scorecardresearch

फैक्ट चेक

कॉकरोच जनता पार्टी के घूसकांड का सच, असम मस्जिद में हथियारों का दावा और वायरल वीडियो की पड़ताल

28 मई 2026

गुड न्यूज़ टुडे के शो 'फैक्ट चेक' में सोशल मीडिया पर वायरल दो बड़े दावों की पड़ताल की गई है। पहला दावा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) से जुड़ा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ने का वीडियो वायरल है। पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला। यह वीडियो फरवरी का है, जब छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सब-इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ को रिश्वत लेते पकड़ा था। इसका 16 मई को बनी व्यंग्यात्मक कॉकरोच जनता पार्टी से कोई संबंध नहीं है। दूसरा दावा असम की एक मस्जिद से भारी मात्रा में हथियार मिलने का है। फैक्ट चेक में यह दावा भी झूठा साबित हुआ। असल में यह वीडियो मणिपुर पुलिस का है, जब लामशांग इलाके में UNLF (बांबेई गुट) के उग्रवादियों से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। इसके अलावा शो में क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी, लीची वाले से मोलभाव करती बच्ची कियारा और इंडिगो पायलट द्वारा रिकॉर्ड किए गए भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के दिलचस्प वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं।

बंगाल में बुलडोजर एक्शन और केरल में धमकी वाले वायरल वीडियो का सच, काजीरंगा में दिखा सफेद हिरण

27 मई 2026

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों और फेक न्यूज का चलन तेजी से बढ़ रहा है। गुड न्यूज़ टुडे के 'फैक्ट चेक' कार्यक्रम में दो बड़े वायरल दावों की पड़ताल की गई। पहले दावे में एक वीडियो को पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों पर बुलडोजर कार्रवाई का बताया जा रहा था। लेकिन जांच में सामने आया कि यह वीडियो 20 मई को बांग्लादेश के मीरपुर में अवैध कब्जों पर हुई कार्रवाई का है। वहीं, दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि केरल में नई सरकार बनने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिंदुओं को धमकी दी। पड़ताल में यह दावा भी झूठा निकला। असल में यह वीडियो राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह के बाहर का है, जहां जायरीन 'या हुसैन' के नारे लगा रहे थे। इसके अलावा, असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में एक दुर्लभ सफेद हॉग हिरण देखा गया, जिसका वीडियो मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने शेयर किया। साथ ही, ट्रेन में बुजुर्ग की मदद करते पुलिसकर्मी और अन्य रोचक वायरल वीडियो भी इस बुलेटिन में दिखाए गए हैं।

CM विजय की राहुल गांधी के साथ AI तस्वीर और वायरल वीडियो की पड़ताल

26 मई 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों की सच्चाई जानने के लिए 'फैक्ट चेक' में दो अहम मामलों की पड़ताल की गई। पहले दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा जा रहा था कि पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर बीएसएफ ने एक घुसपैठिए को तार के नीचे से सीमा पार करते हुए पकड़ा है। जांच में यह दावा झूठा निकला। असल में यह वीडियो मार्च 2026 का है, जिसमें बांग्लादेशी सेना ने एक ड्रग तस्कर को पकड़ा था। दूसरे मामले में एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने शपथ लेने के बाद राहुल गांधी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। पड़ताल और एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से यह साफ हुआ कि यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है और पूरी तरह से फर्जी है। इसके अलावा बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अन्य मनोरंजक वीडियो भी दिखाए गए, जिनमें बच्चों की पूल पार्टी, बीएसएफ जवानों के गीत, स्कूटी में लगा देसी एसी और ऊंट के साथ स्टंट करते लड़के का वीडियो शामिल है।

क्या पश्चिम बंगाल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का है ये वायरल वीडियो?

25 मई 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों भ्रामक दावों की बाढ़ आई हुई है। 'गुड न्यूज़ टुडे' के 'फैक्ट चेक' में आज दो बड़े वायरल दावों की पड़ताल की गई। पहला वीडियो पश्चिम बंगाल का बताया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया कि बीजेपी सरकार बनने के बाद अतिक्रमण पर बुलडोजर की कार्रवाई हो रही है। लेकिन जांच में सामने आया कि यह वीडियो 12 मई 2026 को बांग्लादेश के जेस्सोर में की गई कार्रवाई का है। दूसरा वीडियो बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर 18 मई 2026 को एक ट्रेन में लगी भीषण आग का बताकर शेयर किया जा रहा है। पड़ताल में यह दावा भी झूठा निकला। असल में यह साल 2024 में रिलीज हुई फिल्म 'बोधदरा' की शूटिंग का दृश्य है। इसके अलावा, बुलेटिन में कुछ अन्य वीडियो भी दिखाए गए। इनमें पीएम मोदी से बात करती बच्ची, सब्जी के ठेले के नीचे पढ़ाई करती बहनें, स्कूल में प्रार्थना करता कुत्ता, मॉल में उड़ता फ्रांसीसी जादूगर जेवियर मॉर्टिमर और 21 मई 2026 को माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली ITBP की महिला टीम शामिल है।

सासाराम ट्रेन हादसा, बंगाल में बुलडोजर एक्शन और घुसपैठियों के वायरल दावों का सच

24 मई 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों कई भ्रामक वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। 'फैक्ट चेक' के इस एपिसोड में तीन बड़े वायरल दावों की पड़ताल की गई है। पहला दावा बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर 18 मई को ट्रेन में लगी आग का है, जिसमें यात्रियों के फंसे होने की बात कही गई। जांच में पता चला कि यह वीडियो 2024 में रिलीज हुई 'गोधरा' फिल्म की शूटिंग का है। दूसरा दावा पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई का है। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं, बल्कि बांग्लादेश के जेस्सोर का है, जहां अवैध ढांचों को ढहाया गया था। तीसरा दावा बंगाल से अवैध घुसपैठियों को बसों में भरकर वापस बांग्लादेश भेजने का है। जांच में यह दावा भी गलत निकला। असल में यह वीडियो सितंबर 2024 का है, जब असम के बरपेटा में विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा गैर-नागरिक घोषित किए गए 28 लोगों को गोलपाड़ा के ट्रांजिट कैंप में भेजा गया था।

बंगाल और हैदराबाद के वायरल दावों का सच और बिना पैरों के एवरेस्ट फतह करने वाले रुस्तम की कहानी

22 मई 2026

गुड न्यूज़ टुडे के 'फैक्ट चेक' शो में शगुफ्ता साहिल देव ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों की सच्चाई उजागर की। पहले दावे में कहा जा रहा था कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत का जश्न मनाने वाली महिला का घर नई सरकार ने तोड़ दिया। पड़ताल में यह दावा झूठा निकला, क्योंकि वीडियो में दो अलग-अलग क्लिप्स जोड़ी गई थीं। पहली क्लिप बंगाल के न्यू टाउन की थी, जबकि दूसरी क्लिप दिल्ली के कालकाजी में डीडीए की कार्रवाई की थी। दूसरे दावे में हैदराबाद में एक युवक की हत्या को सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि हमलावर और पीड़ित दोनों हिंदू थे और हत्या की वजह आपसी रंजिश थी। इसके अलावा शो में रूस के रुस्तम नाबीयेव का वीडियो भी दिखाया गया, जिन्होंने बिना पैरों के सिर्फ अपने हाथों के सहारे माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया। साथ ही, एक हाथी द्वारा जंगल का रास्ता साफ करने का वीडियो भी दिखाया गया।

सड़क पर नमाज रोकने पर हुआ प्रदर्शन?, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो कितना सच?

21 मई 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो बड़े दावों की पड़ताल की गई है। पहले वीडियो में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक के बाद एक समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया। जांच में सामने आया कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं, बल्कि बांग्लादेश के चटगांव का है, जहां अवामी लीग के नेता इंजीनियर मुशर्रफ हुसैन के जनाजे में भीड़ उमड़ी थी। दूसरे वायरल वीडियो में लिफ्ट के अंदर एक लड़के द्वारा लड़की को बेरहमी से पीटते हुए दिखाया गया है। पड़ताल में पता चला कि यह कोई असल घटना नहीं है, बल्कि पेशेवर कुश्ती खिलाड़ी विपिन चौहान और उनकी पत्नी रुचिका शाह द्वारा बनाया गया एक स्क्रिप्टेड वीडियो है। इसके अलावा, बुलेटिन में सौ रुपये में जन्मदिन मनाते बच्चे, बिना डरे इंजेक्शन लगवाती बच्ची, पहाड़ों के बीच क्रिकेट खेलते लोग, भोजपुरी गाना गाते शख्स, मिस्र-लीबिया बॉर्डर पर नमक और मिट्टी से बने लग्जरी घर, पुल के नीचे से लटककर पार करते युवक, डोसा खाते सांड और जंगल सफारी के दौरान जीप की तरफ दौड़ते हाथी के दिलचस्प वीडियो भी दिखाए गए हैं।

बंगाल में बुलडोजर एक्शन? जानिए Viral बुलडोजर कारवाई का सच

20 मई 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों की पड़ताल में दो प्रमुख वीडियो का सच सामने आया है। पहले वीडियो में दावा किया गया था कि पश्चिम बंगाल में बुलडोजर कार्रवाई के बाद एक महिला रो रही है। फैक्ट चेक में यह दावा गलत साबित हुआ। असल में यह वीडियो दिल्ली की बाबरपुर गैस एजेंसी का है, जहां लाइन में लगी महिला को बोतल लगने से चोट आई थी। दूसरे वायरल वीडियो में मंच पर डांस कर रही महिला को टीएमसी सांसद सायनी घोष बताया जा रहा था। जांच में पता चला कि यह वीडियो बांग्लादेश के बैसाखी मेले का है और डांस कर रही महिला बांग्लादेशी डांसर मेघा क्वीन है। इसके अलावा, रूस के साइबेरिया स्थित ओकुनेवो गांव का वीडियो भी वायरल है, जिसे 'मिनी इंडिया' कहा जा रहा है। यहां -40 डिग्री तापमान में भी लोग इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण और शिव की पूजा करते नजर आ रहे हैं। बुलेटिन में 110 किलो वजन उठाने वाली दादी के वायरल वीडियो भी शामिल हैं।

बंगाल में बुलडोजर एक्शन का सच, बंदर का AI वीडियो और पीएम मोदी को बच्ची का संदेश

18 मई 2026

सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद बुलडोजर कार्रवाई का एक वीडियो वायरल हो रहा है। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा झूठा साबित हुआ है। असल में यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश के ढाका स्थित सावर इलाके का है, जहां अप्रैल 2026 में अवैध अतिक्रमण हटाया गया था। वीडियो में दिख रही पुलिस की नीली वर्दी भी बांग्लादेश पुलिस की है, जबकि बंगाल पुलिस सफेद वर्दी पहनती है। इसके अलावा, एक अन्य वायरल वीडियो में एक बंदर को पेड़ की टहनी गिरने से पहले एक सोते हुए बच्चे को बचाते हुए दिखाया गया है। एआई डिटेक्शन टूल्स की जांच में यह वीडियो पूरी तरह से एआई जनरेटेड पाया गया है। बुलेटिन के आखिरी हिस्से में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ अन्य दिलचस्प वीडियो भी दिखाए गए हैं, जिनमें एक छोटी बच्ची प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी यात्राओं पर न जाने का संदेश देते हुए कहती है कि उसका नानी का घर ही विदेश यात्रा जैसा है।

Fact Check: क्या बंगाल में मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने थामा भाजपा का दामन? जानिए वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई

16 मई 2026

सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलते ही बड़े बदलाव हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा है कि बंगाल में बड़ी संख्या में मुसलमान टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। हमारी फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा झूठा निकला। यह वीडियो मार्च 2026 का असम के पाथारकांदी का है, जहां चुनाव से पहले विधायक कृष्णेंदु पॉल की मौजूदगी में मुस्लिम समुदाय के लोग बीजेपी में शामिल हुए थे। दूसरे वायरल वीडियो में एक बुर्का पहने लड़की बांग्लादेश का झंडा जलाती दिख रही है। दावा है कि बंगाल के स्थानीय मुस्लिम बांग्लादेशियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जांच में पता चला कि यह वीडियो दिसंबर 2025 का मुंबई के नालासोपारा का है। वीडियो में दिख रही लड़की इन्फ्लुएंसर शबनम शेख है, जो बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या का विरोध कर रही थी। इन दोनों ही वायरल वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई लेना-देना नहीं है।

बंगाल में हिंसा और घुसपैठियों के नाम पर वायरल हो रहे वीडियो की क्या है सच्चाई? देखिए फैक्ट चेक रिपोर्ट

15 मई 2026

सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल को लेकर दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में सड़क पर एक युवक की पिटाई की जा रही है, जिसे बंगाल में नई सरकार बनने के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले का बताया जा रहा है। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ। असल में यह वीडियो अप्रैल 2026 का है और महाराष्ट्र के मुंबई स्थित अंधेरी वेस्ट के वर्सोवा इलाके का है। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुसलमानों और ईसाइयों को बांग्लादेशी घुसपैठिया बताकर राज्य से बाहर निकाला जा रहा है। जांच में यह दावा भी भ्रामक निकला। यह वीडियो उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित कौशांबी इलाके का है, जहां पुलिस एक झुग्गी बस्ती में सत्यापन कर रही थी। इन दोनों ही वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है और इन्हें भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।