सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो चौंकाने वाले वीडियो की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. पहले वीडियो में दावा किया गया कि भारत में एक धर्म विशेष के व्यक्ति पर हमला कर उसे गोली मार दी गई. हालांकि, जांच में पाया गया कि वीडियो में दिख रही बस पर 'ढाका' लिखा है और यह बांग्लादेश का एक स्क्रिप्टेड वीडियो है, जिसमें न तो गोली का निशान है और न ही खून के धब्बे. दूसरे वीडियो में आसमान से सांपों की बारिश होने का दावा किया गया, जिससे लोग दहशत में दिख रहे हैं. फैक्ट चेक टीम ने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से पुष्टि की कि यह वीडियो 96.5% से 99% तक एआई जनरेटेड है. बिजली के तारों के आर-पार होते सांप और इंसानी हाथों की बिगड़ी बनावट इसके फर्जी होने के पुख्ता सबूत हैं.
गुड न्यूज टुडे के 'फैक्ट चेक' कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के वायरल वीडियो की सच्चाई दिखाई गई. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि सीएम ने 'ढाई हजार करोड़ लोगों' द्वारा लोन लेने की बात कही है, जबकि पड़ताल में सामने आया कि उन्होंने 'ढाई हजार करोड़ रुपये' के कुल लोन आवंटन की बात की थी. उनके आधे-अधूरे बयान को गलत संदर्भ में वायरल किया गया. इसके अलावा, बारामती विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले कैप्टन सुमित कपूर के नाम पर वायरल हो रही तस्वीर की भी पड़ताल की गई. जांच में पाया गया कि वायरल तस्वीर असल में कैप्टन साहिल मदान की है, जो सुरक्षित हैं और उस विमान में सवार नहीं थे. कार्यक्रम में दर्शकों से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे किसी भी खबर पर भरोसा न करें.
गुड न्यूज टुडे के इस फैक्ट चेक एपिसोड में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो बड़े दावों की पड़ताल की गई. पहले दावे में यह कहा जा रहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट सत्र के दौरान कथित तौर पर कहा कि 'देश में कोई गरीब नहीं है, लोग गरीब होने का नाटक कर रहे हैं.' जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया; असल में यह एक एडिटेड ग्राफिक था जिसे 'पॉलिटिक्स इंडिया' के एक पुराने पोस्ट को बदलकर बनाया गया था. दूसरा वायरल वीडियो हिमालय में बर्फीले तूफान के बीच हनुमान जी की आकृति दिखने का था. एआई डिटेक्शन टूल्स (Hype Moderation और AI or Not) की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो 98 प्रतिशत एआई द्वारा निर्मित है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है. दर्शकों को ऐसी भ्रामक खबरों से सावधान रहने की सलाह दी गई है.
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी और राहुल गांधी की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बजट सत्र 2026 के दौरान दोनों संसद में आमने-सामने आ गए. हालांकि, फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह से झूठा पाया गया है. जांच के दौरान एआई डिटेक्शन टूल्स ने पुष्टि की है कि यह तस्वीर 99 प्रतिशत से अधिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा निर्मित है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद रवि किशन का एक पुराना वीडियो भी गलत संदर्भ में वायरल हो रहा है. दावे के अनुसार वे यूजीसी के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं, जबकि असल में यह वीडियो सितंबर 2025 का है जब वे गोरखपुर में जीएसटी दरों में कटौती के बाद व्यापारियों से संवाद कर रहे थे. दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें.
गुड न्यूज टुडे के इस विशेष फैक्ट चेक बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे तीन प्रमुख दावों की पड़ताल की गई है. पहले दावे में दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों के प्रदर्शन को यूजीसी नियमों के खिलाफ बताया गया, लेकिन जांच में यह 2025 का पुराना वीडियो निकला जो एलजी की एक अधिसूचना के विरोध में था. दूसरे दावे में यूपी के चित्रकूट में मंदिर पर बुलडोजर चलने की बात कही गई, जबकि असल में यह घटना मध्य प्रदेश के सतना जिले की है जहां सड़क चौड़ीकरण के दौरान गौरीहार मंदिर पर कार्रवाई हुई थी जिसे बाद में हाईकोर्ट ने रोक दिया. तीसरा दावा बिहार में लोन रिकवरी एजेंट द्वारा पराली में आग लगाने की धमकी का था, जो पूरी तरह स्क्रिप्टेड और मनोरंजन के लिए बनाया गया वीडियो साबित हुआ. दर्शकों से अपील है कि वे बिना जांचे किसी भी वायरल खबर पर विश्वास न करें.
दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट का एक वीडियो यूजीसी (UGC) के खिलाफ वकीलों के प्रदर्शन के नाम पर वायरल हो रहा है.'यह प्रदर्शन 2025 का है, जब एलजी ने पुलिस गवाही से जुड़ी एक अधिसूचना जारी की थी.
गुड न्यूज़ टुडे की एंकर नवज्योत रंधावा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों का फैक्ट चेक किया है. पहले मामले में, यूजीसी के खिलाफ सवर्ण छात्रों के प्रदर्शन के नाम पर वायरल वीडियो असल में राजस्थान के जालौर का निकला, जहां लोग झाब पंचायत समिति को निरस्त करने का विरोध कर रहे थे. रंधावा ने स्पष्ट किया कि '27 जनवरी 2026 का यह वीडियो राजस्थान का है और उस वक्त का वीडियो है जब राजस्थान के जालौर जिले में झाप पंचायत समिति को निरस्त किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन लोगों ने किया था.' दूसरे मामले में, मुंबई के मीरा भायंदर पुल पर फंसी एक बस की तस्वीर को एआई (AI) निर्मित पाया गया. जांच में सामने आया कि पुल का अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ है और वायरल तस्वीर में गूगल जेमिनी का लोगो और एआई के संकेत मिले हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ यूजर्स ये दावा कर रहे हैं कि यूपी के चित्रकूट में एक मंदिर पर बुलडोजर के जरिए कार्रवाई की गई है. कुछ यूजर्स इस वीडियो के जरिए योगी सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं. वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है पड़ताल करती हमारी ये रिपोर्ट देखिए.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो को शेयर करते हुए कुछ यूजर्स ये दावा कर रहे हैं कि ये वीडियो दिल्ली का है जहां यूजीसी के खिलाफ वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया. लेकिन जब वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया गया तो क्या सच और झूठ सामने आया पड़ताल करती हमारी ये रिपोर्ट देखिए.
हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया...अब इसी विमान हादसे से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब तेजी से वायरल हो रहा है...वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि अजित पवार के विमान को लैंडिग से तीन सेकेंड पहले कुछ भी दिखना बंद हो गया था...ऐसे में वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है पड़ताल करती हमारी ये रिपोर्ट देखिए।
बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो को अजित पवार का शव अस्पताल से बाहर ले जाने का बताते हुए खूब वायरल किया जा रहा है. ऐसे में वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है पड़ताल करती हमारी ये रिपोर्ट देखिए।