क्यों ज्यादातर जवानों के पास होती है ये गन

(Photos: Pixabay/Pexels)

ज्यादातर सेना के जवानों के पास यही गन देखने को मिलती है. इसके पीछे का कारण है इस गन की खूबियां.

चलिए बतातें हैं इस बंदूक की खूबियां आपको भी.

AK-47 राइफल में एक बार में 30 गोलियां भर सकते हैं.

इस बदूंक की नली से गोली छूटने की रफ्तार 710 मीटर प्रति सेकंड होती है.

इस बंदूक से एक सेकंड में 6 गोली निकलती हैं, यानी एक मिनट में लगभग 600 राउंड फायर.

AK-47 राइफल एक अकेली ऐसी राइफल है जो पानी, मिट्टी या रेत किसी भी वातावरण में काम कर सकती है.

AK-47 300 मीटर की दूरी तक अचूक निशाना लगा सकती है. अगर शूटर अच्छा हो तो इससे 800 मीटर तक की दूरी पर भी निशाना लगाया जा सकता है.

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