हवाई जहाज की खिड़की में छेद क्यों होता है? वजह जान रह जाएंगे हैरान

(Photos Credit: Social Media)

हवाई जहाज में सफर करते समय आपने खिड़की के शीशे पर बना छोटा सा छेद जरूर देखा होगा.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमान की खिड़की में आखिर यह छेद क्यों होता है? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं.

विमान की खिड़की के शीशे में नीचे की तरफ एक बेहद छोटा सा छेद होता है, जिसे आमतौर पर Breather Hole या Bleed Hole कहा जाता है.

खिड़की में बना यह छोटा छेद कोई सजावट नहीं है. इसे विमान की खिड़की को सुरक्षित रखने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया जाता है.

हवाई जहाज की खिड़की सिर्फ एक शीशे की नहीं होती. इसमें कई लेयर होती हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में सुरक्षा प्रदान करती हैं.

जब विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ता है, तो बाहर का वायुदाब जमीन की तुलना में काफी कम होता है. वहीं विमान के अंदर दबाव नियंत्रित रखा जाता है.

विमान के अंदर और बाहर के दबाव में बड़ा अंतर होने के कारण खिड़की की अलग-अलग परतों पर दबाव पड़ता है.

अगर खिड़की की एक परत में कोई समस्या आए, तो बाकी मजबूत परतें यात्रियों और केबिन के दबाव को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं.

यह छोटा छेद खिड़की की परतों के बीच हवा के आवागमन में भी मदद करता है, जिससे नमी और धुंध जैसी समस्या को नियंत्रित किया जा सके.

अगर आपको खिड़की में यह छोटा छेद दिखाई दे, तो उसे किसी चीज से बंद करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

Read Next