मंत्री पीयूष गोयल
मंत्री पीयूष गोयल
Gujarat Panchayat Aajtak: गुजरात के चुनाव को जीतने के लिए बीजेपी ने एडी-चोटी का जोर लगा रखा है. हालांकि विपक्षी पार्टियों का कहना है कि बीजेपी के 27 साल के राज की वजह से इस बार पार्टी को एंटी इंकम्बेंसी का सामना करना पड़ सकता है. कुछ का कहना है कि गुजरात के लोग सत्ताधारी बीजेपी से बोर हो गए हैं. इसी पर बात करने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ मंत्री और कॉमर्स और कंज्यूमर अफेयर मंत्री पीयूष गोयल ने पंचायत आजतक के मंच से ‘फिर एक बार डबल इंजन की सरकार’ सत्र में पार्टी की तैयारियों को लेकर बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता समझदार है, वो देख रही है कि 27 साल में सरकार ने वहां कितना विकास किया है. साथ ही बताया कि गुजरात के लोगों का जीवन स्तर बदला है. वे और बेहतर हुए है.
पीएम मोदी ने बदली गुजरात की दिशा और दशा
मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार पीएम मोदी ने गुजरात की दशा और दिशा दोनों बदली हैं. पंचायत आजतक के मंच ने उन्होंने कहा, “चाहे कोई छोटा काम करने वाला हो, जैसे मजदूर आदमी हो, सब्जी वाला हो, शिक्षित लोग हों, युवा हों सभी ने इस सरकार का काम देखा है. मेरा मानने है कि अच्छे काम के पीछे लोग गुजरात को जोड़ना चाहते हैं. पीएम मोदी ने जिद प्रकार से गुजरात को दिशा दी थी, जिस तरह वे पूरे देश की दिशा और दशा को सुधार रहे हैं उसका फायदा गुजरात के लोगों को मिला है. विपक्षियों को बोरियत लग सकती है लेकिन जनता को नहीं. इस बार हमें रिकॉर्ड ब्रैकिंग साथ मिलने वाला है.”
बीजेपी का आगे का प्लान क्या है?
बीजेपी के आगे का प्लान के बारे में मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि गुजरात के जीडीपी में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा, “इसके अलावा उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात में वृद्धि हुई है. इन सबसे जब हम आगे देखते हैं तो नई-नई पॉलिसी बड़े पैमाने पर गुजरात में लाई जा रही हैं. गुजरात की जनता देख रही है कि किस तरह वहां का एडवांस टेक्नोलॉजी से स्वरूप बदल रहा है. विकास में तेज गति आ रही है. इससे सभी को फायदा होगा.”
हर चीज फ्री देने वाली राजनीति पर बोले पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने कहा कि देशभर में इतने बड़े बड़े काम तभी हो पाए जब उनपर निगरानी रखी गई. अच्छी मॉनिटरिंग हुई. बस ऐसा ही सरकार के साथ भी है. लोगों तक सभी सुविधाएं पहुंच सके इसके लिए ट्रांसपेरेंसी और निगरानी जरूरी है. आगे फ्रीबीज को लेकर पीयूष गोयल ने कहा, “जबतक ये किसी को सशक्त कर रहा है तबतक ये ठीक है. रोटी, कपड़ा, मकान को लेकर हमने लोगों को आत्मनर्भर बनाया है. हम इसे लोगों को कमजोर नहीं बनाना चाहते हैं. हालांकि, जो पहले से सशक्त हैं उन्हें फ्री की चीजें देना ये मैं गलत समझता हूं.”