जानें क्यों होता है प्लेन क्रैश

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हवाई जहाज दुनिया के सबसे सुरक्षित यातायात में से एक है. लेकिन जब तकनीक, मौसम या मानवीय चूक एक साथ आती है, तो हादसे की संभावना बनती है.

साइंस क्या कहता है? विज्ञान के अनुसार, प्लेन क्रैश किसी एक वजह से नहीं होते. अकसर कई तकनीकी और मानवीय कारण मिलकर दुर्घटना को बड़ा रूप बना देते हैं.

इंजन फेलियर अगर उड़ान के दौरान इंजन में तकनीकी खराबी आ जाए, तो विमान का संतुलन बिगड़ सकता है. हालांकि आधुनिक विमानों में एक इंजन फेल होने पर भी उड़ान संभव होती है.

खराब मौसम तेज तूफान, भारी बारिश, बर्फबारी या तेज हवा विमान की उड़ान को प्रभावित करती है. खासतौर पर टेकऑफ और लैंडिंग के समय मौसम सबसे बड़ा खतरा होता है.

मानवीय गलती पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल या ग्राउंड स्टाफ की छोटी सी गलती भी बड़ा हादसा बना सकती है. अधिकतर मामलों में उड़ान के वक्त लिया गया गलत फैसला हादसे की बड़ी वजह बन सकता है.

तकनीकी खराबी फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, सेंसर या सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कई बार दुर्घटना की वजह होती है. इसलिए विमानों की नियमित तकनीकी जांच जरूरी होता है.

एयर ट्रैफिक कंट्रोल की चूक गलत निर्देश, रडार की समस्या या संचार में बाधा विमान को खतरे में डाल सकती है. वहीं एक ही हवाई क्षेत्र में कई विमानों की उड़ान भी जोखिम बढ़ा देती है.

बर्ड हिट और बाहरी टक्कर कई बार ड्रोन या बर्ड के टकराव भी प्लेन की उड़ान को बाधित कर सकते है. इनका प्लेन से टकराना बड़े हादसे को न्योता दे सकता है.