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अनार एक ऐसा फल है, जिसका केवल दाना ही नहीं बल्कि उसका छिलका भी कई बीमारियों में बेहद फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद में इसे एक औषधि के रूप में देखा जाता है.
आयुर्वेद के अनुसार अनार शरीर के तीनों दोष वात, कफ और पित्त को संतुलित करने में मदद करता है. यह रक्त बढ़ाने और शरीर की कमजोरी दूर करने में भी सहायक होता है.
अनार का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, खून को पोषण देता है, त्वचा में निखार लाता है और शरीर को अंदर से ताकत प्रदान करता है.
अगर चेहरे पर मुहांसे या दाग-धब्बों की समस्या है, तो अनार के छिलके का उपयोग काफी असरदार साबित हो सकता है.
इसके लिए अनार के सूखे छिलकों का पाउडर बनाकर उसमें गुलाबजल मिलाएं और एक स्मूद पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार चेहरे पर लगाएं.
यह फेसपैक त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है, जिससे एक्ने और पिंपल्स धीरे-धीरे कम होने लगते हैं.
गर्मियों में अक्सर पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे डायरिया देखने को मिलती हैं, जो खराब पाचन के कारण होती हैं.
ऐसी स्थिति में अनार के छिलके का पाउडर छाछ में मिलाकर उसमें थोड़ा सा जीरा डालकर सेवन करें.
यह उपाय पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करता है और आंतों की सूजन को कम करने में मदद करता है.