दिसंबर का महीना मेष राशि वालों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है. महीने की शुरुआत में काम का दबाव रहेगा और नौकरीपेशा लोगों को भागदौड़ करनी पड़ सकती है. बिजनेस करने वालों के लिए यह समय फलदायक रहेगा, खासकर महीने का पहला हिस्सा अच्छा रहेगा. छात्रों को पढ़ाई में चुनौतियां मिलेंगी, क्योंकि पूरे महीने पंचम भाव में केतु बैठे रहेंगे. इसके बावजूद गहरी पढ़ाई की ओर रुझान बढ़ेगा.
प्यार के मामले में भी यह महीना पहले आधा मुश्किल, बाद का आधा बेहतर दिख रहा है. शादीशुदा लोगों के लिए शुरुआत बढ़िया रहेगी, लेकिन बाद में थोड़ी खटपट संभव है. स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों ही पक्षों में सावधानी बेहद जरूरी रहेगी.
काम का दबाव बढ़ेगा, विदेश यात्रा का भी योग
करियर की दृष्टि से यह महीना बेहद व्यस्त रहने वाला है. पूरे महीने शनि आपकी बारहवीं भाव में रहकर काम का दबाव बढ़ाएंगे. नौकरी से जुड़ी यात्राएं संभव हैं. इन यात्राओं से आपको नए अनुभव और अवसर मिलेंगे. महीने की 6 तारीख तक कार्यस्थल का वातावरण स्थिर रहेगा. लेकिन 6 के बाद बुध के अष्टम भाव में आने से चुनौतियां बढ़ेंगी और सहकर्मियों से मतभेद भी हो सकते हैं.
बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय बेहद अच्छा है. महीने की शुरुआत में बुध का सप्तम भाव में होना निर्णय क्षमता को मजबूत करेगा. 4 दिसंबर को बृहस्पति तृतीय भाव में पहुंचकर व्यापारिक साझेदारियों में लाभ दिलाएंगे.
खर्च बढ़ेंगे, लाभ धीरे-धीरे मिलेगा
आर्थिक स्थिति इस महीने थोड़ी डगमगा सकती है. शुरुआत में सूर्य, मंगल और शुक्र अष्टम भाव में रहकर अचानक खर्च बढ़ा सकते हैं. शनि पूरे महीने व्यय भाव में रहकर आपके खर्चों पर दबाव बनाए रखेंगे. हालांकि, 4 दिसंबर के बाद बृहस्पति के तृतीय भाव में आने से आय धीरे-धीरे बढ़ेगी. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और इससे अच्छा पुण्यफल भी मिलेगा. महीने के मध्य के बाद ग्रहों के बदलते ही वित्तीय स्थिति में सुधार शुरू होगा. खासकर 20 दिसंबर के बाद शुक्र नवम भाव में पहुँचकर भाग्य मजबूत करेंगे और धन प्राप्ति के योग बढ़ेंगे.
पेट, आंखों और त्वचा की दिक्कतें परेशान कर सकती हैं
स्वास्थ्य के मामले में यह महीना थोड़ा कमजोर दिख रहा है. मंगल, सूर्य और शुक्र का महीने की शुरुआत में अष्टम भाव में रहना पेट की परेशानी, स्किन एलर्जी, अनिद्रा और चोट-चपेट का खतरा बढ़ाता है. हफ्ते दर हफ्ते ग्रहों के बदलने से राहत मिलेगी. 7 के बाद मंगल, 16 के बाद सूर्य और 20 के बाद शुक्र के नवम भाव में जाने से स्वास्थ्य बेहतर होने लगेगा. फिर भी नींद की कमी और पेट की समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी है.
गलतफहमियां दूर होंगी
प्यार के मामलों में केतु की वजह से शुरुआती महीने में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. सूर्य और मंगल का प्रेम भाव पर असर भी तनाव बढ़ाएगा. लेकिन 7 दिसंबर से हालात सुधरने शुरू होंगे. 20 दिसंबर के बाद प्रेम संबंधों में फिर से मिठास लौटेगी. शादीशुदा लोगों के लिए शुरुआत अनुकूल है, लेकिन ससुराल पक्ष की दखल से तनाव पैदा हो सकता है.
बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा, घर में शुभ कार्य के योग
परिवारिक जीवन इस महीने सामान्य से अच्छा रहेगा. परिजनों के बीच सामंजस्य बढ़ेगा. 7 दिसंबर के बाद भाई-बहन का सहयोग मिलेगा और 20 के बाद शुक्र के नवम भाव में जाने से परिवार की आर्थिक स्थिति और संबंध दोनों बेहतर होंगे.