₹5000 महीने के SIP से कैसे बन सकते हैं करोड़पति?

26 July 2026

- by Good News Today

(Photo Credit: unsplash)

SIP यानी हर महीने एक तय रकम म्यूचुअल फंड में लगाना. ये पैसा शेयर बाजार में लगता है, इसलिए इसमें रिटर्न तय नहीं होता, बाजार के हिसाब से कम-ज्यादा हो सकता है.

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SIP में जितना लंबा समय देंगे, कंपाउंडिंग का उतना ज्यादा फायदा मिलेगा. ₹5000 महीने का SIP अगर 25-30 साल तक चलाया जाए, तभी करोड़पति बनने के आसार बनते हैं.

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अगर मान लें कि किसी फंड में औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता रहे तो ₹5000 महीने का SIP करीब 26-27 साल में 1 करोड़ के आसपास पहुंच सकता है. ये सिर्फ एक उदाहरण है, असली रिटर्न कम या ज्यादा हो सकता है.

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जितनी जल्दी SIP शुरू करेंगे, उतना कम समय में बड़ा फंड बन सकता है. 25 साल की उम्र में शुरू करने वाला 35 साल में शुरू करने वाले से बहुत आगे निकल जाता है.

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बाजार गिरने पर घबराकर SIP बंद करना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है. लंबे समय में बाजार ऊपर-नीचे होता रहता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है.

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सिर्फ ₹5000 तक सीमित ना रहें. जैसे-जैसे सैलरी बढ़े, हर साल SIP की रकम भी थोड़ी बढ़ाते रहें. इसे "स्टेप-अप SIP" कहा जाता है और ये फंड को तेजी से बड़ा बनाता है.

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हर फंड एक जैसा रिटर्न नहीं देता. फंड चुनने से पहले उसका पुराना रिकॉर्ड, फंड मैनेजर और रिस्क देखना चाहिए. जरूरत पड़े तो किसी सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.

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पूरा पैसा एक ही फंड में ना लगाएं. अलग-अलग तरह के फंड्स में पैसा बांटने से जोखिम कम होता है और रिटर्न भी बैलेंस रहता है.

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लंबे समय के निवेश पर टैक्स के नियम अलग होते हैं. मुनाफे पर कितना टैक्स लगेगा, ये पहले से समझ लेना अच्छा रहता है.

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म्यूचुअल फंड और SIP बाजार के जोखिम के अधीन होते हैं. करोड़पति बनने का ये एक रास्ता जरूर है, लेकिन रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती.

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