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अजमेर के एक टीचर ने 50 भिखारी बच्चों को लिया गोद, खुद के पैसों से देते हैं रात का खाना

अजमेर के उडान सोसायटी के नाम से मशहूर एक निजी स्कूल के शिक्षक दुनियाभर के लोगों के लिए एक मिसाल कायम करने का काम किया है. सुनील और उनके समूह ने अपने आसपास और गलियों के रहने वाले 50 भिखारियों को गलियों से गोद लिया और उन्हें अलग-अलग सरकारी स्कूलों में भर्ती कराया.

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Ajmer teacher group adopts 50 child beggars Ajmer teacher group adopts 50 child beggars
हाइलाइट्स
  • बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए वैन की सुविधा

  • बच्चों को भीख मांगने से रोकना मुख्य उद्देश्य

अजमेर के उडान सोसायटी के नाम से मशहूर एक निजी स्कूल के शिक्षक दुनियाभर के लोगों के लिए एक मिसाल कायम करने का काम किया है. सुनील और उनके समूह ने अपने आसपास और गलियों के रहने वाले 50 भिखारियों को गलियों से गोद लिया और उन्हें अलग-अलग सरकारी स्कूलों में भर्ती कराया. सुनील बच्चों को भोजन और शिक्षा प्रदान करा रहे हैं और चाहते हैं कि वो अपनी पढ़ाई पूरी करें.

एक निजी स्कूल में गणित के शिक्षक सुनील जोस गली के बच्चों की शिक्षा पर काम कर रहे हैं ताकि वो बेहतर अवसरों के साथ बेहतर नागरिक के रूप में उभर सकें.

बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए वैन की सुविधा
जोस ने कहा,“हमने 50 बच्चों (भिखारियों) को गोद लिया और उन्हें कायर और पंचील के सरकारी स्कूलों में भर्ती कराया है. ये बच्चे झुग्गियों में रहते हैं,जिनके पास कोई उचित घर नहीं है.” 
उन्होंने कहा,“हमने इन बच्चों के लिए वैन की भी व्यवस्था की जो उन्हें झुग्गी-झोपड़ियों से उनके स्कूलों तक ले जाएगी. इन बच्चों को सरकारी स्कूलों में मिड डे मील भी मिलता है. स्कूल के बाद वैन उन्हें उठाती है और मेरे घर ले आती है, यहां मैं उन्हें एक्स्ट्रा क्लासेज और फिर रात का खाना देता हूं. ”

बच्चों को भीख मांगने से रोकना मुख्य उद्देश्य
उड़ान सोसाइटी में चार शिक्षक हैं जो स्कूल की ड्यूटी के बाद कम से कम 2 घंटे इन बच्चों को पढ़ाते हैं. एक अन्य शिक्षक ने कहा, "इस कदम के पीछे का उद्देश्य बच्चों को भीख मांगने से रोकना और उन्हें अपनी पढ़ाई में व्यस्त रखना है." जोस अपने वेतन से इन बच्चों को नाश्ता और शाम का भोजन के साथ-साथ कपड़े भी उपलब्ध करा रहे हैं. वहीं एक बाल रोग विशेषज्ञ आलोक गर्ग भी समाज से जुड़े हुए हैं और इन बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देख रहे हैं.