scorecardresearch

अब मेघालय में ड्रोन के जरिए पहुंचाई जाएंगी दवाएं, 25 मिनट में पूरी हुई 25 किलोमीटर की दूरी

इस पहल में आगे बढ़ते हुए मेघालय ने एक खास शुरुआत की है. मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कहा कि देश में पहली बार दवाएं ड्रोन के जरिए पहुंचाई जाएंगी. मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स जिले में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.

Advertisement
Drone Used To Deliver Medicines In Meghalaya (Representative Image) Drone Used To Deliver Medicines In Meghalaya (Representative Image)
हाइलाइट्स
  • डिलीवरी के लिए e-VTOL ड्रोन का किया गया इस्तेमाल

  • 25 मिनट में पहुंचाई दवा

आजकल लोगों की सुख-सुविधा के लिए हर चीज उनके घर तक उनके दरवाजे पहुंचने लगी है. इसमें राशन से लेकर फल, सब्जी और दवाइयां भी शामिल हैं. खासकर महामारी के दौरान इस सुविधा का लोगों ने खूब लाभ उठाया और ऐसे समय में जब वो घर से बाहर नहीं निकल सकते थे, दवाइयां उनके घर तक पहुंची. मगर अभी भी देश के कई दूर दराज इलाके ऐसे हैं जहां ये सुविधा नहीं है. इन इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र तक ही दवाइयां नहीं पहुंच पाती हैं, जिसका काम लोगों को दवाइयां बांटना है.

25 मिनट में पहुंचाई दवा
इस पहल में आगे बढ़ते हुए मेघालय ने एक खास शुरुआत की है. मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कहा कि देश में पहली बार दवाएं ड्रोन के जरिए पहुंचाई जाएंगी. मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स जिले में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. यह केंद्र जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी पर है.

अपने सोशल मीडिया अकाउंट से कोनराड संगमा ने ट्वीट किया, "आज हमने #मेघालय में हाइब्रिड e-VTOL ड्रोन के माध्यम से भारत की पहली मेडिसिन डिलीवरी का पायलट नोंगस्टोइन से मावेत पीएचसी तक 25 मिनट से भी कम समय में 25 किलोमीटर की दूरी तय कर पूरा किया."

उन्होंने कहा, "ड्रोन तकनीक स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को बदल सकती है. यह एक अनूठी परियोजना है जो स्वास्थ्य सेवा सप्लाई चेन की मदद से दुर्गम आबादी तक पहुंचने में मदद करेगी."

डिलीवरी के लिए e-VTOL ड्रोन का किया गया इस्तेमाल
मुख्यमंत्री के अनुसार तकनीकी सहयोग राज्य स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से इनोवेशन टीम टेक ईगल, स्मार्ट विलेज मूवमेंट द्वारा प्रदान किया गया. सूत्रों ने कहा कि डिलीवरी के लिए एक ई-वीटीओएल (वर्चुअल टेक ऑफ एंड लैंडिंग) ड्रोन AquilaX2 का इस्तेमाल किया गया था.

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दवाओं की डिलीवरी के लिए एक ड्रोन की तैनाती पायलट आधार (small scale) पर की गई थी. आज इस कार्य को सफलता पूर्वक कर लिया गया, जिसकी वजह से इसमें लगने वाला समय 3 घंटे से घटकर आधे घंटे से भी कम हो गया.