डोरमैट को लेकर क्या कहता है वास्तु शास्त्र?

30 May 2026

- by Good News Today

(Photo Credit:  Unsplash)

डोर मैट का क्या है महत्व?

मुख्य दरवाजे पर रखा डोरमैट हमेशा साफ-सुथरा होना चाहिए, क्योंकि गंदा डोरमैट नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है.

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फटा हुआ, पुराना या खराब डोरमैट घर के लिए शुभ नहीं माना जाता, इसलिए समय-समय पर इसे बदलते रहना चाहिए.

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डोरमैट को हमेशा मुख्य दरवाजे के बाहर रखना चाहिए ताकि बाहर की धूल-मिट्टी और नकारात्मकता घर में प्रवेश न कर सके.

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डोरमैट का आकार मुख्य दरवाजे के हिसाब से होना चाहिए. बहुत छोटा या बहुत बड़ा डोरमैट वास्तु के अनुसार सही नहीं माना जाता.

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घर के प्रवेश द्वार को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए. डोरमैट के आसपास गंदगी या बिखरा सामान नहीं होना चाहिए.

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मुख्य दरवाजे के पास जूते-चप्पलों का ढेर, टूटी चीजें या कूड़ादान रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है.

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वास्तु के अनुसार भूरे (Brown) या हरे (Green) रंग के डोरमैट को शुभ माना जाता है क्योंकि ये सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करते हैं.

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मुख्य प्रवेश द्वार के पास अच्छी रोशनी होनी चाहिए. साफ डोरमैट और रोशनी वाला प्रवेश द्वार घर में सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है.

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डोरमैट का मुख्य उद्देश्य केवल पैरों की सफाई नहीं बल्कि बाहर की नकारात्मक ऊर्जा को रोकना भी माना जाता है.

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वास्तु के अनुसार साफ डोरमैट, शुभ चिन्ह और सजा हुआ प्रवेश द्वार घर में खुशहाली बढ़ाने वाला माना जाता है.

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