सोशल मीडिया पर इन दिनों कई फर्जी वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। 'फैक्ट चेक' के इस एपिसोड में दो बड़े दावों की पड़ताल की गई है। पहला वीडियो पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा है कि वहां बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच गृहयुद्ध जैसे हालात बन गए हैं। लेकिन जांच में यह वीडियो बांग्लादेश के ढाका का निकला। वहीं, दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि यूपी के मेरठ में छह मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया गया और एक धर्म विशेष के घरों में आग लगा दी गई। पड़ताल में यह दावा भी झूठा साबित हुआ। असल में यह वीडियो हापुड़ के देहरा गांव का है, जहां 9 मई को महाराणा प्रताप जयंती की शोभायात्रा के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प और पत्थरबाजी हुई थी। इसके अलावा, कार्यक्रम में कुछ सकारात्मक खबरें भी दिखाई गईं, जिनमें कर्नाटक के 8 वर्षीय ओम एन का शीर्षासन करते हुए शिव तांडव स्तोत्र का पाठ, लुधियाना में भाइयों द्वारा बहन को घर गिफ्ट करना और 36 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान में निकली बारात शामिल है।
सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद कई भ्रामक वीडियो वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया गया कि टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी कार में बेसुध हो गईं। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह वीडियो मार्च 2021 का निकला, जब नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें चोट लगी थी। दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि चुनाव हारने पर बिना कपड़ों के घूमने की बात कहने वाले सुफियान को कोलकाता में पीटा गया। जांच में पता चला कि पिटाई का यह वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं, बल्कि बांग्लादेश के ढाका का है, जहां छात्र दल और छात्र शिविर के बीच झड़प हुई थी। इसके अलावा बुलेटिन में सचिन तेंदुलकर को हैरान करने वाली देसी कार, दानापुर में एटीएम के अंदर चल रहे सैलून और यूके की सड़कों पर आम बेचती भारतीय महिला के दिलचस्प वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद के दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनते ही अवैध घुसपैठिये राज्य छोड़कर बांग्लादेश भाग रहे हैं। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ। असल में यह वीडियो हुगली जिले में 2 से 5 जनवरी 2026 के बीच आयोजित हुए विश्वा इज्तिमा का है, जिसका चुनाव नतीजों से कोई संबंध नहीं है। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि बंगाल में 'बांग्लादेश जिंदाबाद' का नारा लगाने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जांच में सामने आया कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बरेली का है। यह घटना सितंबर 2025 में 'आई लव मोहम्मद' से जुड़े विवाद के दौरान हुई थी। इसके अलावा बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अन्य मनोरंजक और भावुक वीडियो भी दिखाए गए हैं, जिनमें बच्चों के करतब और एक पति का अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी के लिए सिर मुंडवाना शामिल है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई दावों की 'फैक्ट चेक' में पड़ताल की गई है। पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा जा रहा है कि बंगाल चुनाव के बाद टीएमसी की एक कार्यकर्ता सिर पर पट्टी बांधकर चोटिल होने का नाटक कर रही थी। जांच में सामने आया कि यह वीडियो बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच अस्पताल का है, जहां 28 अप्रैल को एक कर्मचारी और मरीज के परिजनों के बीच विवाद हुआ था। दूसरे दावे में हावड़ा ब्रिज पर 'जय श्री राम' के नारों के साथ जश्न मनाते लोगों के वीडियो को बंगाल में बीजेपी की जीत का बताया गया। पड़ताल में यह वीडियो मार्च 2026 में हुए होली के जश्न का निकला। तीसरे दावे में एक युवक की पिटाई के वीडियो को दिल्ली यूनिवर्सिटी में लव जिहाद का मामला बताया गया। जांच में पता चला कि यह घटना 26 अप्रैल 2026 को बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी में हुई थी, जहां छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में एक शख्स की पिटाई की गई थी।
सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद पुलिसकर्मी जश्न मना रहे हैं। गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ है। असल में यह वीडियो सितंबर 2022 का है, जब महाराष्ट्र के कोल्हापुर में गणेश विसर्जन के दौरान पुलिसकर्मी नाच रहे थे। वीडियो में बीजेपी का चुनावी गाना अलग से जोड़ा गया है। वहीं, दूसरे दावे में एक तस्वीर के जरिए कहा जा रहा है कि ईरान के सैनिकों ने एक हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। पड़ताल में सामने आया कि यह तस्वीर पूरी तरह से फर्जी है। सिंथआईडी और अन्य डीपफेक डिटेक्शन टूल की मदद से जांच करने पर पता चला कि इस तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाया गया है। इसका किसी भी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी के घर और टीएमसी कार्यालय में आग लगा दी। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा झूठा साबित हुआ है। असल में यह वीडियो बांग्लादेश के सिलहट जिले का है, जहां शॉर्ट सर्किट की वजह से एक घर में आग लग गई थी। इसका बंगाल चुनाव या ममता बनर्जी से कोई संबंध नहीं है। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति ने स्कूली छात्राओं के सामने अश्लील हरकत की। जांच में सामने आया कि यह वीडियो भी उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि बांग्लादेश के मेमनसिंह शहर का है। पुलिस ने इस मामले में महमूदुल हसन नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों ही वायरल वीडियो के दावे पूरी तरह से भ्रामक और झूठे पाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे को लेकर एक मां-बेटे की तस्वीर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि हादसे में मां ने बच्चे को बचाने की कोशिश की लेकिन दोनों की मौत हो गई। फैक्ट चेक में सामने आया कि यह तस्वीर एआई जनरेटेड है और जबलपुर कलेक्टर ने भी इसका खंडन किया है। दूसरी खबर में पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के भागने का दावा करने वाला वीडियो वायरल है। पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो दिसंबर 2025 का बांग्लादेश के बरिशाल में हुए चरमोनाई महफिल का है। इसके अलावा बुलेटिन में कई अन्य वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं। इनमें एक छात्रा द्वारा अपनी टीचर को दिया गया सरप्राइज, एक बेटे द्वारा माता-पिता को बीएमडब्ल्यू कार गिफ्ट करना, पुरानी साइकिल से बनी ई-बाइक और मछली चुराती हुई एक बिल्ली का मजेदार वीडियो शामिल है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई दावों की सच्चाई सामने आई है। जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के नाम पर वायरल हो रहा नाव पलटने का वीडियो असल में 25 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश की कपताई झील में हुए हादसे का है। वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तनाव का दावा करने वाले दोनों वायरल वीडियो फर्जी हैं। डीपफेक डिटेक्शन टूल से पुष्टि हुई है कि ये वीडियो एआई (AI) द्वारा बनाए गए हैं। इसके अलावा, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में समंदर के अंदर भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है। साथ ही, ऑस्ट्रियाई यात्री का ट्रेन में हनुमान चालीसा सुनने का अनुभव, ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय को दूल्हे की नोटों वाली माला देने और 44 डिग्री तापमान में टेंट के नीचे बारात निकालने जैसे कई अन्य दिलचस्प वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इन दिनों कई भ्रामक दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। गुड न्यूज़ टुडे के इस खास बुलेटिन में ऐसे ही दो बड़े दावों की पड़ताल की गई है। पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा जा रहा है कि दिल्ली के एक विश्वविद्यालय में लव जिहाद के आरोप में छात्राओं ने एक बांग्लादेशी युवक की पिटाई की। लेकिन जांच में यह दावा पूरी तरह गलत निकला। असल में यह घटना पड़ोसी देश के एक विश्वविद्यालय की है, जहां छेड़छाड़ के आरोप में युवक को पीटा गया था। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री भावुक होते नजर आ रहे हैं। दावा किया गया कि अपनी पार्टी के कई सांसदों के दल बदलने के बाद वह रो पड़े। हालांकि, पड़ताल में यह वीडियो महीनों पुराना निकला, जब उन्हें एक बड़े मामले में अदालत से राहत मिली थी। इसके अलावा बुलेटिन में इंटरनेट पर छाए कुछ अन्य मनोरंजक और प्रेरणादायक वीडियो भी दिखाए गए हैं, जिनमें एक कश्मीरी बच्चे का सुरीला गाना और पुलिसकर्मियों को पानी पिलाती एक छोटी बच्ची शामिल है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों कई भ्रामक दावे वायरल हो रहे हैं। पहले दावे में एक तस्वीर के जरिए कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की एक पूर्व सांसद चुनाव के बाद टीएमसी में शामिल होने के लिए पार्टी मुख्यालय पहुंचीं। फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ। गूगल के एआई टूल की मदद से पता चला कि यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है। दूसरे वायरल वीडियो में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकी हमले का दावा किया जा रहा है। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो असल में सुरक्षाबलों द्वारा की गई एक मॉक ड्रिल का है, जिसे गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है। तीसरे दावे में एक वीडियो को नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे टेक कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़प का बताया जा रहा है। जांच में यह वीडियो इंडोनेशिया के बोगोर शहर का निकला, जहां अगस्त 2025 में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इन सभी वायरल दावों की सच्चाई फैक्ट चेक में सामने आई है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों कई भ्रामक दावे वायरल हो रहे हैं। फैक्ट चेक में आज तीन बड़ी अफवाहों की पड़ताल की गई है। पहला मामला पश्चिम बंगाल का है, जहां भारतीय जनता पार्टी की एक पूर्व सांसद की तस्वीर वायरल कर दावा किया गया कि वह तृणमूल कांग्रेस के मुख्यालय पहुंची हैं। जांच में सामने आया कि यह तस्वीर गूगल के एआई टूल से बनाई गई है और पूरी तरह फर्जी है। दूसरी पड़ताल जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से जुड़े एक वीडियो की है। इस वीडियो को आतंकी हमले का बताकर शेयर किया जा रहा था। लेकिन असल में यह 23 अप्रैल 2026 को सुरक्षाबलों द्वारा की गई एक मॉक ड्रिल का वीडियो है, जिसकी पुष्टि स्थानीय प्रशासन ने भी की है। तीसरा मामला नोएडा के सेक्टर 62 का है, जहां सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प का वीडियो वायरल हुआ। जांच में पता चला कि यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि अगस्त 2025 में इंडोनेशिया के बोगोर शहर में हुए एक प्रदर्शन का है।