18 September 2026
- by Good News Today
(Photo Credit: unsplash)
अगर मोजों में काफी समय से पसीने की तेज गंध बनी हुई है, तो विनेगर का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए विनेगर को सीधे मोजों पर डालने के बजाय पानी में मिलाएं.
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मोजों की बदबू का एक कारण पैरों में ज्यादा पसीना आना भी हो सकता है. इसलिए जूते पहनने से पहले पैरों को अच्छी तरह धोकर सुखाएं.
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अगर मोजे थोड़े भी गीले रह जाते हैं और उन्हें पहन लिया जाता है, तो पैरों में नमी बनी रह सकती है. इससे कुछ समय बाद मोजों में फिर से बदबू आने लगती है.
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मोजों की नमी कम करने में मदद मिलती है. मोजों को पूरी तरह सूखने के बाद ही पहनें. यह सॉक्स की बदबू दूर करने का एक आसान तरीका हो सकता है.
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एक ही मोजे को लगातार कई दिनों तक पहनने से बचें. खासकर अगर पैरों में ज्यादा पसीना आता है, तो रोज साफ और सूखे मोजे पहनना बेहतर है.
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पसीने से गीले हुए मोजों को बिना धोए दोबारा पहनना सही नहीं है. ऐसे मोजों में नमी और गंध दोनों बनी रह सकती हैं.
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मोजे उतारने के बाद उन्हें जूते के अंदर ही छोड़ देना सही आदत नहीं है. इससे मोजों में हवा नहीं लगती और नमी बनी रह सकती है.
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मोजों का कपड़ा भी पैरों की नमी पर असर डाल सकता है. अगर आपके पैरों में ज्यादा पसीना आता है, तो ऐसे मोजे चुनें जो नमी को संभालने में मदद करें और पैरों को हवा मिलने दें.
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सिर्फ मोजों की सफाई करना काफी नहीं है. अगर जूतों के अंदर पहले से बदबू है, तो साफ मोजे पहनने के बाद भी गंध वापस आ सकती है.
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अगर पैरों से बदबू के साथ खुजली, जलन या फंगल इंफेक्शन जैसी परेशानी भी हो रही है, तो केवल पाउडर या घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.
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