जानें कैसे हुई भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु

भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण की लीलाओं से शायद ही कोई अंजान होगा.

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म तो जेल में हुआ लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी मृत्यु कैसे हुई? आइए जानें.

दरअसल, भगवान श्रीकृष्ण को एक श्राप मिला था. भगवान श्रीकृष्ण को यह श्राप दुर्योधन की मां गांधारी ने दिया था.

गांधारी ने दुर्योधन की मौत पर विलाप करते हुए श्रीकृष्ण से कहा था कि वह श्राप देती है कि 36 साल बाद आपकी मृत्यु हो जाएगी.

श्राप के अनुसार, एक दिन श्रीकृष्ण द्वारका नगरी में एक पेड़ के नीचे शांत मुद्रा में विराज रहे थे, तभी श्रीकृष्ण की माया से प्रेरित होकर एक शिकारी वहां आया.

शिकारी ने कृष्ण के चरण को हिरन समझ बैठा और उसने उन्हें निशाना बना कर बाण मार दिया.  

जब वह पास गया तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और वह खुद को अभागा बोलकर रोने लगा परन्तु कन्हैया ने उसे बताया की यह सब उनकी ही इच्छा से हो रहा है.

तभी बलराम वहां आए और कृष्ण के बाण लगे चरण को देख कर चिन्तित हो उठे.

उस पर श्रीकृष्ण बोले, “हे बलराम! यह केवल लीला मात्र है. आप परेशान ना हों तथा अपने वास्तविक स्वरूप को याद करें.

उस पर श्रीकृष्ण बोले, आप भूलिए मत कि आप शेषनाग के अवतार हैं. लीला समाप्ति की घड़ी आ गई है, अब आप भी बैकुण्ठ पधारें.  

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