इस साल शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है. नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है.
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है.
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है.
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है. इस दिन माता चंद्रघंटा की पूजा लाल फूलों से करनी चाहिए.
नवरात्रि की चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है. मां के इस स्वरूप की पूजा करने से बुद्धि, वाणी और प्रखरता की शक्ति मिलती है.
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है. माता के इस स्वरूप की पूजा करने से संतान संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं.
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण इनका नाम कात्यायनी रखा गया.
नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा होती है. मां कालरात्रि की पूजा करने से रोग, शोक और बाधाओं का नाश होता है.
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है. माता के इस स्वरूप की पूजा करने से मनचाहे विवाह और सुखद वैवाहिक जीवन का वरदान मिलता है.
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है. मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली देवी हैं.