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फैक्ट चेक

नेपाल के प्रधानमंत्री ने मस्जिदों और मजारों को गिराने का आदेश दिया? जानिए वायरल वीडियो का सच

15 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर नेपाल के प्रधानमंत्री को लेकर एक पोस्ट वायरल है. दावा किया जा रहा है कि उन्होंने नेपाल में सभी ईदगाहों, मस्जिदों और दरगाहों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है. पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने भारत सरकार के सामने देश को रामराज घोषित करने की शर्त रखी है. फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह फर्जी साबित हुआ. नेपाल के प्रधानमंत्री की तरफ से ऐसा कोई आदेश या बयान नहीं दिया गया है. नेपाल में अतिक्रमण हटाने का अभियान जरूर चला था, लेकिन किसी धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाया गया. इसके अलावा, एक अन्य वायरल वीडियो में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान सेना ने एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया. जांच में यह दावा भी झूठा निकला. असल में यह वीडियो बांग्लादेश की राजधानी ढाका का है, जहां एक छात्र नेता की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी. अन्य रोचक वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं.

पश्चिम बंगाल में सेना की गाड़ी पर हुआ पथराव? जानिए वायरल वीडियो का सच

14 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों कई भ्रामक वीडियो वायरल हो रहे हैं। 'गुड न्यूज़ टुडे' के 'फैक्ट चेक' कार्यक्रम में दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई। पहले वीडियो में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद में सेना की गाड़ी पर पथराव किया गया। जांच में यह दावा झूठा निकला। वीडियो में दिख रही गाड़ी पर 'RMP' (रॉयट मैनेजमेंट पुलिस) लिखा है, जो पाकिस्तान के पंजाब की फोर्स है। साथ ही, वीडियो में दिख रही 'लवली कोल्ड कॉर्नर' दुकान लाहौर के समानाबाद की है। दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि बेरूत में लेबनानी सेना ने ईरानी राजदूत को सड़क पर घसीटकर पीटा। पड़ताल में यह दावा भी फर्जी साबित हुआ। असल में यह वीडियो 15 मई 2022 का है, जिसमें चारबेल तोहमे नामक व्यक्ति को तत्कालीन लेबनानी राष्ट्रपति मिशेल औन के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा, बुलेटिन में ट्रेन में बने मंदिर और एक एयर होस्टेस के वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया।

ईरान ने होर्मुज ऑफ स्ट्रेट में अमेरिकी जहाज पर किया हमला? वायरल वीडियो की सच्चाई जानिए

13 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें ईरान द्वारा बड़े हमले करने के दावे किए गए हैं। पहले वीडियो में दावा किया गया है कि ईरान ने इजरायली रक्षा मंत्री की इमारत पर हमला किया है। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ। असल में यह वीडियो दिसंबर 2025 का है, जब ब्राजील के सेंटाना डो लिवरामेंटो शहर के एक सुपरमार्केट में आग बुझाते समय धमाका हुआ था। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में घुसने की कोशिश कर रहे अमेरिकी नौसेना के जहाज पर ईरान ने हमला कर दिया। एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से की गई जांच में सामने आया कि यह वीडियो एआई द्वारा बनाया गया है और पूरी तरह से फर्जी है। इसके अलावा, हालिया आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने भारत सहित कुछ चुनिंदा देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। दोनों वायरल दावे भ्रामक और तथ्यहीन हैं।

Fact Check: क्या इजराइल में आतंकवाद के दोषी फिलिस्तीनियों के लिए अब होगी मौत की सजा? जानिए पूरी सच्चाई

11 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों दो अलग-अलग दावों के साथ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इजराइल में एक नए कानून के तहत फिलिस्तीनी कैदी को बिजली के झटके देकर मौत की सजा दी गई। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम ने जब इस वीडियो की पड़ताल की, तो सामने आया कि यह वीडियो लंदन के रिप्लीज बिलीव इट ऑर नॉट म्यूजियम का है, जहां एक इलेक्ट्रिक चेयर का मॉडल रखा गया था। यह कोई असली घटना नहीं बल्कि एक प्रदर्शनी का हिस्सा है। वहीं, दूसरे मामले में पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर दो वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इनमें दावा किया गया है कि बंगाल में पुलिस उपद्रवियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर रही है। जांच में यह दावा भी पूरी तरह से भ्रामक निकला। दरअसल, ये दोनों वीडियो भारत के नहीं बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजधानी ढाका के हैं, जिन्हें गलत संदर्भ में बंगाल का बताकर शेयर किया जा रहा है।

इजरायल में फिलिस्तीनी को मौत की सजा और बंगाल चुनाव में पुलिस एक्शन के वायरल वीडियो का सच

10 अप्रैल 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों दो भ्रामक वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इजरायल में एक नए कानून के तहत फिलिस्तीनी कैदी को बिजली के झटके देकर मौत की सजा दी गई। 'गुड न्यूज़ टुडे' की फैक्ट चेक टीम ने जब इस दावे की पड़ताल की, तो पता चला कि यह वीडियो लंदन के 'रिपली बिलीव इट ऑर नॉट' म्यूजियम का है, जहां एक इलेक्ट्रिक चेयर का मॉडल रखा हुआ था। यह म्यूजियम 2017 में बंद हो चुका है। वहीं, दूसरे मामले में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़कर दो वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं और उपद्रवियों पर पुलिस लाठीचार्ज कर रही है। जांच में सामने आया कि ये दोनों वीडियो पश्चिम बंगाल के नहीं, बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजधानी ढाका के न्यू एस्काटन रोड और शाहबाग इलाके के हैं। हमारी पड़ताल में इजरायल और बंगाल चुनाव से जुड़े ये दोनों वायरल दावे पूरी तरह से झूठे साबित हुए हैं।

बंगाल चुनाव में सेना की एंट्री और कुवैत युद्ध में भारतीयों की मौत के दावों का सच

09 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के इस विशेष बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो बड़े दावों की पड़ताल की गई है. पहले दावे में एक वीडियो के जरिए कहा गया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में भारतीय सेना ने उपद्रवियों के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है. हमारी जांच में यह दावा पूरी तरह गलत निकला; वायरल वीडियो असल में बांग्लादेश के ढाका का है, जहां चुनाव के दौरान बांग्लादेशी सेना तैनात थी. दूसरे दावे में तस्वीरों के जरिए बताया गया कि मध्य पूर्व युद्ध के कारण कुवैत से 20 भारतीयों के शव लाए गए हैं. पड़ताल में पता चला कि ये तस्वीरें जून 2024 की हैं, जब कुवैत की एक इमारत में आग लगने से भारतीय मजदूरों की मौत हुई थी. इसके अलावा, बुलेटिन में नागालैंड के अनुशासित बच्चे, 81 किलो वजन उठाने वाली 9 साल की लुसी मिलग्रिम और कच्छ के रण में हजारों फ्लेमिंगो के मनोरम दृश्यों जैसे सकारात्मक वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं.

क्या पश्चिम बंगाल के मालदा में सेना ने किया लाठीचार्ज? जानें वायरल वीडियो की सच्चाई

08 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के इस विशेष बुलेटिन में एंकर नवजोत संधावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख भ्रामक दावों का पर्दाफाश कर रही हैं। पहले मामले में, एक वीडियो साझा कर दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल के मालदा में बिगड़ते हालात के बाद भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और एक धर्म विशेष के लोगों पर लाठीचार्ज कर रही है। हालांकि, जांच में पाया गया कि यह वीडियो भारत का नहीं बल्कि बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया का है, जहां 2026 के चुनावों के दौरान सेना ने उपद्रवियों पर कार्रवाई की थी। दूसरे मामले में, एक जर्जर जुगाड़ू पुल पर ई-रिक्शा दौड़ने का वीडियो बिहार का बताकर वायरल किया गया। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो भी बांग्लादेश के नरसिंग जिले का है, न कि बिहार का। बुलेटिन में इसके अलावा इंटरनेट पर चर्चा बटोर रहे कुछ अन्य दिलचस्प और भावुक वीडियो भी दिखाए गए हैं।

युद्ध के बीच इजरायल में हजारों लोग सड़कों पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ उतरे? जानिए वायरल वीडियो का सच

07 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के 'फैक्ट चेक' शो में एंकर नवजोत संधावा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख भ्रामक दावों की सच्चाई उजागर की है। पहले दावे में एक वीडियो साझा कर कहा गया कि ईरान के साथ युद्ध के विरोध में इजरायली जनता प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। हालांकि, पड़ताल में पाया गया कि यह वीडियो जनवरी 2024 का है और ईरान के मशहद शहर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों से संबंधित है। दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि 2 अप्रैल को इंडोनेशिया में आए भीषण भूकंप के कारण जमीन में दरारें पड़ गईं। तकनीकी जांच और AI डिटेक्शन टूल्स से यह स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो वास्तविक नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा निर्मित है। शो में इसके अलावा प्रोफेसर के स्वैग, जानवरों की समझदारी और सोशल मीडिया के अन्य दिलचस्प वीडियो भी दिखाए गए। चैनल ने दर्शकों से अपील की कि वे बिना जांचे-परखे किसी भी वायरल खबर पर विश्वास न करें।

युद्ध के बीच इजरायल में हजारों लोग सड़कों पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ उतरे? जानिए वायरल वीडियो का सच

07 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के 'फैक्ट चेक' कार्यक्रम में एंकर नवजोत संधावा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की सच्चाई उजागर की है। पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा गया कि ईरान से जंग के बीच इजरायली जनता प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो इजरायल का नहीं, बल्कि जनवरी 2024 में ईरान के मशहद शहर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों का है। वीडियो में दिख रहे बैनर और वाहन ईरानी मूल के पाए गए। दूसरी खबर इंडोनेशिया में आए भूकंप से जुड़ी है, जिसमें जमीन फटने और लोगों के भागने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जांच में पाया गया कि इस वीडियो में लोग हिंदी में बात कर रहे हैं और एआई डिटेक्शन टूल्स ने इसे 96% तक 'AI जनित' बताया है। यह स्पष्ट हुआ कि दोनों ही वायरल दावे भ्रामक और गलत हैं।

कश्मीर में फ्री बिजली की मांग को लेकर महिलाओं ने तोड़े स्मार्ट मीटर? जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई

06 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के इस बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो बड़े दावों की पड़ताल की गई है. पहले मामले में एक वीडियो वायरल है जिसमें महिलाएं बिजली के स्मार्ट मीटर तोड़ती दिख रही हैं. दावा किया गया कि ईरान को 600 करोड़ का दान देने वाले कश्मीरी अब मुफ्त बिजली के लिए ये मीटर तोड़ रहे हैं. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो साल 2025 का है और इसका वर्तमान ईरान-इजराइल युद्ध से कोई संबंध नहीं है. दूसरी खबर जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमले के वीडियो की है, जिसे चीन द्वारा जारी बताया जा रहा है. तकनीकी जांच और AI डिटेक्टर टूल्स (Hive Moderation और Detectvideo.ai) के जरिए यह साफ हुआ कि यह वीडियो पूरी तरह से AI जनरेटेड है. चैनल के फैक्ट चेक में दोनों ही दावे भ्रामक और झूठे पाए गए हैं.

ईरानी मिसाइल से पाकिस्तान के तेल टैंकर पर किया हमला, जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई

04 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के इस 'फैक्ट चेक' बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की सच्चाई उजागर की गई है. पहले मामले में, दिल्ली के उत्तम नगर का बताकर एक वीडियो साझा किया जा रहा है जिसमें भीड़ को भागते हुए देखा जा सकता है. दावा किया गया कि तरुण कुमार हत्याकांड के बाद एक धर्म विशेष के लोग वहां से भाग रहे हैं. हालांकि, पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो राजस्थान के बारां का है, जहां गौसेवकों पर पुलिस लाठीचार्ज हुआ था. दूसरे मामले में, एक जलते हुए जहाज का वीडियो इस दावे के साथ वायरल है कि ईरान ने बिना अनुमति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर रहे पाकिस्तानी तेल टैंकर को मिसाइल से उड़ा दिया. जांच में पाया गया कि यह जहाज माल्टा के झंडे वाला 'Safin Prestige' है, जो एक अज्ञात हमले का शिकार हुआ था और इसका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है. एंकर गीतिका पंत ने दर्शकों से बिना जांचे-परखे खबरों को साझा न करने की अपील की है.