देने वाले पदार्थ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. माना जाता है कि यह शरीर को ठंडा रखकर त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है.
गोंद कतीरा क्या है
गोंद कतीरा एक प्राकृतिक पौधों से प्राप्त होने वाला गोंद है जिसे ट्रैगाकैंथ गम भी कहा जाता है. पानी में भिगोने पर यह फूलकर जेली जैसा दिखने लगता है. भारत में इसे पारंपरिक रूप से शरबत, मिठाइयों और आयुर्वेदिक पेयों में इस्तेमाल किया जाता है.
त्वचा के लिए कैसे फायदेमंद, गोंद कतीरा
शरीर को ठंडक देने में मदद
आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक कूलिंग एजेंट माना गया है. शरीर का तापमान कम रहने से गर्मी से होने वाले रैश, लालिमा और एक्ने की समस्या में राहत मिल सकती है.
हाइड्रेशन को सपोर्ट करता है
गोंद कतीरा पानी को सोखकर जेली जैसा बन जाता है. इसे खाने से शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे त्वचा नरम और हाइड्रेट रहती है.
मुंहासों के कारणों को कम करने में सहायक
गर्मी और शरीर की अंदरूनी गर्मी को अक्सर एक्ने का कारण माना जाता है. गोंद कतीरा शरीर को ठंडा रखने में मदद कर सकता है जिससे कुछ हद तक ब्रेकआउट कम हो सकते हैं.
पाचन तंत्र के लिए भी लाभदायक
अच्छा पाचन त्वचा पर सकारात्मक असर डालता है. माना जाता है कि गोंद कतीरा पाचन को बेहतर करने में मदद कर सकता है जिससे त्वचा साफ और स्वस्थ दिखती है.
गोंद कतीरा का उपयोग कैसे करें
गोंद कतीरा को रातभर पानी में भिगोकर रख दें. सुबह यह फूलकर जेली जैसा बन जाता है. इसे नींबू पानी, दूध, गुलाब शरबत या फलों के पेय में मिलाकर ठंडा पी लें. गर्मियों में यह शरीर को ठंडक देने के लिए लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है.
त्वचा पर लगाने का उपयोग
इसे एलोवेरा या गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में इस्तेमाल करें.
ये भी पढ़ें: