5 May 2026
- by Amrita sinha
(Photo Credit:Unsplash)
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क्या कोई नेता दो सीटों से जीतकर दोनों के लिए शपथ ले सकता है? इसपर चुनाव आयोग और संविधान के नियम कुछ और ही कहते हैं.
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'लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' की धारा 33(7) के तहत, एक ही उम्मीदवार दो सीटों से चुनाव लड़ सकता है.
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कई बार कुछ नेता चुनाव में अपनी सुरक्षा या प्रभाव दिखाने के दो जगहों से नामांकन कर सकता है.
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जैसे शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ा था.
शुभेंदु ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की है, लेकिन वह दोनों सीटों के लिए विधायक पद की शपथ नहीं ले सकते. उन्हें कानूनन एक सीट छोड़नी ही पड़ेगी
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चुनाव परिणाम आने के 14 दिनों के भीतर शुभेंदु को लिखित में बताना होगा कि वह कौन सी सीट अपने पास रखना चाहते हैं. ऐसा न करने पर उसकी दोनों सीटें खतरे में पड़ सकती हैं.
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शपथ केवल उस एक सीट के लिए ली जाती है, जिसे विधायक ने अपने पास रखने का फैसला किया है. जो सीट छोड़ी जाती है, उसके लिए कभी शपथ नहीं होती.
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विधायक द्वारा छोड़ी गई सीट को 'रिक्त' (Vacant) घोषित कर दिया जाएगा और उस सीट पर अगले 6 महीनों के भीतर 'उपचुनाव' (By-election) EC को करवाना होगा.
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नियमित रूप से दो बार शपथ लेना संभव नहीं है. क्योंकि एक व्यक्ति एक ही समय में दो निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता, इसलिए दो शपथ का सवाल ही नहीं उठता.