सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की 'गुड न्यूज़ टुडे' की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की है। पहले वीडियो में दावा किया गया था कि राजस्थान में मस्जिद के लिए चंदा मांग रहे लोगों को पीटा गया। जांच में यह दावा झूठा साबित हुआ। असल में यह घटना उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लाम नगर थाना क्षेत्र की है, जहां जकात मांग रहे तीन मुस्लिम बुजुर्गों के साथ मारपीट की गई थी। दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि भारत के एक सरकारी स्कूल में बच्चे बारिश से बचने के लिए टेबल के नीचे छिपे हैं। पड़ताल में यह दावा भी गलत निकला। यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि नेपाल के कपिलवस्तु स्थित श्री राम शरण बेसिक स्कूल का है। इसके अलावा, बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अन्य वीडियो भी दिखाए गए हैं, जिनमें एक बच्ची का पिता की तस्वीर से बात करना और मेट्रो में जन्मदिन मनाने का वीडियो शामिल है।
'गुड न्यूज़ टुडे' के 'फैक्ट चेक' में इन दावों की पड़ताल की गई. पहला मामला पटना के खान ग्लोबल स्टडीज के पास हुई फायरिंग से जुड़ा है. दावा है कि पुलिस ने खान सर (फैजल खान) को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो दिसंबर 2024 का है, जब बीपीएससी प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था. हालांकि, फायरिंग केस में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है. दूसरी पड़ताल ईरान और इजरायल के बीच तनाव से जुड़ी है. एक वीडियो को तेल अवीव पर ईरानी हमले का बताकर शेयर किया जा रहा है. जांच में पता चला कि यह वीडियो मार्च 2026 का है, जब तेहरान के जन्नत आबाद इलाके में हमला हुआ था. इसके अलावा, बुलेटिन में कुछ सकारात्मक वायरल वीडियो भी दिखाए गए। इनमें गूगल कर्मचारी अभिजय अरोड़ा द्वारा टाइम्स स्क्वायर पर अपनी मां को दिया गया ट्रिब्यूट और कुंभकोणम के मंदिर में मंगला हथनी का वीडियो शामिल है.
गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने ऐसे ही दो बड़े दावों की पड़ताल की है. पहले वीडियो में दावा किया गया कि गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस जंजीरों में बांधकर ले जा रही है. लेकिन जांच में यह दावा झूठा निकला. असल में यह वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर का है, जहां पुलिस ने एक अन्य हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार किया था. दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि शिरडी साईं मंदिर में मिला दान मदरसे को दिया जा रहा है. पड़ताल में यह दावा भी पूरी तरह गलत साबित हुआ. यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश के किशोरगंज स्थित पगला मस्जिद का है. इसके अलावा बुलेटिन में मुंबई लोकल ट्रेन में पानी से भरा गिलास लेकर चर्चगेट से विरार तक सफर करने वाले युवक के अनोखे चैलेंज और चीन के एक कैफे में बच्चों के लिए रखी गई क्वांटम फिजिक्स की किताबों के वायरल वीडियो की भी जानकारी दी गई है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा है कि यह दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में 3 जून को लगी भीषण आग का है, जिसमें एक महिला बालकनी से उतरकर अपनी जान बचा रही है। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा झूठा निकला। असल में यह वीडियो दिसंबर 2025 का फिलीपींस के सेबू का है, जहां एक महिला ने जलती हुई इमारत से अपने कुत्तों की जान बचाई थी। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के चैंपियंस लीग जीतने के बाद फ्रांस में भड़की हिंसा में प्रदर्शनकारी पुलिस पर हमला कर रहे हैं। जांच में यह दावा भी गलत साबित हुआ। वीडियो में दिख रही पुलिस की शील्ड पर 'पॉलिसी' लिखा है, जो इंडोनेशियाई पुलिस को दर्शाता है। यह वीडियो सितंबर 2025 में इंडोनेशिया में सांसदों के वेतन बढ़ोतरी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन का है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों दो बड़े दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं. पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा जा रहा है कि ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल से हमला किया है. गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा झूठा साबित हुआ. असल में यह वीडियो 28 मई 2026 को दक्षिणी लेबनान के शहर टायर में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हुए इजरायली हमले का है. वहीं, दूसरे वायरल दावे में 500 रुपये के एक नोट की तस्वीर शेयर कर कहा जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बिना महात्मा गांधी की तस्वीर वाला नया प्लास्टिक नोट जारी किया है. जांच में सामने आया कि आरबीआई ने ऐसा कोई भी नोट जारी नहीं किया है. वायरल हो रही 500 रुपये के नोट की तस्वीर पूरी तरह से फर्जी है और इसे एआई (AI) टूल की मदद से बनाया गया है.
सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. पहले वीडियो में दावा किया गया कि बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग का विरोध कर रहे बांग्लादेशियों पर बीएसएफ ने कार्रवाई की है. गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा झूठा निकला. असल में यह वीडियो नेपाल में चुनाव से पहले सेना और पुलिस की मॉक ड्रिल का है. दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश में एक हिंदू व्यक्ति ने दूसरे समुदाय के व्यक्ति को थप्पड़ मारा और 'जय श्री राम' बोलने पर मजबूर किया. पड़ताल में यह दावा भी गलत साबित हुआ. यह घटना नवंबर 2025 में हरियाणा के हिसार में हुई थी और वीडियो में दिख रहे दोनों व्यक्ति हिंदू हैं. इसके अलावा, बुलेटिन के आखिरी हिस्से में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई अन्य वीडियो दिखाए गए हैं. इनमें सब्जी विक्रेता की मदद करते लोग, बकरे पर स्कूल जाता बच्चा, पहली सैलरी माता-पिता को देता युवक और फुटबॉल मैच के दौरान मैदान में घुसे बछड़े का वीडियो शामिल है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों कई भ्रामक दावे वायरल हो रहे हैं। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम ने ऐसे ही दो प्रमुख दावों की पड़ताल की है। पहले दावे में कहा जा रहा है कि तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक बच्ची की हत्या से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंसने वाले तीन पुलिस अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। पड़ताल में यह दावा पूरी तरह गलत निकला। पुलिस अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले एक कैमरामैन के मजाक पर हंसे थे और किसी को सस्पेंड नहीं किया गया है। दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि बकरीद के मौके पर ईरानी नौसेना ने समंदर के अंदर सजदा किया। जांच में सामने आया कि यह वीडियो एआई द्वारा बनाया गया है और इसका असलियत से कोई वास्ता नहीं है। इसके अलावा बुलेटिन में केरल के स्कूल में बच्चों के स्वागत और दक्षिण कोरियाई लड़के के हिंदी गाने समेत अन्य वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर इन दिनों दो दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं. पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा जा रहा है कि गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या चौहान की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी असद ने मर्डर के बाद यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ. वायरल वीडियो असद का नहीं, बल्कि दिल्ली के शालीमार बाग मर्डर केस के आरोपी करण कुमार का है. वहीं, दूसरे दावे में एक तस्वीर के जरिए कहा जा रहा है कि सनराइजर्स हैदराबाद की को-ओनर काव्या मारन ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को करोड़ों की घड़ी गिफ्ट की है. जांच में सामने आया कि यह तस्वीर एआई की मदद से एडिट की गई है. असल में काव्या ने मैच के बाद वैभव से सिर्फ हाथ मिलाया था. बुलेटिन में कुछ अन्य वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो दावों का फैक्ट चेक किया गया है। पहले दावे में एक खचाखच भरी ट्रेन का वीडियो शेयर कर कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में डिटेंशन सेंटर के डर से अवैध बांग्लादेशी वापस लौट रहे हैं। पड़ताल में यह दावा गलत निकला। यह वीडियो बांग्लादेश की चिल्हाटी एक्सप्रेस का है, जिसमें बकरीद के मौके पर लोग ढाका से घर लौट रहे थे। दूसरे दावे में एक वीडियो के जरिए कहा जा रहा है कि बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद बॉर्डर पर तारबंदी की जा रही है। एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से जांच करने पर पता चला कि यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसे एआई (AI) की मदद से बनाया गया है। इसके अलावा, बुलेटिन में कई अन्य वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं, जिनमें नई साइकिल के साथ बच्ची का वीडियो, छोटे भाई को स्कूल ले जाती छात्रा अस्मिता तमांग, बेंगलुरु में दिव्यांग की मदद करते ट्रैफिक पुलिसकर्मी अनिल कुमार और एक भावुक कर देने वाला गाय का वीडियो शामिल है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो दावों की 'फैक्ट चेक' टीम ने पड़ताल की है। पहले वीडियो में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी का समर्थन करने वाली महिला का घर चुनाव के बाद तोड़ दिया गया। जांच में सामने आया कि यह वीडियो दो अलग-अलग क्लिप्स को जोड़कर बना है। पहली क्लिप बंगाल की है, जबकि दूसरी क्लिप दिल्ली के भाई राम कैंप की है, जहां एलएनडीओ विभाग ने जमीन खाली करने का नोटिस दिया था। दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थकों ने वीआईपी गाड़ियों पर पथराव किया। पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो 21 मार्च 2026 को मथुरा में फरसा वाले बाबा उर्फ चंद्रशेखर सिंह की मौत के बाद हुए बवाल और पुलिस पर पथराव का है। इसके अलावा बुलेटिन में ब्रिटेन की सिंगर तान्या वेल्स द्वारा पंजाबी गाना गाने, गुरुग्राम के एसी वाले इलेक्ट्रिक ऑटो, और कार के नीचे फंसी बिल्ली के रेस्क्यू जैसे वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर तीन अलग-अलग घटनाओं के वीडियो भ्रामक दावों के साथ वायरल हो रहे हैं। पहले मामले में दावा किया गया कि भोपाल में लव जिहाद के आरोप में एक शख्स की पिटाई के बाद हिंसक प्रदर्शन हुए और मस्जिद में आग लगा दी गई। फैक्ट चेक में यह दावा गलत साबित हुआ। वायरल वीडियो में दिख रही आग एक इमारत की थी और पुलिस ने किसी भी गोलीबारी या आगजनी से इनकार किया है। दूसरे वीडियो में स्कूल में बच्चों पर पंखा गिरते हुए दिखाया गया है, जिसे भारत का बताया जा रहा है। पड़ताल में सामने आया कि यह घटना नेपाल के बीरगंज स्थित सिद्धार्थ स्कूल की है। तीसरे वीडियो में सासाराम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में आग लगने का दावा किया गया है। जांच में पता चला कि यह वीडियो 2024 में रिलीज हुई फिल्म 'गोधरा' की शूटिंग का है। 18 मई 2026 को सासाराम में ट्रेन में आग लगी थी, लेकिन उस वक्त ट्रेन खाली थी।