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मजार-ए-शरीफ के पास चार महिला अधिकार कार्यकर्ताओं के शव बरामद, गोलियों से छलनी था शरीर

अफगानिस्तान में ताबिलानी हुकूमत के आने के बाद एक्टिविस्टों का गला घोंटा जा रहा है. शुक्रवार को चार महिला अधिकार कार्यकर्ताओं के शव बरामद किए गए. इसमें एक महिला की पहचान हो सकी है.

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फ्रोजन साफी फ्रोजन साफी
हाइलाइट्स
  • एक महिला की पहचान की गई है

  • वह विदेश जाने के लिए तीन महिलाओं के साथ निकली थी

  • 2 घंटे बाद ही परिवार से टूट गया था संपर्क

काबुल: तालिबान हुकूमत के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शनों में भाग लेने वाली चार अफगान महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का शव मजार-ए-शरीफ के पास से बरामद किया गया है. चारों महिलाओं का शरीर गोलियों से छलनी था और खून से लथपथ था. चारों महिला अधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या कर यह चेतावनी दी गई है कि उनका शिकार किया जा रहा है.

एक महिला की हुई पहचान
चारों मृतकों में एक महिला की पहचान हो सकी है. बाकी तीन महिलाओं के बारे में कुछ पता नहीं लग सका है. इसमें एक महिला का नाम फ्रोजान साफी(30) है. फ्रोजान उत्तरी अफगान प्रांत के एक निजी विश्वविद्यालय में लेक्चरर थीं. उनके पिता अब्दुल रहमान सफी ने पत्रकारों को बताया कि वह 10 दिन पहले तीन महिलाओं के साथ घर से निकली थी.

विदेश जाने की बात कहकर घर से निकली थी साफी
साफी के पिता के मुताबिक उन्हें एक कॉल आया था जिसके बाद वह दस्तावेजों के साथ घर से निकल गई थी. साफी ने अपने परिजनों को यह बताया था कि वह मानवाधिकार संगठन की मदद से विदेश जा रही हैं. साफी के निकलने के दो घंटे बाद परिवार वालों का उनसे संपर्क टूट गया था. इसके बाद संपर्क नहीं हो सका. उसके पिता ने बताया कि जैसे ही इस तरह की घटना की जानकारी मिली हमलोग शहर के सेंट्रल अस्पताल पहुंचे. वहां देखा तो बेटी मृत पड़ी थी और शरीर गोलियों से छलनी था.