22 June 2026
- by Good News Today
(Photo Credit: Social media / Unsplash)
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मेट्रो सिटी में अपना घर होना आज भी कई लोगों का सपना है. लेकिन इस सपने के साथ लंबी EMI की जिम्मेदारी भी आती है.
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दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में घरों की कीमत काफी ज्यादा है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग होम लोन का सहारा लेते हैं.
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अपना घर होने से बार-बार शिफ्ट होने की परेशानी नहीं रहती. साथ ही भविष्य के लिए एक बड़ी संपत्ति भी बन जाती है.
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50 लाख रुपये के लोन की EMI आमतौर पर 20 से 25 साल तक चल सकती है. डाउन पेमेंट ज्यादा हो तो अवधि कुछ कम हो सकती है.
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1 करोड़ रुपये के घर के लिए कई लोग 25 से 30 साल तक EMI भरते हैं. महंगे शहरों में यह सबसे आम लोन अवधि मानी जाती है.
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EMI जितनी लंबी होगी, कुल ब्याज उतना ज्यादा देना पड़ेगा. इसलिए कई लोग बीच-बीच में प्री-पेमेंट भी करते हैं.
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50 से 60 लाख रुपये का घर खरीदने के लिए कम से कम 1 लाख रुपये मासिक आय बेहतर मानी जाती है. इससे EMI और बाकी खर्च दोनों आसानी से संभाले जा सकते हैं.
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1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा कीमत के घर के लिए 1.5 से 2 लाख रुपये मासिक आय सुरक्षित मानी जाती है.
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अगर किसी शहर में कुछ साल ही रहना है तो किराए पर रहना बेहतर हो सकता है. इससे भारी डाउन पेमेंट और लंबे लोन से बचा जा सकता है.
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अगर लंबे समय तक उसी शहर में बसने का प्लान है तो घर खरीदना फायदे का सौदा है. समय के साथ प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने का फायदा भी मिल सकता है.