सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें रात के समय हुए भीषण विस्फोट को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहर और खोस्त में जो एयरस्ट्राइक की थी, यह उसी का वीडियो है। फैक्ट चेक में पता चला कि वायरल वीडियो अक्टूबर 2025 का है और यह लेबनान में इजरायली हमलों से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा एक विमान दुर्घटना की तस्वीर भी वायरल हो रही है जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि कोलकाता से सोमालिया के लिए रवाना हुई मुस्लिम महिलाओं के धार्मिक समूह का विमान समुद्र में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पड़ताल में सामने आया कि यह घटना 11 फरवरी 2026 की है जब सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में स्थित अदन अद्दे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एक विमान रनवे से फिसल गया था। यह एक नियमित घरेलू कमर्शियल फ्लाइट थी न कि कोलकाता से गई कोई धार्मिक जमात।
गुड न्यूज टुडे के शो फैक्ट चेक में दो वायरल वीडियो की पड़ताल की गई। पहला वीडियो बांग्लादेश से जुड़ा है जिसमें एक शख्स को भीड़ पीटती दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि जमात की हार के बाद हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। फैक्ट चेक से पता चला कि यह वीडियो इकत्तीस दिसंबर दो हज़ार पच्चीस का है जब खालिदा जिया की अंतिम यात्रा के दौरान एक व्यक्ति ने जय बांग्ला के नारे लगाए थे और बीएनपी समर्थकों ने उसकी पिटाई की। यह घटना चुनाव परिणामों से पहले की है। दूसरा वायरल वीडियो नागपुर में क्रेन द्वारा स्कूटी उठाने का बताया जा रहा था। पड़ताल में यह वीडियो साल दो हज़ार बाइस का निकला जब नो पार्किंग जोन में खड़ी स्कूटी को पुलिस ने उठाया था। दोनों वीडियो भ्रामक दावों के साथ वायरल किए गए।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि मणिपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के स्टेशन पर उग्रवादी हमला किया गया। दावा किया जा रहा था कि हमलावरों ने सीआरपीएफ जवानों की पकड़ी गई गाड़ियों से ही लिटन सारेखोंग के सीआरपीएफ स्टेशन पर हमला किया है। फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो कुकी और तांगखुल नागा के बीच विवाद से जुड़ा है। मणिपुर पुलिस ने साफ किया कि हाल फिलहाल में सीआरपीएफ स्टेशन पर हमले की कोई घटना नहीं हुई है। इसलिए यूजर का दावा गलत है। इसके अलावा एक दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें महिंद्रा थार गाड़ी एनएच अड़तालीस पर साइन बोर्ड में फंसी दिखाई दे रही है। फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो एआई से बनाया गया है और पूरी तरह से फर्जी है। एआई डिटेक्शन टूल ने इस वीडियो के निन्यानबे दशमलव नौ परसेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का संकेत दिया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि असम में एक मौलाना फुटबॉल खेल रहे लड़कों को हाफ पैंट की जगह लुंगी पहनने की सलाह दे रहे हैं। फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो असम का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है। वीडियो में बांग्ला भाषा सुनाई दे रही है न कि असमिया। यह वीडियो बांग्लादेश के एक यूट्यूब चैनल पर 28 जनवरी 2026 को अपलोड किया गया था। इसके अलावा एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि देर रात पार्टी के बाद एक लड़की को नाले में फेंक दिया गया। पड़ताल में यह साल 2017 में रिलीज हुई श्रीदेवी की फिल्म मॉम का एक दृश्य निकला। इस फिल्म में अक्षय खन्ना, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सजल अली भी नजर आए थे। दोनों वीडियो गलत और भ्रामक दावों के साथ वायरल किए जा रहे हैं।
गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम 'फैक्ट चेक' में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे तीन प्रमुख दावों की पड़ताल की गई. पहले दावे में एपस्टीन फाइल्स को लेकर अमेरिका में भारी विरोध प्रदर्शन का वीडियो दिखाया गया, जिसे जांच में एआई (AI) द्वारा निर्मित पाया गया. यह वीडियो असल में ईरान प्रदर्शनों के लिए एक डिजिटल ट्रिब्यूट था. दूसरे दावे में टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की हार पर बलूचिस्तान में जश्न का वीडियो वायरल हुआ, जो वास्तव में जनवरी 2026 में लाहौर की एक यूनिवर्सिटी के सांस्कृतिक उत्सव का निकला. तीसरे दावे में इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो के तिरुमला मंदिर दर्शन की बात कही गई, जिसे इंडोनेशियाई दूतावास ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है. कार्यक्रम में दर्शकों को इन भ्रामक खबरों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई है.
गुड न्यूज टुडे के इस विशेष कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे तीन प्रमुख दावों की पड़ताल की गई है. पहले दावे में एक वीडियो के जरिए यह कहा गया कि एपस्टीन फाइल्स जारी होने के बाद अमेरिका में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ, लेकिन जांच में पाया गया कि यह वीडियो एआई (AI) द्वारा निर्मित है. दूसरे दावे में श्रीलंका में हुए भारत-पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप मैच के बाद बलूचिस्तान में जश्न का वीडियो वायरल हुआ, जो असल में जनवरी 2026 का लाहौर की एक यूनिवर्सिटी का कल्चरल डांस निकला. तीसरे दावे में इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो के तिरुमला मंदिर दर्शन की बात कही गई, जिसे इंडोनेशियाई दूतावास ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है. कार्यक्रम में इन सभी भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए दर्शकों को जागरूक रहने की सलाह दी गई है.
गुड न्यूज टुडे के 'फैक्ट चेक' कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो भ्रामक दावों की पड़ताल की गई. पहले मामले में एक वीडियो वायरल था जिसमें पुलिस एक मुस्लिम युवक पर लाठीचार्ज करती दिख रही थी, जिसे भारत का बताया जा रहा था. जांच में पाया गया कि यह वीडियो बांग्लादेश के ढाका के शाहबाग इलाके का है, जहां 'इंकलाब मंच' के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. दूसरे मामले में एक फ्लाई ओवर के गिरने का वीडियो वायरल कर सरकार की आलोचना की जा रही थी. फैक्ट चेक टीम ने पाया कि यह वीडियो पूरी तरह से एआई (AI) जनरेटेड है और इसे एक एआई क्रिएटर द्वारा बनाया गया है. कार्यक्रम में दर्शकों को जागरूक किया गया कि वे सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे खबरों पर विश्वास न करें.
गुड न्यूज टुडे के इस विशेष बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई है. पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा गया कि एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद न्यूयॉर्क में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भारी प्रदर्शन हुआ. हालांकि, जांच में सामने आया कि यह वीडियो अक्टूबर 2025 और जनवरी 2026 के 'नो किंग्स' विरोध प्रदर्शनों का है, जिसका एपस्टीन फाइल्स से कोई संबंध नहीं है. दूसरे दावे में यमुना नदी में 'कालिया नाग' दिखने का वीडियो वायरल हुआ, जिसे एआई डिटेक्शन टूल की मदद से फर्जी पाया गया. यह वीडियो पूरी तरह से एआई जनरेटेड (AI Generated) है और इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है. कार्यक्रम में अन्य रोचक और वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं.
सोशल मीडिया पर मणिपुर में भारतीय सेना के काफिले पर उग्रवादी हमले और आठ जवानों की मौत का दावा करने वाला एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो वास्तव में मणिपुर के सेकमाई में बीएसएफ के एक ट्रक में तकनीकी खराबी के कारण लगी आग का है, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ था. इसके अलावा, कश्मीर के सोनमर्ग में हालिया हिमस्खलन का बताकर साझा किया जा रहा एक अन्य वीडियो एआई (AI) द्वारा निर्मित पाया गया है. हालांकि सोनमर्ग में वास्तविक हिमस्खलन हुआ था, लेकिन वायरल विजुअल फर्जी हैं. साथ ही, बर्फीले तूफान में हनुमान जी की आकृति दिखने वाला वीडियो भी एआई डिटेक्शन टूल्स द्वारा कृत्रिम पाया गया है. दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर बिना जांच-पड़ताल के विश्वास न करें.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो चौंकाने वाले वीडियो की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. पहले वीडियो में दावा किया गया कि भारत में एक धर्म विशेष के व्यक्ति पर हमला कर उसे गोली मार दी गई. हालांकि, जांच में पाया गया कि वीडियो में दिख रही बस पर 'ढाका' लिखा है और यह बांग्लादेश का एक स्क्रिप्टेड वीडियो है, जिसमें न तो गोली का निशान है और न ही खून के धब्बे. दूसरे वीडियो में आसमान से सांपों की बारिश होने का दावा किया गया, जिससे लोग दहशत में दिख रहे हैं. फैक्ट चेक टीम ने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से पुष्टि की कि यह वीडियो 96.5% से 99% तक एआई जनरेटेड है. बिजली के तारों के आर-पार होते सांप और इंसानी हाथों की बिगड़ी बनावट इसके फर्जी होने के पुख्ता सबूत हैं.
गुड न्यूज टुडे के 'फैक्ट चेक' कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के वायरल वीडियो की सच्चाई दिखाई गई. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि सीएम ने 'ढाई हजार करोड़ लोगों' द्वारा लोन लेने की बात कही है, जबकि पड़ताल में सामने आया कि उन्होंने 'ढाई हजार करोड़ रुपये' के कुल लोन आवंटन की बात की थी. उनके आधे-अधूरे बयान को गलत संदर्भ में वायरल किया गया. इसके अलावा, बारामती विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले कैप्टन सुमित कपूर के नाम पर वायरल हो रही तस्वीर की भी पड़ताल की गई. जांच में पाया गया कि वायरल तस्वीर असल में कैप्टन साहिल मदान की है, जो सुरक्षित हैं और उस विमान में सवार नहीं थे. कार्यक्रम में दर्शकों से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे किसी भी खबर पर भरोसा न करें.