इन घरेलू उपाय से वायरल फीवर को दें मात

बुखार में गिलोय का काढ़ा पीने से जल्दी राहत मिलती है. इसमें जवरघाना और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं. इसके सेवन से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से बढ़ती है. 

तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-बायोटिक गुण भरपूर मात्रा में मिलते हैं. बुखार में इसका सेवन करने से काफी राहत मिलती है. 

हल्दी और सोंठ का सेवन करने से बुखार के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है. यह इम्यूनिटी लेवल को भी बढ़ाता है.

धनिया के बीजों में फाइटोन्यूट्रिएंट्स और एंटीबायोटिक गुण मिलते हैं. ये आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करने के साथ ही वायरल फीवर को ठीक करने में भी मदद करते हैं. 

दालचीनी में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं. बुखार में इसका सेवन करने से काफी राहत मिलती है. साथ ही खांसी-जुकाम, गले के दर्द में भी आराम मिलता है. 

वायरल फीवर में शहद और नींबू के रस का सेवन करने से राहत मिलती है. ये शरीर से टॉक्सिन और बैक्टीरिया बाहर निकालने में मददगार होते हैं. 

बुखार होने पर शरीर में दर्द और ऐंठन होने लगती है. ऐसे में आप सरसों के तेल में लहसुन मिलाकर हल्का गर्म करके शरीर की मालिश करने पर राहत मिलती है. 

बुखार में मुलेठी, तुलसी के पत्ते, शहद का काढ़ा बनाकर पीने से राहत मिलती है. 

तेजी से बुखार उतारने के लिए सिर, पैर के तलवों, बगल और गर्दन पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें. ये बहुत पुराना और कारगर घरेलू नुस्खा है. 

यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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