अधिक मास में पड़ने वाली भानु सप्तमी का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्यदेव की उपासना करने से करियर में सफलता मिलती है और शारीरिक व मानसिक कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है. भानु सप्तमी के दिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए. जल अर्पित करते समय सूर्य मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. इसके साथ ही इस दिन तांबे के बर्तन, गेहूं, गुड़ और शुद्ध घी का दान करने से विशेष पुण्य मिलता है. सूर्य की उपासना से नेत्र विकार और त्वचा संबंधी रोगों से भी छुटकारा मिलता है. इसके अलावा, बिहार के गया जिले में फाल्गुन नदी के किनारे एक अत्यंत प्राचीन सूर्य मंदिर स्थित है. मान्यता है कि यहां शालिग्राम पत्थर से बनी सात फीट ऊंची प्रतिमा में भगवान सूर्य अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं. इस मंदिर में आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और आरोग्य का वरदान मिलता है.