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एक और 'दृश्यम' जैसा कांड! 40 दिनों से लापता रिटायर्ड HOD की हत्या, गड्डा खोदकर गाड़ दी थी लाश

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने लोगों को फिल्मी कहानी की याद दिला दी. करीब 40 दिनों से लापता सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के रिटायर्ड विभागाध्यक्ष की हत्या का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने बेहद सुनियोजित तरीके से हत्या कर शव को जंगल में दफना दिया था.

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अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पकड़ से ज्यादा समय तक बच पाना आसान नहीं होता. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने लोगों को फिल्मी कहानी की याद दिला दी. करीब 40 दिनों से लापता सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के रिटायर्ड विभागाध्यक्ष की हत्या का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने बेहद सुनियोजित तरीके से हत्या कर शव को जंगल में दफना दिया था.

40 दिनों से लापता थे पूर्व विभागाध्यक्ष
पुलिस के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा इलाके से सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष राजाभाऊ सुबराव लोंढे (60) पिछले करीब 40 दिनों से लापता थे. उनके अचानक गायब होने के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की और कई सुराग जुटाए.

पार्टी के बहाने फार्महाउस ले जाकर रची साजिश
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विशाल राठौड़ और मृतक के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था. 5 फरवरी 2026 की रात आरोपियों ने लोंढे को पार्टी के बहाने दौलताबाद के एक फार्महाउस पर बुलाया. वहां उन्हें जमकर शराब पिलाई गई. इसके बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी साजापुर शिवार में रेलवे पुल के पास आरोपियों ने लोंढे के सिर में पिस्तौल से गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

हत्या से पहले ही खोदवा लिए थे गड्ढे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पूरी वारदात पहले से ही योजनाबद्ध थी. हत्या से तीन दिन पहले आरोपियों ने गेवराई तांडा के जंगल में जेसीबी से दो गहरे गड्ढे खुदवाए थे. जेसीबी चालक को उन्होंने बताया था कि वे वहां गुप्त धन की तलाश कर रहे हैं. हत्या के बाद शव को उन्हीं गड्ढों में डालकर मिट्टी से ढक दिया गया.

सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से खुला राज
शुरुआत में मुख्य आरोपी विशाल राठौड़ ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और बताया कि उसने लोंढे को सिग्मा हॉस्पिटल के पास छोड़ दिया था. लेकिन क्राइम ब्रांच ने शहर के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच की तो पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

रिपोर्टर: इसरार चिस्टी

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