31 Aug 2026
- by Good News Today
(Photo Credit: Social media / Unsplash)
(Photo Credit: Unsplash)
बारिश के मौसम में नमी और उमस बढ़ने से बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है.
(Photo Credit: Unsplash)
मानसून में पाचन तंत्र थोड़ा धीमा हो सकता है और गैस, ब्लोटिंग व अपच जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
(Photo Credit: Unsplash)
चिकन, टर्की और बीफ को अच्छी तरह न पकाने पर साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया का खतरा रहता है.
(Photo Credit: Unsplash)
होममेड मेयोनीज और कच्चे अंडे से बनी कुछ मिठाइयों में फूडबोर्न इंफेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है.
(Photo Credit: Unsplash)
कच्ची मछली, सुशी और शेलफिश दूषित पानी के कारण बैक्टीरिया, वायरस या टॉक्सिन से संक्रमित हो सकते हैं.
(Photo Credit: Unsplash)
रॉ मिल्क और इससे बनी सॉफ्ट चीज में लिस्टेरिया जैसे हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं.
(Photo Credit: Unsplash)
पत्तेदार सब्जियों और फलों पर मिट्टी, कीटाणु और दूषित पानी के जरिए बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं.
(Photo Credit: Unsplash)
इसलिए मानसून में खाना ताजा रखें, फलों-सब्जियों को अच्छी तरह धोएं और मांस, अंडे व सीफूड को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं.