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गोंद कतीरा एस्ट्रागलस (Astragalus) प्रजाति के पौधों से निकाला जाता है.
आयुर्वेद में सदियों से इसका इस्तेमाल शरीर को ठंडा रखने और पाचन सुधारने के लिए किया जाता रहा है.
इसमें सॉल्युबल फाइबर भरपूर होता है. इसलिए इसे कूलिंग और पाचन सुधारने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
यह फाइबर, प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होता है, जो कब्ज दूर करने, पाचन सुधारने, हड्डियां मजबूत बनाने, वजन नियंत्रित करने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है.
1-2 छोटे टुकड़ों को रात भर एक गिलास पानी में भिगो दें. सुबह यह फूलकर जेली की तरह हो जाता है.
इसके बाद इसे आप दूध, शरबत, नींबू पानी या दही के साथ मिलाकर खा सकते हैं.
बता दें कि, गर्म चीजों में गोंद कतीरा को मिलाकर पीने से इसके फायदे खत्म हो जाते हैं.
जरूरी है कि इसे आप 8 से 9 घंटे के लिए भिगोएं.