सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो के दावों की पड़ताल में Good News Today की फैक्ट चेक टीम ने खुलासा किया कि ये दोनों वीडियो फर्जी हैं. पहले वीडियो में ईरान द्वारा अमेरिकी F35 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया गया था. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो Google AI की मदद से बनाया गया है. SynthID और अन्य AI detection tools ने पुष्टि की कि वीडियो का अधिकांश हिस्सा Google के Veo 3 से बनाया गया है. हालांकि, अमेरिकी Central Command ने एक F35 विमान की आपातकालीन लैंडिंग की बात स्वीकार की है, लेकिन ईरानी हमले की पुष्टि नहीं की. दूसरे वायरल वीडियो में इजराइल के डिमोना परमाणु केंद्र पर हमले का दावा किया गया. जांच में यह वीडियो 2019 में अमेरिका के Philadelphia Energy Solutions refinery में हुए विस्फोट का निकला. किसी भी विश्वसनीय रिपोर्ट में इजराइल के परमाणु केंद्र पर हमले की पुष्टि नहीं मिली.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा था कि ईरान की ड्रोन फैक्ट्री में इजराइल पर हमले के लिए बड़े पैमाने पर सस्ते और टिकाऊ ड्रोन तैयार किए जा रहे हैं. गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल में पाया कि यह वीडियो चीन के Guangdong सूबे का है, न कि ईरान का। वीडियो चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 40 वर्षीय ड्रोन एक्सपर्ट Hu के अकाउंट से 5 मार्च को पोस्ट किया गया था। दूसरे वायरल वीडियो में एक व्यक्ति भारत के मुसलमानों से ईरान के युद्ध पीड़ित लोगों की मदद के लिए अपील करता दिखता है और एक QR Code भी लगा है। पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो Islamic scholar जमील अब्बास जाफरी के 14 मार्च के Instagram पोस्ट से छेड़छाड़ कर बनाया गया है। ईरानी Embassy ने 17 मार्च को चेतावनी दी कि किसी भी अनाधिकृत अकाउंट द्वारा जारी किए गए QR Code या UPI से उनका कोई लेना देना नहीं है। Charity Helping नाम का Facebook अकाउंट 17 मार्च 2025 को बनाया गया था जो फर्जीवाड़ा कर रहा है।
सोशल मीडिया पर इस्राएल-ईरान युद्ध से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं जो फर्जी निकले। पहले वीडियो में दावा किया गया कि तेल अवीव के खुफिया भवन में आग लग गई, लेकिन फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के क्वींस में 18 जनवरी 2026 को टायर की दुकान में लगी आग का है। दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि इस्राएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के हमले से डरकर भाग रहे हैं, लेकिन यह वीडियो दिसंबर 2021 का निकला जब वे विपक्ष के नेता थे और इस्राएली संसद में वोट देने के लिए भाग रहे थे। तीसरे वीडियो में दावा किया गया कि ईरान ने इस्राएल के परमाणु साइट पर हमला किया, लेकिन AI डिटेक्शन टूल्स ने इसे 99.9 प्रतिशत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बना हुआ पाया। Good News Today की फैक्ट चेक टीम ने गूगल रिवर्स इमेज सर्च और AI टूल्स का इस्तेमाल कर इन सभी वायरल वीडियो का सच उजागर किया।
सोशल मीडिया पर इजराइल-ईरान युद्ध से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें गलत दावे किए जा रहे हैं। पहला वीडियो तेल अवीव के इंटेलिजेंस बिल्डिंग में आग लगने का बताया जा रहा था, लेकिन फैक्ट चेक में पता चला कि यह न्यूयॉर्क के क्वींस के फ्लशिंग एवेन्यू पर 18 जनवरी 2026 को टायर की दुकान में लगी आग का वीडियो है। दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के हमले से डरकर भाग रहे हैं, लेकिन यह दिसंबर 2021 का वीडियो है जब वे विपक्ष के नेता थे और इजराइली संसद नेसेट में वोट देने के लिए भाग रहे थे। तीसरे वीडियो में इजराइल के न्यूक्लियर साइट पर ईरान के हमले का दावा किया गया, लेकिन AI detection tools से पता चला कि यह 99.9 फीसदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया वीडियो है। फैक्ट चेक टीम ने Google Reverse Image Search और AI detection tools का इस्तेमाल कर इन वायरल दावों का सच उजागर किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियोज का गुडलक टुडे की फैक्ट चेक टीम ने सच उजागर किया। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा था कि सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर गैस सिलेंडर की कमी के कारण हजारों लोग शहर छोड़कर जा रहे हैं। जांच में पता चला कि यह वीडियो 27 अक्टूबर 2024 का है जब दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने के लिए 35 हजार से अधिक यात्रियों की भीड़ जमा हुई थी। इस वीडियो का मौजूदा सिलेंडर की किल्लत से कोई संबंध नहीं है। दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि इजराइल के तेल अवीव में प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। फैक्ट चेक में सामने आया कि यह वीडियो 28-29 जनवरी 2026 को ईरान के मशहद शहर में हुए प्रदर्शन का है, जहां सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी और करीब 51 लोग मारे गए थे। दोनों वायरल दावे पूरी तरह गलत साबित हुए।
Good News Today के फैक्ट चेक कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो बड़े भ्रामक दावों की पड़ताल की गई। पहले दावे में एक वीडियो के जरिए कहा जा रहा था कि दिल्ली में भारत-इज़राइल डिफेंस फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स में भयानक आग लग गई। फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो 12 मार्च 2026 को वेस्ट दिल्ली के उत्तम नगर के पास मटियाला में मछली मार्केट में लगी आग का है, जिसमें 300 से 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गई थीं। इस वीडियो को भारत-इज़राइल डिफेंस सेंटर का बताकर झूठा और भ्रामक दावा किया जा रहा है। दूसरे दावे में ईरानी हमले में इज़राइल के तेल अवीव में हुई तबाही की तस्वीरें और वीडियो वायरल किए गए। पड़ताल में पता चला कि वायरल तस्वीर 22 जून 2025 की है, जो मौजूदा अमेरिका-इज़राइल-ईरान युद्ध से संबंधित नहीं है। वायरल वीडियो की जांच एआई डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन से की गई, जिसमें 99 फीसदी से ज्यादा एआई की मदद से बनाए जाने की संभावना सामने आई।
Good News Today के कार्यक्रम 'Fact Check' में नवजोत संधवा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई भ्रामक वीडियो की पड़ताल की। पहले वायरल दावे में कहा गया था कि ईरान के हमले से अमेरिकी सैनिक घबरा गए हैं और रो रहे हैं। तीन अलग-अलग वीडियो में अमेरिकी सैन्य वर्दी पहने लोगों को रोते हुए दिखाया गया था। Fact Check टीम ने AI Detection Tools का इस्तेमाल करके पाया कि ये वीडियो 56 से 99 फीसदी तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने हैं। दूसरे वायरल दावे में ईरानी सैनिकों को इजरायली सेना के सामने सरेंडर करते हुए दिखाया गया। यह वीडियो और फोटो भी AI जेनरेटेड निकले। Hive Moderation Tool ने इसके 82 फीसदी AI से बने होने की संभावना जताई। Google के SynthID Tool ने भी तस्वीर को Google Gemini से बनाया गया बताया। टीम ने पुष्टि की कि दोनों मामलों में सोशल मीडिया पर लोगों को गुमराह करने के लिए फर्जी कंटेंट शेयर किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भागते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि ईरान के हमले के डर से नेतन्याहू भाग रहे हैं। हालांकि, फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो दिसंबर 2021 का है जब नेतन्याहू विपक्ष के नेता थे और इजरायली संसद नेसेट में वोट देने के लिए भाग रहे थे। इजराइल के एक फैक्ट चेकर ने पुष्टि की कि पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। इसके अलावा, इजराइल के न्यूक्लियर साइट पर ईरान के हमले के नाम पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें समंदर में भयानक लहरें दिख रही हैं। पड़ताल में पाया गया कि यह वीडियो AI की मदद से बनाया गया है। Hive Moderation ने इस वीडियो के 99.9% आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का संकेत दिया। यह वीडियो TikTok account Marcus Foss पर मिला जो AI वीडियो बनाता है।
गुड न्यूज़ टुडे के शो 'फैक्ट चेक' में एंकर गीतिका पंत ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई फर्जी दावों की सच्चाई उजागर की. पहले वीडियो में दावा किया गया कि इजराइल के तेल अवीव एयरपोर्ट पर ईरानी हमले से घबराए लोग फ्लाइट टिकट के लिए लड़ रहे हैं, जबकि यह वीडियो जेरुसलम के सिनेमा सिटी मॉल में पॉपकॉर्न को लेकर हुई झड़प का है जो जुलाई 2025 का है. दूसरे वीडियो में नेतन्याहू के घर पर हमले का दावा किया गया, लेकिन यह अमेरिका के गैलोवे टाउनशिप में 9 फरवरी 2026 को लगी आग का वीडियो है. तीसरे वीडियो में एपस्टीन फाइल्स के विरोध में अमेरिका की सड़कों पर प्रदर्शन का दावा किया गया, जबकि यह एआई से बनाया गया वीडियो है जो वास्तव में ईरान के संदर्भ में तैयार किया गया था. फैक्ट चेक टीम ने रिवर्स सर्च और एआई डिटेक्टर टूल की मदद से इन दावों को झूठा साबित किया.
Good News Today के शो फैक्ट चेक में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई का खुलासा किया गया। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा था कि Epstein Files को लेकर अमेरिका में विरोध प्रदर्शन हुआ। फैक्ट चेक टीम की जांच में पता चला कि यह वीडियो AI की मदद से बनाया गया है और असल में ईरान के संदर्भ में तैयार किया गया था। AI डिटेक्टर टूल ने इसके AI से बने होने की 97% संभावना बताई। दूसरे वीडियो में दावा था कि रांची में एक हाथी फ्लाईओवर से गिर गया। जांच में यह भी AI जेनरेटेड वीडियो निकला जिसकी 99% पुष्टि हुई। स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और मीडिया में ऐसी किसी घटना की कोई खबर नहीं मिली। शो में सोशल मीडिया पर वायरल अन्य मनोरंजक वीडियो भी दिखाए गए।
गुड न्यूज़ टुडे के शो 'फैक्ट चेक' में एंकर नजुल सुंधा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों की सच्चाई उजागर की। पहली खबर में बताया गया कि जिस तस्वीर को ईरान के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर अमेरिका-इजराइल के हमले के रूप में वायरल किया जा रहा है, वह असल में इराक के बसरा में अमेरिकी कंपनी हैलिबर्टन के वेयरहाउस पर 7 मार्च 2026 को हुए ड्रोन हमले की तस्वीर है। न्यूज़ एजेंसी की वेबसाइट पर यह तस्वीर प्रतीकात्मक के रूप में इस्तेमाल की गई थी। दूसरी खबर में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत की भावुक वायरल तस्वीर को एआई जनरेटेड बताया गया। फैक्ट चेक टीम ने एआई डिटेक्ट टूल्स के माध्यम से पाया कि यह तस्वीर 1 मार्च 2026 को नीतीश के जन्मदिन के मौके की असली तस्वीर को एआई से बदलकर तैयार की गई है। शो में सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरों की पहचान करने और सच्चाई जानने पर जोर दिया गया।