17 October 2026
- by Good News Today
(Photo Credit: Social media )
आवाज कितनी तेज है, इसे डेसीबल (dB) में मापा जाता है. सामान्य बातचीत की आवाज लगभग 60 डेसीबल होती है. इसके मुकाबले तेज संगीत और मशीनों का शोर काफी ज्यादा हो सकता है.
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लंबे समय तक 85 डेसीबल या इससे ज्यादा शोर में रहने से सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंच सकता है. आवाज जितनी तेज होगी, नुकसान होने का खतरा उतनी जल्दी बढ़ेगा.
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हेडफोन पर तेज आवाज में गाने सुनना कानों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए आवाज कम रखें और लंबे समय तक लगातार गाने सुनने से बचें.
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शादी, पार्टी और त्योहारों में डीजे की आवाज बहुत तेज हो सकती है. स्पीकर के पास खड़े रहने से कानों पर ज्यादा असर पड़ सकता है. इसलिए तेज आवाज वाली जगह से दूरी बनाए रखें.
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अगर तेज आवाज सुनने के बाद कानों में घंटी या सीटी जैसी आवाज आती है, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह तेज शोर के कारण कानों पर पड़े असर का संकेत हो सकता है.
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लगातार तेज शोर में रहने से लोगों की बातें समझने में परेशानी हो सकती है. कई बार टीवी या मोबाइल की आवाज बढ़ाने की जरूरत भी महसूस होती है.
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पटाखों और धमाकों की आवाज अचानक बहुत तेज हो सकती है. इससे कानों को तुरंत नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए पटाखे जलाते समय उचित दूरी बनाए रखें.
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अगर आप लंबे समय तक शोर वाली जगह पर रहते हैं, तो बीच-बीच में शांत जगह पर जाएं. इससे तेज आवाज के संपर्क में रहने का समय कम किया जा सकता है.
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फैक्ट्री, निर्माण स्थल या तेज संगीत वाले कार्यक्रमों में ईयरप्लग या ईयरमफ का इस्तेमाल करें. ये कानों तक पहुंचने वाले शोर को कम करने में मदद करते हैं.
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अगर आपको सुनने में परेशानी होती है या कानों में लगातार घंटी बजती है, तो कान के डॉक्टर से जांच कराएं. तेज आवाज से होने वाला नुकसान कई बार स्थायी हो सकता है.