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नवजोत सिंह सिद्धू ने वापस लिया इस्तीफा, बताया कब से आएंगे पंजाब कांग्रेस के दफ्तर

नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. उन्होंने पंजाब कांग्रेस के दफ्तर आने को लेकर नई शर्त रख दी है. उन्होंने कहा कि जिस दिन नए एडवोकेट जनरल बनेंगे और नया पैनल आ जाएगा, वे पंजाब कांग्रेस के दफ्तर आकर अपना कार्यभार संभाल लेंगे.

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नवजोत सिंह सिद्धू नवजोत सिंह सिद्धू
हाइलाइट्स
  • पिछले दिनों सिद्धू ने दे दिया था पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा

  • पंजाब कांग्रेस में पिछले 6 महीने से चल रही है उठापटक

लंबे कश्मकश के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने आखिरकार अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. इस्तीफा वापस लेने के बाद सिद्धू ने एक शर्त रख दी. उन्होंने कहा कि जिस दिन नए एडवोकेट जनरल बनेंगे और नया पैनल आ जाएगा, वे पंजाब कांग्रेस के दफ्तर आकर अपना कार्यभार संभाल लेंगे. सिद्धू के इस बयान से तो यही लगता है कि अभी भी पंजाब कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है.

16 अक्टूबर को राहुल गांधी से हुई थी मुलाकात
इससे पहले 16 अक्टूबर को राहुल गांधी के साथ हुई मुलाकात के बाद सिद्धू ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था. लेकिन, इसकी ऑफिशियल घोषणा नहीं हुई थी. शुक्रवार को सिद्धू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है.

कई दिनों से मचा है घमासान
बता दें कि पंजाब कांग्रेस में पिछले कई दिनों से घमासान मचा है. पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के पूर्व राजनीति सलाहकार प्रशांत किशोर के इस्तीफा देने के बाद शुरू हुआ बवाल अब तक जारी है. राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डालें तो हर घटना के बाद यही लग रहा था कि शायद पंजाब कांग्रेस में सबकुछ ठीक हो जाएगा. लेकिन, यह अब तक नहीं कहा जा सकता है कि पंजाब कांग्रेस में सबकुछ ठीक है.

चन्नी से भी हो चुकी है सिद्धू की टकराहट
प्रशांत के इस्तीफा देने के बाद सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच टकराहट खुलेआम सामने आ रही थी. पार्टी आलाकमान से लंबे दौर की चर्चा के बाद अमरिंदर सिंह ने अपना इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद पंजाब कांग्रेस ने दलित चेहरे पर दांव चला और चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का नया मुख्यमंत्री बनाया गया. इसके कुछ ही दिनों के बाद सिद्धू ने अपना इस्तीफा दे दिया था. उस वक्त सिद्धू ने कहा था कि ड्रग्स और बेअदबी के मामले चन्नी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. इसी को लेकर उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया था.

प्रशांत को वापस लाने की कोशिश में कांग्रेस
प्रशांत किशोर ने 5 अगस्त को अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, इसके पीछे उन्होंने कोई ठोस वजह नहीं बताई थी. लेकिन, अब अमरिंदर के जाने के बाद पंजाब कांग्रेस एक बार फिर उन्हें वापस लाना चाहती है. पंजाब विधानसभा चुनाव में मजह 4 महीने का वक्त बचा है और जितने भी प्रीपोल हुए हैं उसमें कांग्रेस पिछड़ती हुई दिखाई दे रही है. ऐसे में कांग्रेस को एक बार फिर प्रशांत की जरूरत महसूस हो रही है.