(Photos Credit: Social Media)
व्रत में साबूदाना सबसे ज्यादा खाया जाता है, लेकिन अगर इसे सही तरीके से नहीं भिगोया जाए तो यह चिपचिपा या कच्चा रह सकता है.
साबूदाना को आमतौर पर 4 से 6 घंटे तक भिगोना पर्याप्त होता है. बड़े दानों वाले साबूदाना को 6 से 8 घंटे तक भी भिगोया जा सकता है.
हर बार रातभर भिगोना जरूरी नहीं है. जरूरत से ज्यादा देर पानी में रखने से साबूदाना गीला और चिपचिपा हो सकता है.
साबूदाना जितना हो, उतना ही या उससे थोड़ा कम पानी डालें. दाने बस पानी सोख लें, उसमें पानी तैरना नहीं चाहिए.
जब दाने नरम हो जाएं और दबाने पर आसानी से टूट जाएं, तो समझिए साबूदाना अच्छी तरह फूल चुका है.
अगर पानी बच गया हो तो उसे पूरी तरह छान दें और साबूदाना को 15-20 मिनट के लिए छलनी में छोड़ दें.
साबूदाना को ज्यादा पानी में न भिगोएं और पकाते समय बार-बार चलाने से बचें.
खिचड़ी बनाने से पहले साबूदाना में भुनी हुई मूंगफली का पाउडर मिलाने से दाने अलग-अलग रहते हैं.