27 Oct 2026
- by Good News Today
(Photo Credit: Social media / Unsplash)
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दिनभर काम में व्यस्त रहने के बाद जैसे ही हम रात को बिस्तर पर लेटते हैं, दिमाग में अधूरे कामों की लिस्ट चलने लगती है.
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कभी ऑफिस का काम याद आता है, तो कभी किसी को फोन करना या घर का कोई जरूरी काम.
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ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिनभर हमारा ध्यान कई कामों और जिम्मेदारियों में बंटा रहता है.
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रात को जब आसपास शांति होती है, तो दिमाग को दिनभर की बातों पर सोचने का मौका मिलता है.
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जो काम पूरे नहीं हो पाते, वे बार-बार याद आ सकते हैं क्योंकि दिमाग उन्हें अधूरा मानता है.
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मनोविज्ञान में इसे Zeigarnik Effect कहा जाता है. इसके मुताबिक, कुछ अधूरे काम पूरे हो चुके कामों के मुकाबले ज्यादा याद रह सकते हैं.
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दिनभर मोबाइल, ऑफिस और घर के कामों में उलझे रहने से हमें सोचने का समय नहीं मिलता.
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बिस्तर पर पहुंचते ही ध्यान भटकाने वाली चीजें कम हो जाती हैं, इसलिए दिमाग पुरानी बातों की तरफ लौट सकता है.