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Acchi Baat: हनुमान जी कैसे बने भगवान और भक्त के बीच पोस्टमैन, सुनिए गोवर्धन पर्वत की कथा..देखिए अच्छी बात

अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि मनुष्य को माया का नहीं, बल्कि माधव का दास बनना चाहिए. भगवान से जुड़ने के लिए हनुमान जी एक 'पोस्टमैन' की भूमिका निभाते हैं, जो भक्त का संदेश भगवान राम तक और भगवान का संदेश भक्त तक पहुंचाते हैं. हनुमान जी ने सुग्रीव, विभीषण, माता सीता, राजा सुकंत और गोवर्धन पर्वत को भगवान राम से मिलाने का कार्य किया. राम सेतु निर्माण के दौरान जब हनुमान जी गोवर्धन पर्वत को ला रहे थे, तब भगवान राम का संदेश मिला कि सेतु का कार्य पूर्ण हो गया है. इस पर हनुमान जी ने पर्वत को वृंदावन के पास रख दिया. गोवर्धन पर्वत के रोने पर भगवान राम ने वचन दिया कि द्वापर युग में श्रीकृष्ण अवतार के समय वे उसे अपनी उंगली पर धारण करेंगे. अंत में यह संदेश दिया गया है कि यदि भारत के युवा हनुमान जी के चरित्र को अपने जीवन में उतारें, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता. देखिए अच्छी बात.