व्रत में सेंधा नमक क्यों खाते हैं? जान लें सही जवाब

(Photos Credit: Social Media)

नवरात्रि हो या कोई दूसरा व्रत, इस दौरान खाने में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल किया जाता है. 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्रत में सेंधा नमक खाने की परंपरा क्यों है और इसके पीछे धार्मिक मान्यता के साथ क्या वजह जुड़ी है? आइए जानते हैं.

सेंधा नमक को रॉक सॉल्ट भी कहा जाता है. यह प्राकृतिक रूप से मिलने वाला नमक है, जबकि आम टेबल सॉल्ट को अक्सर रिफाइन करके उसमें आयोडीन मिलाया जाता है.

व्रत में आलू की सब्जी, कुट्टू की पूड़ी, साबूदाने की खिचड़ी और फलाहारी टिक्की जैसी चीजों में सेंधा नमक डाला जाता है. इससे खाने का स्वाद बढ़ता है.

कई धार्मिक परंपराओं में सेंधा नमक को व्रत के भोजन के लिए उपयुक्त माना जाता है.

व्रत में सीमित चीजें खाने के कारण एक जैसा भोजन बोरिंग लग सकता है. ऐसे में सेंधा नमक फलाहारी पकवानों का स्वाद बढ़ाने में मदद करता है.

सेंधा नमक को आम नमक से ज्यादा सेहतमंद मानना सही नहीं है. दोनों में सोडियम होता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. 

सेंधा नमक में आमतौर पर आयोडीन नहीं मिलाया जाता, इसलिए रोजमर्रा के खाने में आयोडीन युक्त नमक का महत्व बना रहता है.

हालांकि, इसके नियम अलग-अलग परिवारों और व्रत की परंपराओं के अनुसार बदल सकते हैं.

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