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फैक्ट चेक

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चोरी और राहुल गांधी की कोलकाता रैली की वायरल तस्वीर का सच

30 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों दो खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। पहली खबर में एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के तुरंत बाद एक धर्म विशेष के बच्चे वहां से नटबोल्ट चुरा रहे हैं। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ। असल में यह वीडियो बिहार की राजधानी पटना में बने डबल डेकर पुल का है, जिसका उद्घाटन जून दो हज़ार पच्चीस में हुआ था। दूसरी वायरल तस्वीर में दावा किया गया है कि कोलकाता में राहुल गांधी की रैली में लाखों की भीड़ जुटी। जब इस तस्वीर की जांच की गई तो इसमें विदेशी झंडे नजर आए। गूगल के सिंथआईडी और ट्रुथ स्कैन जैसे एआई डिटेक्शन टूल से जांच करने पर पुष्टि हुई कि यह तस्वीर असली नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। हमारी पड़ताल में दोनों वायरल दावे पूरी तरह से फर्जी साबित हुए हैं।

नेपाल में मुसलमानों की नो एंट्री और TMC कार्यकर्ताओं की पिटाई का सच, जानें वायरल दावों की पूरी हकीकत

28 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर कई भ्रामक दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम ने ऐसे ही तीन बड़े दावों की पड़ताल की है। पहले दावे में कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में शराब बांटते पकड़े जाने पर टीएमसी कार्यकर्ताओं की पिटाई की गई। पड़ताल में यह दावा झूठा निकला। यह वीडियो अप्रैल 2020 का मध्य प्रदेश के इंदौर का है, जहां तत्कालीन सराफा थाना प्रभारी अमृता सोलंकी ने कोविड नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की थी। दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि टीएमसी के पूर्व नेता ने ममता बनर्जी को अपशब्द कहे। जांच में पता चला कि वीडियो में दिख रहा शख्स बांग्लादेशी नागरिक सैफत उल्ला सैफुल्ला है, जिसका टीएमसी से कोई संबंध नहीं है। तीसरे वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देश में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह दावा भी फर्जी साबित हुआ। नेपाल सरकार या इमिग्रेशन विभाग ने धर्म के आधार पर ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है।

बंगाल में बूथ कैप्चरिंग और नोएडा में बवाल के वायरल वीडियो का सच, देखें सोशल मीडिया के अन्य वीडियो

27 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। 'गुड न्यूज़ टुडे' की फैक्ट चेक टीम ने ऐसे ही दो प्रमुख दावों की पड़ताल की है। पहले वीडियो में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में बूथ कैप्चरिंग की कोशिश कर रहे टीएमसी कार्यकर्ताओं को सेना ने पीटा। पड़ताल में यह दावा झूठा निकला। असल में यह वीडियो बांग्लादेश के दिघिलाना उपजिला के रसिकनगर स्थित एक सरकारी स्कूल का है, जहां 13वें आम चुनाव से पहले सुरक्षा बलों ने मॉक ड्रिल किया था। दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। जांच में यह दावा भी फर्जी साबित हुआ। यह वीडियो इंडोनेशिया के बोगोर शहर का है, जहां अगस्त 2025 में फुटबॉल स्टेडियम के नवीनीकरण को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसके अलावा बुलेटिन में ब्राजील के स्कूल में दिव्यांग दोस्त को खाना खिलाती बच्ची, सीआईएसएफ जवान को सैल्यूट करती बच्ची और कर्नाटक में ऑटो ड्राइवर की मिनी लाइब्रेरी जैसे कई अन्य दिलचस्प वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं।

सीएम योगी ने की प्रेमानंद महाराज से मुलाकात ? देखिए फैक्ट चेक रिपोर्ट

27 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे तीन अलग-अलग दावों की पड़ताल की गई है। पहले दावे में यूपी के मुख्यमंत्री और वृंदावन के एक मशहूर संत की मुलाकात की तस्वीर शेयर की जा रही है। जांच में पता चला कि यह तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है और पूरी तरह से फर्जी है। दूसरे दावे में एक ड्रोन वीडियो को इजराइल की राजधानी में हुई तबाही का बताया जा रहा है। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो साल 2023 का है और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान तबाह हुए एक शहर का है। तीसरे दावे में एक वीडियो के जरिए कहा जा रहा है कि भारतीय नौसेना के कमांडो ने 35 समुद्री लुटेरों को पकड़ा है। जांच में यह दावा भी भ्रामक निकला। असल में यह वीडियो सेशेल्स में आयोजित हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास 'लामितिए 2026' का है, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने हिस्सा लिया था। वायरल हो रहे इन तीनों दावों में कोई सच्चाई नहीं है।

Fact Check: फर्जी तस्वीरों से रहें सावधान! CM योगी और प्रेमानंद महाराज की वायरल फोटो का सच जानकर चौंक जाएंगे आप

25 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों कई भ्रामक दावे वायरल हो रहे हैं। गुड न्यूज़ टुडे के 'फैक्ट चेक' कार्यक्रम में तीन प्रमुख वायरल दावों की पड़ताल की गई। पहले दावे में एक तस्वीर के जरिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात होने की बात कही गई। जांच में सामने आया कि यह तस्वीर एआई (AI) द्वारा बनाई गई है और पूरी तरह से फर्जी है। दूसरे दावे में एक ड्रोन वीडियो को इजराइल के तेल अवीव में हुई तबाही का बताया गया। पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो जुलाई 2023 का है और यूक्रेन के बखमुत शहर का है, जिसे रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान तबाह कर दिया गया था। तीसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो ने 35 सोमाली समुद्री लुटेरों को पकड़ा है। जांच में यह दावा भी गलत निकला। असल में यह वीडियो भारत और सेशेल्स के बीच हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास 'लामितिय' का है।

महिला आरक्षण बिल और अंबेडकर नगर में पुलिस लाठीचार्ज के वायरल वीडियो का पूरा सच

24 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया गया कि महिला आरक्षण बिल के विरोध में कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सैनिटरी पैड फाड़े। गुड न्यूज़ टुडे की फ़ैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ। असल में यह वीडियो अक्टूबर दो हज़ार तेईस का है, जब पाकिस्तान के पेशावर में फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान इसराइल का झंडा फाड़ा गया था। वहीं दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर कालिख पोतने का विरोध कर रही महिलाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जांच में सामने आया कि यह वीडियो हालिया घटना का नहीं बल्कि नवंबर दो हज़ार बाईस का है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि पुराने वीडियो को भ्रामक तरीके से साझा किया जा रहा है। हाल ही में अंबेडकर नगर के नसीरपुर गांव में मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद जरूर हुआ था, लेकिन वहां पुलिस द्वारा कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया।

समन्दर में भारतीय नौसेना ने 35 समुद्री लुटेरों को धर दबोचा? जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई

23 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के इस बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई है. पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा गया कि पश्चिम बंगाल में हुड़दंग करने पर CRPF जवानों ने TMC कार्यकर्ताओं को सबक सिखाया. हालांकि, फैक्ट चेक में सामने आया कि यह वीडियो बांग्लादेश के फरीदपुर का है, जहां सेना ने BNP कार्यकर्ताओं को पकड़ा था. दूसरी खबर में भारतीय नौसेना द्वारा 35 सोमाली समुद्री लुटेरों को पकड़ने का दावा किया गया. जांच में पता चला कि यह वीडियो सेशेल्स में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास 'लामितिए 2024' का है. इसके अलावा, बुलेटिन में बच्चों और जानवरों के कुछ दिल छू लेने वाले और मजेदार वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं.

क्या मजदूरों ने नोएडा की कंपनी में लगाई आग? जानें वायरल वीडियो का सच

22 अप्रैल 2026

गुड न्यूज़ टुडे के शो 'फैक्ट चेक' में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों की पड़ताल की गई है। पहले वायरल वीडियो में दावा किया गया कि नोएडा के सेक्टर 63 स्थित एक कंपनी को वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों ने आग के हवाले कर दिया। जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला। असल में यह वीडियो हरियाणा के सोनीपत स्थित कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया का है, जहां 3 अप्रैल को शॉर्ट सर्किट के कारण अल्पेर इंडस्ट्रीज में आग लग गई थी। इसका नोएडा के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। दूसरे वायरल वीडियो में एक बंदर को बालकनी से गिरते हुए बच्चे की जान बचाते हुए दिखाया गया है। एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से की गई पड़ताल में यह वीडियो 100 प्रतिशत एआई जनरेटेड साबित हुआ। इसके अलावा शो के आखिरी हिस्से में कई रोचक और सकारात्मक वायरल वीडियो भी दिखाए गए, जिनमें टीचर को फूल देता बच्चा, व्हेल शार्क के साथ महिला का वीडियो और ईंट उठाने वाले उपकरण का वीडियो शामिल है।

क्या मजदूरों ने नोएडा की कंपनी में लगाई आग? जानें वायरल वीडियो का सच

22 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा है कि नोएडा के सेक्टर 63 स्थित एक कंपनी में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों ने आग लगा दी। 'गुड न्यूज़ टुडे' की फैक्ट चेक टीम ने जब इस दावे की पड़ताल की, तो पता चला कि यह वीडियो नोएडा का नहीं, बल्कि हरियाणा के सोनीपत स्थित कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया का है, जहां 3 अप्रैल को शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में एक बंदर को बालकनी से गिरते हुए बच्चे की जान बचाते हुए दिखाया गया है। लोग इसे भगवान का चमत्कार मानकर शेयर कर रहे हैं। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह वीडियो किसी असली घटना का नहीं है। एआई डिटेक्शन टूल्स (HiModeration और DeepFake-O-Meter) की मदद से यह स्पष्ट हो गया कि यह वीडियो पूरी तरह से एआई (AI) द्वारा बनाया गया है। हमारी पड़ताल में दोनों वायरल दावे झूठे साबित हुए हैं।

बंगाल चुनाव में CRPF का वीडियो और गाय के बच्ची को बचाने का सच, देखिए फैक्ट चेक रिपोर्ट

21 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख वीडियो की सच्चाई सामने आई है। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा था कि पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले सीआरपीएफ ने उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई की है। पड़ताल में यह दावा गलत निकला। असल में यह वीडियो 11 जनवरी को बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन का है, जहां पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। दूसरे वायरल वीडियो में एक गाय को रेलवे ट्रैक पर तेज रफ्तार ट्रेन के सामने से एक छोटी बच्ची की जान बचाते हुए दिखाया गया था। जांच में पता चला कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है। एआई डिटेक्शन टूल की मदद से यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इसके अलावा बुलेटिन में कुछ सकारात्मक वीडियो भी दिखाए गए, जिनमें 73 साल की बुजुर्ग महिला की बीर बिलिंग में पैराग्लाइडिंग और गुरुद्वारे में दान करते एक छोटे बच्चे के दृश्य शामिल हैं।

नोएडा में पुलिस की बर्बरता और इजराइल पर हमले के वायरल वीडियो का सच

20 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा है कि नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की है। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ। असल में यह वीडियो मध्य प्रदेश के शहडोल का है, जहां पुलिस ने एक नशे में धुत युवक को पीटा था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी इस दावे का खंडन किया है। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में एक जलती हुई इमारत को दिखाकर दावा किया जा रहा है कि हिजबुल्लाह ने इजराइल के सैन्य मुख्यालय पर हमला किया है। जांच में यह दावा भी पूरी तरह से भ्रामक निकला। यह वीडियो न्यूयॉर्क शहर के मैनहैटन का है, जहां एक छह मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई थी। इस तरह दोनों ही वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे पूरी तरह से फर्जी पाए गए हैं।