Friendship and Astrology
Friendship and Astrology
Friendship and Astrology: ज्योतिष शास्त्र में दोस्ती और मित्रता का संबंध मुख्य रूप से कुंडली के भावों, ग्रहों और राशियों से जुड़ा होता है. कुंडली में पंचम भाव और एकादश भाव मित्रता से संबंध रखता है. इसके अलावा सप्तम भाव आपके सहयोगियों का होता है. चंद्र्मा और बुध मित्रता के निर्णायक ग्रह हैं.
आपकी राशि और आपका लग्न आकर्षण पैदा करते हैं, इसलिए आप लग्न और राशि से दूसरों के प्रति आकर्षित हो जाते हैं. ज्योतिषी शैलेंद्र पाण्डेय ने बताया कि चंद्रमा भावनात्मक मित्रता करवाता है और बुद्ध बुद्धि से मित्रता करवाता है. दो विभिन्न व्यक्तियों, प्रेमी-प्रेमिका, पति-पत्नी का आपसी संबंध राशियों के तत्व पर आधारित होता है. हमारा शरीर पंच तत्वों से बना है और 12 राशियां इन्हीं में से 4 तत्वों में विभाजित की गई हैं.
कब जीवन में अच्छे मित्र नहीं मिलते
1. अगर कुंडली में चंद्रमा खराब हो या दूषित हो.
2. अगर एकादश भाव बहुत सारे ग्रह हों.
3. यदि कुंडली में लग्न खराब हो.
4. कुंडली में राहु केंद्र स्थानों में हो.
5. कुंडली में बुध काफी मजबूत हो.
कब जीवन में मिलते हैं अच्छे मित्र
1. कुंडली में चंद्रमा का अच्छा होना, अच्छे मित्र देता है.
2. एकादश भाव का अच्छा होना भी अच्छे मित्र देता है.
3. सप्तम भाव अच्छा हो तो अच्छे सहयोगी मिलते हैं.
4. यदि कुंडली में बृहस्पति मजबूत हो तो भी अच्छे मित्र मिल जाते हैं.
5. यदि कुंडली में शुक्र अच्छा हो तो, व्यक्ति के बहुत सारे जानने वाले होते हैं.
कैसे पाएं अच्छे मित्र
अच्छे मित्र पाने के लिए अपने विचारों को सकारात्मक रखें. बहुत ज्यादा गणनाओं का प्रयास न करें. नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें. नियमित रूप से भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करें.