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भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास की शुरुआत हो चुकी है. हम आपको बता रहे हैं कि सावन माह में देवों के देव महादेव की किस तरह पूजा करने से वह शीघ्र प्रसन्न होते हैं.
सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करें. भगवान शंकर का ध्यान करें.
सावन सोमवार पर शिवलिंग का सुबह या शाम किसी भी एक समय अभिषेक जरूर करें. शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, शहद, शक्कर और घी से करना बेहद शुभ माना जाता है.
श्रावण मास में महादेव को मनाने के लिए भगवान शिव को प्रिय लगने वाला आक, कनेर, हरसिंगार, नागकेसर आदि का पुष्प अवश्य चढ़ाएं.
आप चाहते हैं कि शिव कृपा बरसे तो आपको सावन में प्रतिदिन शिव पूजा में बेलपत्र या शमीपत्र अवश्य चढ़ाना चाहिए.
भगवान शंकर को बेलपत्र अर्पित करने से पहले यह चेक कर लें कि वह खंडित या गंदा न हो.
बेलपत्र और शमीपत्र को स्वच्छ जल से धुलने के बाद उसका वज्र भाग यानी उसकी डंठल तोड़ दें फिर उसे उलटा करके शिवलिंग या फिर शिव भगवान की मूर्ति पर चढ़ाएं.
सावन में भोले भंडारी को प्रसन्न करने के लिए शहद, दही, पंचामृत, दूध, खीर, हलवा, मालपुआ, मिश्री, मिठाई, भांग, धतूरा और मौसमी फल अर्पित करें.
यदि आप चाहते हैं कि महादेव की कृपा शीघ्र ही प्राप्त हो तो आप शिव पूजा में गंगाजल, काला तिल, भस्म, सफेद चंदन, अक्षत, कलावा, पान, लौंग, इलायची, सुपाड़ी, धूप, दीप जरूर अर्पित करें.