अच्छी बात के इस एपिसोड में आलस्य के चरम स्तर को विभिन्न कहानियों के माध्यम से दर्शाया गया है. इसमें देहरादून के एक आलसी जोड़े, भूकंप को नजरअंदाज करने वाले किराएदार और जलते मकान से न भागने वाले आलसियों के किस्से शामिल हैं. इसके साथ ही पहाड़ों के एक संत के महा-आलसी शिष्य की कहानी भी सुनाई गई है. चर्चा का मुख्य विषय गुरु की कृपा और जीवन में उसके प्रभाव पर केंद्रित है. वक्ता ने बताया कि कैसे गुरु का मार्गदर्शन जीवन को बदल देता है और सांसारिक मोह से निकालकर भक्ति की ओर ले जाता है. इसमें एक प्रसिद्ध राजा का प्रसंग सुनाया गया है, जो एक महान संत से दीक्षा लेने गए थे. बीस रानियों और राजपाट के बावजूद, राजा ने गुरु के लिए अपना जीवन तक त्यागने की तत्परता दिखाई. संत ने उनकी परीक्षा ली और उन्हें अपना शिष्य स्वीकार किया. इसके बाद राजा ने अपना राजपाट छोड़कर अन्य संतों के साथ भक्ति का मार्ग अपना लिया.