अगर आपने भी लौकी लगा रखी है और थक चुके हैं सब्जी के लिख खाद या बाकी सब उपाय करके?
आज हम आपको वह तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आपके बेल में भी लौकी की भरमार लग जाएगी.
लौकी में दो तरह के फूल होते हैं एक नर फूल और दूसरा मादा फूल.
दोनों के बीच pollination का प्रोसेस करना होता है.
pollination मतलब पराग की अदला-बदली, जिससे उन फूलों में भी फल आने लगते हैं जिसमें अभी तक नहीं आए हैं.
नर फूल की पहचान है कि वह केवल फूल होता है, उसमें मादा फूल की तरह कुछ नहीं लटक रहा होता.
सुबह 5 बजे से 8 बजे तक का समय सबसे सही होता है pollination यानी परागण के लिए. इसी समय फूल ताजे और उनके पोर्स खुले होते हैं.
इस प्रोसेस को करने के लिए एक नर फूल तोड़ लें, उसकी पंखुड़ियां हटाएं, अंदर के पराग को मादा फूल के बीच में हल्के से लगाएं
आप चाहें तो यह प्रोसेस ब्रश से भी कर सकते हैं. इसके लिए एक साफ छोटा ब्रश लें, नर फूल से पराग लें और मादा फूल पर धीरे-धीरे लगाएं.
भूल कर भी दोपहर या शाम में परागण न करें, गीले फूलों पर परागण न करें और फूलों को जोड़ से नहीं रगड़ें