बच्चा आपसे हर बात शेयर करे... अपनाएं ये तरीके

20 August 2026

- by Good News Today

(Photo Credit: unsplash)

जब बच्चा स्कूल, दोस्तों या किसी परेशानी के बारे में बात करे, तो उसकी बात बीच में न काटें. पहले पूरी बात सुनें और समझने की कोशिश करें कि वह कैसा महसूस कर रहा है.

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बच्चा कोई समस्या बताए तो तुरंत उसे समझाने या सलाह देने के बजाय पहले उसकी परेशानी समझें. उसे यह महसूस होना चाहिए कि माता-पिता उसकी बात को गंभीरता से सुन रहे हैं.

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बच्चे ने समय पर होमवर्क किया, अपना सामान रखा या घर के काम में मदद की, तो उसकी तारीफ जरूर करें. केवल ‘बहुत अच्छा’ कहने के बजाय यह भी बताएं कि उसका कौन सा काम आपको पसंद आया.

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बच्चों से गलतियां होना सामान्य है. गलती होने पर उसे ‘लापरवाह’ या ‘बुरा बच्चा’ कहने से बचें. उसकी गलती समझाएं और बताएं कि अगली बार उसे क्या करना चाहिए.

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हर दिन कुछ समय सिर्फ बच्चे के साथ बिताएं. उसके साथ खेलें, कहानी पढ़ें, टहलें या बैठकर बातें करें. इस समय फोन और टीवी से दूर रहें, ताकि बच्चे को आपका पूरा ध्यान मिल सके.

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बच्चा दुखी, गुस्सा या परेशान हो तो उसकी भावनाओं को नजरअंदाज न करें. उससे पूछें कि क्या हुआ और उसे ध्यान से सुनें. इससे बच्चे को अपनी भावनाएं बताने में आसानी होगी.

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अगर बच्चा हर छोटी बात पर डांट सुनता है, तो वह धीरे-धीरे अपनी बातें छिपाने लग सकता है. इसलिए जरूरी बात पर ही समझाएं और शांत तरीके से बात करें.

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बच्चे को हर चीज की छूट देना भी सही नहीं है. घर में उसकी उम्र के हिसाब से कुछ आसान नियम बनाएं. लेकिन नियम समझाते समय डराने या बार-बार डांटने के बजाय प्यार से बात करें.

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बच्चे को यह भरोसा होना चाहिए कि कोई परेशानी आने पर माता-पिता उसके साथ खड़े रहेंगे. ऐसा माहौल मिलने पर वह अपनी छोटी-बड़ी बातें छिपाने के बजाय माता-पिता से शेयर करना पसंद करेगा.

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अच्छी पैरेंटिंग का मतलब हमेशा सख्त रहना नहीं है. घर का माहौल ऐसा होना चाहिए, जहां बच्चा खुद को सुरक्षित और समझा हुआ महसूस करे. 

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