फूल से लेकर जड़ तक, इस पौधे का हर अंग है दवा... जानिए इसके कमाल

अकरकरा के पौधे को लेकर यह आम धारणा है कि अकरकरा का पौधा विषैला और मनुष्यों के लिए खतरनाक होता है.

हम आपको बता दें कि इस पौधे की जड़ों और तनों में एमिरिन, गिग्नोटॉल और कैलोट्रोपिस जैसे यौगिकों के साथ-साथ मदार अलबान और फ्लेबल क्षार की थोड़ी मात्रा पाई जाती है.

इसके रस को इसके कड़वे, तीखे और गर्म गुणों के लिए जाना जाता है, जो कान दर्द, कृमि, बवासीर, खांसी, कब्ज, त्वचा रोग और सूजन जैसी विभिन्न बीमारियों से राहत दिला सकता है. 

पुरुषों में होने वाली पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं में लाभ के साथ ही हिचकी रोकने, लकवा रोग में इसके सेवन से लाभ मिलता है.

इसके सेवन से याददाश्त भी बढ़ती है. लगातार शरीर में बढ़ रही कमजोरी को दूरी करने के साथ ही महिलाओं में होने वाले मासिक धर्म की समस्या में बहुत ही लाभकारी होता है.

सिरदर्द से राहत, बुखार कम करना, गठिया से राहत, बवासीर का उपचार,  बालों का पुनर्विकास और त्वचा संबंधी समस्याओं का उपचार केवल इस एक पौधे से हो सकता है.

वैसे तो इस पौधे की जड़ अमृत के समान काम करती हैं.  बाजार में इसका चूर्ण और कैप्सूल भी मिल जाता हैं.

हिचकी आने पर आप एक चम्मच शहद के साथ आधा चम्मच अकरकरा पाउडर का सेवन कर सकते हैं.

कब्ज और गैस के साथ ही बदहजमी की समस्या को दूर करने के लिए प्रयोग होता है.