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फैक्ट चेक

Fact Check: लंदन में CEC के विरोध में पाकिस्तानी झंडे और जंतर-मंतर पर भीड़ का सच जानिए

24 अक्टूबर 2026

Fact Check | सोशल मीडिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े दो अलग-अलग वीडियो भ्रामक दावों के साथ वायरल हो रहे हैं. पहले दावे में कहा गया कि लंदन में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन में पाकिस्तानी झंडे लहराए गए. जांच में सामने आया कि यह वीडियो 15 अगस्त को लंदन के पिकाडिली सर्कस पर आयोजित भारत-पाकिस्तान के संयुक्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का था, जिसे भ्रामक दावे से जोड़ा गया. दूसरे दावे में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी भीड़ जुटने की बात कही गई. पड़ताल में पता चला कि वीडियो में दिख रहा बोर्ड और पुलिस बैच मध्य प्रदेश का है. यह वीडियो जुलाई 2026 में भोपाल में मूंग खरीद और खाद वितरण को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में हुए किसानों के प्रदर्शन का है. फैक्ट चेक में दोनों ही दावे पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं.

BJP प्रवक्ता आशुतोष रांका की पिटाई और फ्रांस पुलिस से जुड़े वायरल दावों की सच्चाई

23 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ वायरल हो रहे दो प्रमुख वीडियो की गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की है. पहले मामले में दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका की पिटाई कर दी. पड़ताल में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला. असल में यह वीडियो मुंबई के मीरा रोड स्थित एक क्विक कॉमर्स स्टोर का है, जहां महिला कर्मचारियों से छेड़छाड़ के आरोप में मनसे कार्यकर्ताओं ने स्टोर मैनेजर जय पाठक की पिटाई की थी. वहीं दूसरे मामले में एक वीडियो को फ्रांस में प्रदर्शन के दौरान पुलिस के संयम का बताकर भारतीय पुलिस पर तंज कसा जा रहा था. जांच में सामने आया कि यह वीडियो फ्रांस का नहीं, बल्कि सितंबर 2025 में इंडोनेशिया के मेदान में हुए हिंसक प्रदर्शन का है. इसके अलावा बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल अन्य प्रेरक और रोचक पलों को भी दिखाया गया.

दिल्ली तिरंगा मार्च और अंबाला हाईवे लाठीचार्ज के दावों का सच, देखें फैक्ट चेक

22 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ शेयर किए जा रहे दो अलग-अलग वीडियो की पड़ताल की गई है. पहले मामले में 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेंट्रल पार्क में कांग्रेस जनता पार्टी द्वारा निकाले गए तिरंगा मार्च के नाम पर एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें बस पर तिरंगा लिए लोग दिख रहे हैं. पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि 19 अगस्त 2026 को पटना में राष्ट्रीय जनता दल द्वारा निकाले गए राजभवन मार्च का है, जहां तेजस्वी यादव को हिरासत में लिया गया था. दूसरे मामले में पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद अंबाला हाईवे पर पुलिस द्वारा गोलियां और आंसू गैस के गोले चलाने का दावा किया गया. जांच में यह दावा भी पूरी तरह गलत साबित हुआ. यह वीडियो अगस्त 2026 में पंजोखरा साहिब विवाद के बाद अंबाला हाईवे पर लगे जाम को हटाने के दौरान हुई पुलिस झड़प का है, जिसका परविंदर सिंह हत्याकांड या पंजाब बंद से कोई संबंध नहीं है.

दिल्ली प्रदर्शन में पुलिस वर्दी, सऊदी अरामको तेल डिपो में आग?

21 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल इस विशेष रिपोर्ट में की गई है. पहले मामले में दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान गुंडों के लिए फर्जी पुलिस वर्दी लाने का दावा किया गया. जांच में सामने आया कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का है, जहां नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को वर्दी बांटी जा रही थी. दूसरे मामले में दावा किया गया कि यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और तेल भंडारों पर हमला कर भीषण आग लगा दी. पड़ताल में यह दावा भी भ्रामक पाया गया. वायरल वीडियो सितंबर 2026 की किसी हालिया घटना का नहीं, बल्कि मार्च 2022 का है, जब जेद्दा स्थित सऊदी अरामको के भंडारण संयंत्र को निशाना बनाया गया था.

जंतर-मंतर पर BJP प्रदर्शन और राहुल गांधी की विदेशी फंडिंग के दावों की पड़ताल

19 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई है. पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदर्शन के दौरान भारी भीड़ उमड़ी. पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि जुलाई 2026 में मध्य प्रदेश के भोपाल में मूंग की MSP पर शत-प्रतिशत खरीद और खाद वितरण सुधार को लेकर हुए किसानों के प्रदर्शन का है. दूसरे दावे में एक कथित अखबार के स्क्रीनशॉट के जरिए आरोप लगाया गया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को देश का माहौल खराब करने के लिए चीन और अमेरिका से 17 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली. पड़ताल में किसी भी मुख्यधारा मीडिया या अखबार में ऐसी खबर नहीं मिली और जांच टूल से पुष्टि हुई कि वायरल स्क्रीनशॉट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार की गई एक फर्जी रिपोर्ट है.

दिल्ली मेट्रो में तोड़फोड़ और बंगाल में भीम आर्मी रैली के दावों का फैक्ट चेक

16 अक्टूबर 2026

Fact Check | सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई है. पहले दावे में यह कहा गया कि दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने दिल्ली मेट्रो के गेट को तोड़ दिया. जांच में सामने आया कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रों द्वारा की गई तोड़फोड़ का है. वहीं दूसरे वायरल दावे में कहा गया कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलते ही भीम आर्मी ने हाल ही में बड़ी संविधान बचाओ यात्रा निकाली. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो हाल का नहीं बल्कि अक्टूबर 2023 का है, जब भीम आर्मी ने सर्कस पार्क से मौलाली तक संविधान बचाओ यात्रा निकाली थी. दोनों ही वायरल दावे भ्रामक और गलत साबित हुए.

दिल्ली में सड़क पर कचरा और मालगाड़ी पर भीड़ के वायरल वीडियो का सच

15 अक्टूबर 2026

Fact Check | सोशल मीडिया पर दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर वायरल हो रहे दो वीडियो की पड़ताल की गई है. पहले दावे में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली में CJP के आंदोलन को बदनाम करने के लिए सड़क पर कचरा फैलाया जा रहा है. जांच में सामने आया कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि हरियाणा के पानीपत का है, जहां 17 अगस्त 2026 को नगर निगम सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते हुए सड़क पर कूड़ा उड़ेला था. वहीं दूसरे दावे में ट्रेनें रद्द होने के बाद यात्रियों द्वारा मालगाड़ी की छत पर सफर करने का वीडियो दिल्ली प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया गया. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो भारत का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है, जिसे 'रेल एंड रोड बांग्लादेश' द्वारा सितंबर 2026 में जोखिम भरे सफर के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया था.

दिल्ली प्रदर्शन का दावा गलत, सीमापुरी हादसा वीडियो AI जनरेटेड: Fact Check

14 अक्टूबर 2026

Fact Check | सोशल मीडिया पर दिल्ली में प्रदर्शन के कारण रेलवे स्टेशन पर भीषण जाम लगने का दावा करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ. गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने जांच में पाया कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन का है, जो जुलाई 2026 में नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ा पुराना वीडियो है. इसके अलावा, दिल्ली के सीमापुरी में इमारत गिरने की घटना से जोड़कर वायरल किए गए एक सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की गई. जांच में टाइमर में गड़बड़ी और मोशन की खामियां मिलीं. सिंथआईडी और एनवीडिया सिंथेटिक वीडियो डिटेक्टर से जांच करने पर वीडियो के एआई जनरेटेड होने की पुष्टि हुई. सीमापुरी में हादसा सच था लेकिन वायरल वीडियो फर्जी निकला.

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और रियाद एयरपोर्ट पर हमले के वायरल वीडियो का सच

13 अक्टूबर 2026

Fact Check | सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख वीडियो की पड़ताल की गई है. पहले वीडियो में दावा किया जा रहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बाद दिल्ली की सड़कों पर जनता डटी हुई है. जांच में सामने आया कि यह वीडियो दिल्ली के वजीराबाद स्थित दिल्ली पुलिस अकादमी का है, जहां कांस्टेबल भर्ती के फिजिकल टेस्ट के लिए अभ्यर्थी पहुंचे थे. वहीं दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि यह सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए हूती मिसाइल हमले का असली फुटेज है. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो वर्ष 2016 की एक पुरानी स्टॉक तस्वीर का इस्तेमाल करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है.

Fact Check: प्रेमानंद महाराज के रोने और नाना पाटेकर की अंतिम यात्रा के वायरल वीडियो का सच

12 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे भ्रामक दावों की पड़ताल के तहत दो वायरल वीडियो का सच सामने रखा गया. पहले मामले में दावा किया गया कि शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद संत प्रेमानंद महाराज फूट-फूटकर रोने लगे. जांच में सामने आया कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 1 मार्च 2026 के एक प्रवचन का पुराना अंश है, जिसका हालिया घटना से संबंध नहीं है. दूसरे मामले में दावा किया गया कि एक वीडियो में अभिनेता नाना पाटेकर की अंतिम यात्रा दिखाई दे रही है. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो नाना पाटेकर का नहीं, बल्कि 25 सितंबर को मुंबई में सुपुर्द-ए-खाक किए गए अभिनेता मुश्ताक खान के जनाजे का है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर पसंद किए जा रहे कई अन्य रोचक और भावुक वीडियो भी प्रस्तुत किए गए.

Fact Check: सोशल मीडिया पर वायरल 3 फर्जी दावों की खुली पोल, जांच में सामने आया पूरा सच

10 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनकी पड़ताल की गई. पहला दावा मुंबई के शिवाजी पार्क में चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन से जुड़ा था, लेकिन पड़ताल में यह वीडियो भोपाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध में हुई असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा का निकला. दूसरा दावा फुटबॉलर लियोनल मेसी के विदाई मैच के दौरान अर्जेंटीना में उमड़ी भीड़ को लेकर किया गया, जबकि जांच में यह वीडियो दिसंबर 2022 में फीफा वर्ल्ड कप जीत के जश्न का साबित हुआ. तीसरा वीडियो मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद को गिराए जाने को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प का बताया गया. हालांकि जांच में वर्दी पर यूपी पुलिस का प्रतीक चिन्ह और दुकानों के बोर्ड दिखने पर साफ हुआ कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के लखनऊ के चौक इलाके का है और कम से कम जुलाई से इंटरनेट पर मौजूद है.

मुंबई में SIR विरोध में लहराया बांग्लादेशी झंडा? जानिए सच्चाई

09 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल दावों की पड़ताल में मुंबई में एसआईआर के विरोध प्रदर्शन और फ्लाईदुबई विमान की घटना से जुड़े वीडियो का सच सामने आया है. पड़ताल के अनुसार, मुंबई के विरार में बांग्लादेशी झंडे लहराने वाला वीडियो किसी फिल्म की शूटिंग का है, जिसका एसआईआर प्रक्रिया या चुनाव आयोग के विरोध से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं फ्लाईदुबई विमान हमले से जोड़कर वायरल किए गए वीडियो में दो अलग-अलग क्लिप्स जोड़ी गई हैं. इसका पहला हिस्सा फरवरी 2024 में एमिरेट्स की फ्लाइट में नशे में धुत यात्री द्वारा की गई हिंसा का पुराना फुटेज है, जबकि दूसरा हिस्सा 30 सितंबर की फ्लाईदुबई घटना से संबंधित है. इसके अलावा बुलेटिन में थाईलैंड की रानी द्वारा ग्रिपेन लड़ाकू विमान उड़ाने और कनाडा की डोना जीन वाइल्ड द्वारा पांच घंटे तक प्लैंक कर बनाए गए वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी जानकारी दी गई है.

महिला पुलिस झड़प का रोहिणी वीडियो, फ्रांस आगजनी का पुराना सच और लद्दाख से मां का जज्बा

08 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों की पड़ताल में दो प्रमुख वीडियो का सच सामने आया है. पहले मामले में महिला और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई के वीडियो को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा था. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो दिल्ली के रोहिणी स्थित बुध विहार का है, जहां एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. दूसरे मामले में सड़क पर आगजनी और उत्पात के वीडियो को फ्रांस के हालिया छात्र प्रदर्शन से जोड़ा गया. जांच से स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो फ्रांस के पेरिस में 28 नवंबर 2020 को पुलिस हिंसा और सुरक्षा कानून के खिलाफ हुए पुराने प्रदर्शन का है. इसके अलावा लद्दाख में पीठ पर बच्चे को बांधकर पेट्रोल पंप पर काम करती महिला, लाठी कलाबाजी करते बच्चे, दीवार पर चढ़ते नन्हे बच्चे और भारतीय सेना के जवान की घर वापसी जैसे प्रेरक व सकारात्मक वीडियो भी शामिल हैं.

अभिजीत दीपके पर हमले का सच, Flydubai Flight और Denver विमान हादसे का फैक्ट चेक

07 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों की पड़ताल करते हुए दो प्रमुख मामलों की सच्चाई सामने रखी गई है. पहले मामले में दावा किया गया कि मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारा गया. जांच में यह दावा भ्रामक पाया गया, क्योंकि यह वीडियो 15 जून 2026 को राजस्थान के जयपुर में शहीद स्मारक पर हुए विरोध प्रदर्शन का है. दूसरे मामले में दावा किया गया कि यह वीडियो फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 की इमरजेंसी लैंडिंग का है. पड़ताल में यह दावा भी झूठा साबित हुआ, क्योंकि यह वीडियो जुलाई 2025 का है, जब अमेरिका के डेनवर में अमेरिकन एयरलाइंस के विमान के लैंडिंग गियर में आग लगने के बाद यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड से सुरक्षित निकाला गया था.

Fact Check: CEC के खिलाफ प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और उज्जैन मस्जिद विवाद के वीडियो का सच

06 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में पुलिस लाठीचार्ज का दावा करता एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ. पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो जुलाई 2026 में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन का है, जिसे गलत संदर्भ में शेयर किया गया. वहीं, एक अन्य वीडियो में दावा किया गया कि मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद गिराने के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई. जांच में पाया गया कि वीडियो में दुकानों के बोर्ड और पुलिस की वर्दी पर मौजूद उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रतीक चिन्ह लखनऊ के चौक इलाके से जुड़े हैं, जो जुलाई से इंटरनेट पर उपलब्ध हैं. दोनों ही वायरल दावे पूरी तरह भ्रामक साबित हुए. इसके अलावा बुलेटिन में कई मानवीय और प्रेरणादायक वायरल वीडियो की भी चर्चा की गई.

Fact Check: बैंकों में 5-Day Working और Rapido राइडर विवाद के वायरल दावों का सच

05 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर सरकारी बैंकों में हर शनिवार अवकाश और पांच कार्य दिवस लागू होने के दावे वाला एक गजट नोटिफिकेशन तेजी से वायरल हो रहा है. जांच में यह अधिसूचना पूरी तरह फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार की गई साबित हुई है. प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक इकाई ने भी साफ किया कि वित्त मंत्रालय ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है. इसके अलावा बाइक राइड पूरी होने के बाद किराए को लेकर चालक और युवती के बीच सड़क पर विवाद का एक अन्य वीडियो भी वायरल हुआ. पड़ताल के दौरान यह दावा भी निराधार निकला. यह एक कंटेंट क्रिएटर द्वारा तैयार किया गया स्क्रिप्टेड वीडियो था, जिसे मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया था. बुलेटिन में इसके साथ ही सोशल मीडिया पर सामने आए कई सकारात्मक और प्रेरक पलों की झलकियां भी प्रस्तुत की गईं.

Fact Check: क्या पानी के तेज बहाव में बहती गाड़ियों का यह वीडियो नेपाल-तिब्बत सीमा का है?

03 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर नेपाल और थाईलैंड में आई बाढ़ से जोड़कर दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. पहले वीडियो में पानी के तेज बहाव में गाड़ियों के बहने का दृश्य दिखाकर दावा किया गया कि यह नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ का है. पड़ताल के दौरान वीडियो में गाड़ियों के अप्राकृतिक तरीके से तैरने और धुंधली नंबर प्लेट जैसी खामियां मिलीं. एआई डिटेक्शन टूल्स की जांच में यह वीडियो 80 से 89 प्रतिशत तक एआई जनरेटेड पाया गया. वहीं दूसरे वीडियो में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बाढ़ के पानी में सड़कों पर मछलियों के तैरने का दावा किया गया. जांच में सुविधा स्टोर के साइन बोर्ड पर गलत वर्तनी, पानी की कम गहराई और स्थिर गाड़ियां दिखाई दीं. एआई डिटेक्शन टूल ने 97 प्रतिशत संभावना के साथ इसे भी एआई जनरेटेड बताया. इस तरह दोनों वायरल दावे पूरी तरह भ्रामक और फर्जी साबित हुए.

जमुई एनकाउंटर का फर्जी दावा और नेपाल लैंडस्लाइड के AI वीडियो का सच आया सामने

02 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी मामले को लेकर वायरल हो रहे एक वीडियो की पड़ताल की गई. वीडियो में दो घायल युवकों को पुलिस हिरासत में दिखाकर दावा किया गया कि जमुई पुलिस ने दो और आरोपियों का एनकाउंटर किया है. जांच में यह दावा झूठा साबित हुआ. असल में यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है, जहां पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी घायल हुए थे. इसके अलावा, नेपाल में पहाड़ ढहने और सड़क पर मलबा गिरने का बताकर शेयर किया जा रहा एक अन्य वीडियो भी जांच में फर्जी निकला. तकनीकी विश्लेषण और AI डिटेक्शन टूल्स की पड़ताल में सामने आया कि नेपाल लैंडस्लाइड का यह वीडियो वास्तविक न होकर पूरी तरह AI जनरेटेड है.

यूपी में हिंदू पर हमले का दावा झूठा, चक्रवात में घूमते विमान का वीडियो निकला AI जनरेटेड

01 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश में हिंदू युवक पर धारदार हथियार से हमले के दावे के साथ वायरल वीडियो की पड़ताल में सच सामने आया है. जांच के अनुसार यह वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि बांग्लादेश के अशुलिया स्थित दारुल इसान और कुरान-ए-करीम फाजिल मदरसे में मार्च 2026 में हुई तोड़फोड़ व हमले की घटना का है. वीडियो में दिख रहे बोर्ड पर बांग्ला भाषा में मदरसे का नाम लिखा था. वहीं दूसरी ओर, अरणब चक्रवात के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे पर विमान के बेकाबू होकर गोल-गोल घूमने का दावा भी पूरी तरह फर्जी साबित हुआ है. फ्रेम-बाय-फ्रेम जांच और AI डिटेक्शन टूल के जरिए स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि 83.3 प्रतिशत AI जनरेटेड है. गुजरात में चक्रवात का कोई प्रभाव नहीं था और एडिटेड वीडियो के जरिए केवल भ्रम फैलाया गया था.

टीवी शोरूम में राहुल गांधी की तस्वीर और जमुई कांड के वायरल वीडियो का सच

30 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई. पहले दावे में एक तस्वीर शेयर कर कहा जा रहा था कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक शोरूम के सभी टीवी स्क्रीन्स पर दिखाई जा रही थी. पड़ताल में पता चला कि यह तस्वीर एडिटेड और एआई जनरेटेड है, जिसमें कई तकनीकी खामियां नजर आईं. दूसरे दावे में एक वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि बिहार के जमुई मामले के आरोपियों को पुलिस ने सरेराह पीटा और उनका जुलूस निकाला. जांच में सामने आया कि यह वीडियो जमुई का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के बोरी क्षेत्र की पुरानी घटना का है, जहां डकैती और गैंगरेप के आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला था. दोनों ही वायरल दावे पूरी तरह भ्रामक और गलत साबित हुए.