गर्मी का मौसम आते ही ज्यादातर घरों में कूलर का इस्तेमाल बढ़ जाता है. तेज गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए लोग रातभर कूलर चलाकर सोते हैं. कई लोग तो सुबह तक भी कूलर बंद नहीं करते. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या लगातार पूरी रात कूलर चलाने से उसकी मोटर जल सकती है?
आजकल आने वाले ज्यादातर कूलर लंबे समय तक चलने के लिए बनाए जाते हैं. लेकिन अगर सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए या मेंटेनेंस पर ध्यान न दिया जाए, तो मोटर खराब होने या जलने का खतरा बढ़ सकता है.
बंद कमरे में चलाना बड़ी परेशानी
अगर कूलर ऐसे कमरे में चलाया जा रहा है जहां हवा आने-जाने का रास्ता नहीं है, तो मोटर पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है. बंद कमरे में गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती, जिससे कूलर को लगातार ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे मोटर धीरे-धीरे गर्म होने लगती है और लंबे समय तक ऐसा होने पर नुकसान हो सकता है. इसलिए हमेशा कोशिश करें कि कमरे की एक खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रहे ताकि हवा का सही प्रवाह बना रहे.
वोल्टेज की समस्या से नुकसान
रात के समय कई जगहों पर बिजली का वोल्टेज ऊपर-नीचे होता रहता है. बार-बार वोल्टेज फ्लक्चुएशन होने से कूलर की मोटर पर असर पड़ सकता है. खासतौर पर पुराने कूलर में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. अगर आपके इलाके में बिजली की समस्या रहती है, तो स्टेबलाइजर का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है.
पानी खत्म होने पर बढ़ जाता है खतरा
कूलर चलाने से पहले उसकी टंकी में पानी होना जरूरी है. अगर रात के दौरान पानी खत्म हो जाए, तो वॉटर पंप गर्म हो सकता है. इसका असर धीरे-धीरे मुख्य मोटर पर भी पड़ता है. इसलिए सोने से पहले टंकी पूरी भर लेना बेहतर माना जाता है.
हाई स्पीड की जगह रखें मीडियम मोड
कई लोग पूरी रात कूलर को हाई स्पीड पर चलाते हैं, जिससे मोटर पर लगातार ज्यादा लोड पड़ता है. रात में कूलर को मीडियम या लो स्पीड पर चलाना ज्यादा सुरक्षित रहता है. इससे बिजली की बचत भी होती है और मोटर पर दबाव भी कम पड़ता है.