आंख में देखने से भी हो सकता है आई फ्लू?

लगातार बारिश, बाढ़ और वॉटरलॉगिंग की वजह से दिल्ली, मुंबई और अरुणाचल प्रदेश में आई फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं.

कंजक्टिवाइटिस की वजह से आंखों में लालिमा, खुजली और डिस्चार्ज होता है. जिससे आपको आंख खोलने में दिक्कत महसूस हो सकती है.

वायरस, बैक्टीरिया फंगस के संक्रमण की वजह से आई फ्लू होता है. हालांकि इससे आपकी आंखों की रोशनी प्रभावित नहीं होती.

लोगों का मानना है कि आई फ्लू दूसरों की आंखों में देखने भर से भी हो जाता है.

ये बात पूरी तरह से सही नहीं है. आई फ्लू संक्रमित व्यक्ति की आंखों से निकलने वाले डिस्चार्ज के सीधे संपर्क में आने से होता है.

जब आप संक्रमित व्यक्ति की आंखों के डिस्चार्ज के संपर्क में आने के बाद अपनी आंखों को छूते हैं तब ये वायरस आप तक पहुंचता है.

आई फ्लू हवा के जरिए भी फैल सकता है. जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो वायरस के कण दूसरे व्यक्ति की आंखों के संपर्क में आ सकते हैं, जिससे संक्रमण हो सकता है.

इसलिए कंजक्टिवाइटिस से संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं और उनकी चीजें चश्मा, तौलिया, तकिया आदि न छुएं.

बरसात के मौसम में अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ करते रहें.

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