01 August 2026
- by Good News Today
(Photo Credit: unsplash)
पुराने फीचर फोन और कई शुरुआती स्मार्टफोन में बैटरी निकालकर नई बैटरी लगाई जा सकती थी. इससे फोन तुरंत फिर से चालू हो जाता था.
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आज के स्मार्टफोन पहले से ज्यादा स्लिम, मजबूत और आकर्षक होते हैं. नॉन-रिमूवेबल बैटरी की वजह से कंपनियां बेहतर डिजाइन तैयार कर पाती हैं.
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आज ज्यादातर फोन में मेटल और ग्लास का इस्तेमाल होता है. अगर बैक कवर बार-बार खुलने वाला हो, तो इतनी मजबूत और टिकाऊ बॉडी बनाना मुश्किल हो जाता है.
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हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा, बड़ी बैटरी, वायरलेस चार्जिंग और पतला डिजाइन जैसे फीचर्स को एक साथ फिट करने में सील्ड बैटरी काफी मदद करती है.
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पहले चोर बैटरी निकालकर फोन तुरंत बंद कर देते थे. इससे लोकेशन ट्रैकिंग भी बंद हो जाती थी. अब बैटरी आसानी से नहीं निकलती, इसलिए ट्रैकिंग फीचर ज्यादा समय तक काम करता रहता है.
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Find My Device जैसे फीचर नॉन-रिमूवेबल बैटरी वाले फोन में ज्यादा असरदार साबित होते हैं. इससे खोया या चोरी हुआ फोन ढूंढने की संभावना बढ़ जाती है.
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आज कई स्मार्टफोन IP67 और IP68 जैसी वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंस रेटिंग के साथ आते हैं. सील्ड डिजाइन की वजह से पानी और धूल अंदर जाने का खतरा कम हो जाता है.
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जब फोन पूरी तरह सील रहता है, तो उसके अंदर धूल और नमी कम पहुंचती है. इससे कई अंदरूनी पार्ट्स लंबे समय तक सही तरीके से काम कर सकते हैं.
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नॉन-रिमूवेबल बैटरी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि खराब होने पर यूजर खुद बैटरी नहीं बदल सकता. इसके लिए सर्विस सेंटर जाना पड़ता है.
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फिलहाल ज्यादातर कंपनियां नॉन-रिमूवेबल बैटरी वाले फोन ही बना रही हैं. साथ ही तकनीक के चलते चांस यही है कि ज्यादातक फोन इसी तरह की बैटरी के साथ आएंगे.
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