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डेटिंग साइट पर होना चरित्र का पैमाना नहीं: HC

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के एक आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है. आरोप है कि शादी के झूठे वादे पर महिला के साथ उसने कथित रूप से शारीरिक संबंध स्थापित किये थे. हाई कोर्ट ने कहा है कि डेटिंग वेबसाइट पर होना किसी के चरित्र का पैमाना नहीं हो सकता और न ही किसी के गुणों (Character) को आंकने के लिए कोई पैरामीटर.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
  • इलाहाबाद HC ने दुष्कर्म के एक आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है

  • HC ने कहा है कि डेटिंग वेबसाइट पर होना किसी के चरित्र का पैमाना नहीं हो सकता

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि डेटिंग वेबसाइट पर होना किसी के चरित्र का पैमाना नहीं हो सकता और न ही किसी के गुणों (Character) को आंकने के लिए कोई पैरामीटर.अदालत ने ये बयान तब दिया जब किसी आरोपी आवेदक के वकील ने यह साबित करने की कोशिश की कि महिला का चरित्र अच्छा नहीं है.

दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के एक आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है. आरोप है कि शादी के झूठे वादे पर महिला के साथ उसने कथित रूप से शारीरिक संबंध स्थापित किये थे. जस्टिस विवेक अग्रवाल ने गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के अभय चोपड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. 

क्या है मामला?

नोएडा में एक मामला सामने आया है. इसमें पीड़िता और आरोपी डेटिंग साइट (Dating Site) के जरिए मिले और शादी का झूठा वादा कर आरोपी ने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए और इसके बाद वह अपने वादे से मुकर गया, जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया. 

आवेदक पक्ष की ओर से बताया गया है कि पीड़िता और आरोपी डेटिंग साइट पर मिले थे. हालांकि, यह भी तर्क दिया गया है कि दोनों के बीच शादी की कोई बात नहीं हुई थी. और शादी के प्रस्ताव पर उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए हैं, इसपर आरोपी ने इंकार करते हुए कहा है कि ये आरोप सही नहीं है.

अदालत ने क्या कहा?

इसपर अदालत ने कहा कि डेटिंग साइट पर होना किसी के चरित्र का प्रमाण नहीं है. इससे उसके कैरेक्टर (Character) पर निर्णय नहीं लेना चाहिए. डेटिंग साइट पर दो वयस्क मिलते हैं. मिलने के तीसरे दिन, दोनों में आपस में बात होती है, विश्वास पैदा होता है, दूसरा पक्ष शादी करने के लिए तैयार है और शादी के नाम पर, शारीरिक संबंध बनाये जाते हैं, तो इससे एक पीड़ित को इजी वर्च्यू वाले व्यक्ति के रूप में चित्रित नहीं किया जाना चाहिए. 

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