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भारतीय परंपरा में शादीशुदा महिलाओं के लिए बिछिया पहनना सुहाग की निशानी माना जाता है.
पैरों की उंगलियों में पहनी जाने वाली बिछिया सिर्फ गहना नहीं, बल्कि इससे कई धार्मिक मान्यताएं और पुरानी परंपराएं भी जुड़ी हैं.
आइए जानते हैं कि सुहागिन महिलाएं बिछिया क्यों पहनती हैं.
हिंदू परंपरा में बिछिया को शादीशुदा महिला के सुहाग और वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है.
कई समुदायों में विवाह के दौरान दूल्हा दुल्हन को बिछिया पहनाता है. इसे शादी की खास रस्म माना जाता है.
बिछिया आमतौर पर चांदी की बनाई जाती है. भारतीय परंपरा में पैरों में चांदी के गहने पहनना शुभ माना जाता है.
बिछिया को कई परंपराओं में सुहागिन महिलाओं के सोलह श्रृंगार में शामिल किया जाता है.
कुछ धार्मिक मान्यताओं में बिछिया पहनने को पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन से जोड़ा जाता है.
बिछिया पैरों की खूबसूरती बढ़ाती है. आज भी कई महिलाएं इसे अपनी संस्कृति, पसंद और पारिवारिक परंपरा के लिए पहनती हैं.