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Ujjain Aaj Tak Dharm Sansad: उज्जैन काल की नगरी क्यों है, आज तक धर्म संसद के मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताई वजह

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को आज तक धर्म संसद के मंच पर पहुंचे. इस दौरान एमपी के सीएम ने उज्जैन की संस्कृति और विरासत को लकेर चर्चा की. साथ ही उन्होंने राज्य के विकास को लेकर बताया. सीएम मोहन यादव ने उज्जैन को देश की धरोहर बताया.

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MP CM Mohan Yadav in Aaj Tak Dharam Sansad MP CM Mohan Yadav in Aaj Tak Dharam Sansad

महाकाल की नगरी उज्जैन में आज तक धर्म संसद का मंच सजा. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को धर्म संसद के मंच पर पहुंचे. इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  उज्जैन की सांस्कृतिक धरोहर और विकास की संभावनाओं पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति पर भी प्रकाश डाला.

उज्जैन की सांस्कृतिक धरोहर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन की सांस्कृतिक धरोहर के महत्व पर जोर देते हुए कहा, उज्जैन का गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक धरोहर हमारे लिए गर्व का विषय है. यह शहर महाकाल की नगरी है और समय की नगरी के रूप में भी जाना जाता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि 300 साल पहले तक उज्जैन से दुनिया का स्टैंडर्ड टाइम तय होता था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति पर बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा, "भारत तीसरी आर्थिक समृद्ध ताकत बन के खड़ा हो रहा है. भगवान चाहेगा तो नंबर वन पर मोदी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा. उन्होंने यह भी बताया कि 2026 को भारत और स्पेन सांस्कृतिक वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है.

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खेल और शिक्षा में विकास

मोहन यादव ने खेल और शिक्षा के क्षेत्र में भी उज्जैन की प्रगति पर चर्चा की. उन्होंने कहा, ये हमारे लिए ये जो कल्चर का हमारा गौरवशाली अतीत है, उस अतीत को लोग अंदर से देखना चाहते हैं. जानना चाहते हैं इतने खेलों को लेकर भी जिस प्रकार से भारत ने विविध क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है. हमारे अपने दौरों में हमने अपने खिलाड़ियों के लिए भी काम किया है. जैसे लालीगा एक बहुत बड़ा क्लब है पूरा इंटरनेशनल लेवल पर, हम चाहते हैं कि उनके साथ हमारे फुटबॉल के मदद के बच्चे जुड़े.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सभी युवाओं को मौका मिले, व्यापार वालों को मौका मिले हमारी अपनी फूड की और ऐसी कई संभावनाओं जिसमें प्रत्येक क्षेत्र में हमने इसपे ध्यान दिया. शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की थी और यह आज भी समसामयिक है.

बार्सिलोना और उज्जैन की तुलना

बार्सिलोना और उज्जैन की तुलना पर सीएम मोहन यादव ने कहा, बार्सिलोना अपनी अतीत की गौरवशाली पृष्ठ को सबके सामने लाना चाहता है. हमारे भारत में भी यही विरासत से विकास की ओर की. उन्होंने यह भी कहा कि उज्जैन की विशेषता भारत की विशेषता है और दोनों शहरों में कई समानताएं हैं.

भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए मोहन यादव ने कहा, हमारा प्रयास है कि उज्जैन को भविष्य का ग्रीन बीच और समय की नगरी के रूप में प्रस्तुत किया जाए. उन्होंने यह भी बताया कि उज्जैन में एक ऑब्जर्वेट्री बनाई जा रही है जहां लोग अपनी आंखों से सूर्य की दिशा और उसकी छाया को देख सकते हैं. सीएम मोहन यादव ने उज्जैन की सांस्कृतिक धरोहर, खेल और शिक्षा में विकास, और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति पर भी प्रकाश डाला.