1 दर्जन में 12 क्यों होते  हैं?

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क्या आपने कभी सोचा है कि 1 दर्जन में हमेशा 12 ही क्यों होते हैं? इस सवाल के पीछे मज़ेदार इतिहास और गणितीय कारण छिपे हैं.

दर्जन शब्द का इस्तेमाल गिनती को आसान बनाने के लिए हुआ है. पुराने समय में लोग बड़ी संख्या याद नहीं रख पाते थे इसलिए ग्रुप बनाते थे.

एक दर्जन में 12 ही क्यों होते हैं? आइए इस बारे में जानते हैं.

12 एक ऐसा नंबर है जो गणित में बहुत उपयोगी है क्योंकि 12 को 2, 3, 4 और 6 से आसानी से बांटा जा सकता है.

इस गुण के कारण 12 का इस्तेमाल व्यापार और लेन-देन में किया जाने लगा. गिनती को छोटे हिस्सों में बांटना आसान हो गया है.

प्राचीन रोम और मिस्र की सभ्यताओं में भी 12 का खास महत्व था. वे समय, कैलेंडर और माप में 12 का उपयोग करते थे.

दिन और रात को 12-12 हिस्सों में बांटा गया है इसीलिए हमारी घड़ी में भी 12 घंटे का चक्र होता है.

एक साल में 12 महीने होते हैं. यह भी 12 को विशेष अंक बनाने का बड़ा कारण है.

बाजार में सामान बेचते समय गिनती आसान करने के लिए "दर्जन" का चलन शुरू हुआ. इससे ग्राहक और व्यापारी दोनों को सुविधा होती थी.

12 अंडे, 12 केले या 12 संतरे को एक दर्जन कहना काफी आसान था. इससे हिसाब-किताब जल्दी हो जाता था.

यूरोप में यह परंपरा इतनी प्रचलित हुई कि पूरी दुनिया में फैल गई. भारत में भी अंग्रेजों के ज़माने में "दर्जन" आम बोलचाल का हिस्सा बन गया.

नोट- यहां बताई गईं सभी जानकारी सामान्य जानकारी पर आधारित है. Gnttv.com इसकी पुष्टि नहीं करता है.