गर्भवती महिलाओं को गर्मी में होता है ये खतरा, बच्चे पर पड़ता है...

3 May 2016

- by Good News Today

(Photo Credit: Gemini)

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दिल्ली में तापमान 45°C के पार पहुंच चुका है, जो अब सिर्फ असुविधा नहीं बल्कि बड़ा हेल्थ रिस्क बन गया है. जिसका असर गर्भवती महिलाओं और अजन्मे बच्चों पर पड़ रहा है.

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तेज गर्मी के कारण प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. 

हीटवेव की वजह से समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ रहा है. शरीर का तापमान बढ़ने से स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे लेबर जल्दी शुरू हो सकता है.

प्री-मैच्योर डिलीवरी का खतरा

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तेज गर्मी में शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होता है, जिससे गर्भवती महिलाओं की हालत बिगड़ सकती है. इससे गर्भाशय में ब्लड फ्लो कम होने का खतरा रहता है.

शरीर में पानी की कमी

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गर्मी के कारण ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन समय से पहले एक्टिव हो सकते हैं. यह सीधे तौर पर समय से पहले प्रसव का कारण बन सकता है.

हार्मोनल बदलाव का असर

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हीट स्ट्रेस के कारण प्लेसेंटा तक सही पोषण नहीं पहुंच पाता. इससे बच्चे की ग्रोथ प्रभावित होती है.

बच्चे की ग्रोथ पर असर

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गर्मी के कारण जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने के केस बढ़ रहे हैं. यह आगे चलकर बच्चे की सेहत पर भी असर डाल सकता है.

लो बर्थ वेट का खतरा

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तेज तापमान शरीर में स्ट्रेस बढ़ाता है और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है. इसका असर मां और बच्चे दोनों की हेल्थ पर पड़ता है.

हीट स्ट्रेस क्या करता है

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डॉक्टरों के मुताबिक, हीटवेव के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को खास ध्यान रखने की जरूरत है. गर्मी को हल्के में लेना मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

क्यों जरूरी है सावधानी

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खुद को हाइड्रेटेड रखें और ज्यादा से ज्यादा ठंडी जगहों पर रहे. जैसे एसी या कूलर वाली जगहों का चयन करें.

क्या करें

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