तीन नहीं 6 तरह के होले हैं रेलवे स्टेशन, क्या आप जानते थे?

28 July 2026

- by Good News Today

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6 तरह के होते हैं स्टेशन

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भारत में हर रेलवे स्टेशन का दर्जा एक जैसा नहीं होता. रेलवे इनके काम और बनावट के आधार पर अलग-अलग प्रकार तय करता है.

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हर स्टेशन का उद्देश्य अलग होता है. कहीं ट्रेनें शुरू होती हैं, कहीं खत्म होती हैं और कहीं सिर्फ रुककर आगे बढ़ती हैं.

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रेलवे ट्रैक की दिशा, ट्रेनों के संचालन और सुविधाओं के आधार पर स्टेशन का प्रकार तय करता है. इसलिए हर स्टेशन का अपना अलग महत्व होता है.

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भारतीय रेलवे में मुख्य रूप से जंक्शन, सेंट्रल, टर्मिनल (टर्मिनस), कैंटोनमेंट, रोड और हॉल्ट स्टेशन होते हैं. आइए जानते हैं इनकी खासियत.

जंक्शन स्टेशन

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जंक्शन वह स्टेशन होता है, जहां से तीन या उससे अधिक रेल मार्ग निकलते हैं. यहां से यात्री अलग-अलग दिशाओं में ट्रेन बदल सकते हैं.

सेंट्रल स्टेशन

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यह किसी बड़े शहर का मुख्य रेलवे स्टेशन होता है. यहां से लंबी दूरी और कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन होता है.

टर्मिनल /टर्मिनस स्टेशन 

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यह रेलवे लाइन का आखिरी स्टेशन होता है. यहां पहुंचने के बाद ट्रेन आगे नहीं जाती और वापस उसी दिशा में लौटती है.

कैंटोनमेंट या छावनी स्टेशन

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ये स्टेशन सेना की छावनी वाले क्षेत्रों के पास बनाए जाते हैं. इनका इस्तेमाल आम यात्रियों के साथ-साथ सैन्य जरूरतों के लिए भी होता है.

रोड स्टेशन 

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रोड स्टेशन किसी शहर या कस्बे के मुख्य इलाके से कुछ दूरी पर बनाया जाता है. इसका नाम अकसर उस शहर या सड़क के नाम पर रखा जाता है.

हॉल्ट स्टेशन

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हॉल्ट छोटे स्टेशन होते हैं, जहां कुछ चुनिंदा ट्रेनें ही रुकती हैं. यहां सुविधाएं सीमित होती हैं और स्टाफ भी कम होता है.

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