सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के 60 किलोमीटर अंदर तक घुसने के दावे के साथ साझा किए गए वीडियो की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की। जांच में वीडियो भारत-बांग्लादेश सीमा का मिला, जहां भारतीय सीमा सुरक्षा बल और बांग्लादेशी सीमा बल के बीच कहासुनी हुई थी. नेपाल में अवैध मुस्लिम घुसपैठियों को भगाने के दावे वाला दूसरा वीडियो भी नेपाल का नहीं मिला. यह बांग्लादेश की राजधानी ढाका के गुलस्तान में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं की झड़प से जुड़ा था. कार्यक्रम में मां दुर्गा बनी बच्ची, पैरों से लिखने वाली कटिहार की लक्ष्मी, बच्ची के सामने झुकते अघोरी बाबा, छोटे भाई को खाना खिलाते बड़े भाई, मजदूर की नकल करते पपी, मां-बेटे के रसगुल्ला प्रसंग, दिल्ली मेट्रो में गाना गाते यात्री और बचाए गए हाथियों के वीडियो भी दिखाए गए.
गुड न्यूज टुडे के खास शो 'फैक्ट चेक' में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो दावों का सच दिखाया गया. पहले दावे में टीएमसी सांसद सायनी घोष का एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बीजेपी के करीब आते ही उनके बोल बदल गए. पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो की दोनों क्लिप्स संसद में दिए गए उनके एक ही भाषण का हिस्सा हैं, जब वह टीएमसी में ही थीं. दूसरी खबर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक वायरल वीडियो से जुड़ी है, जिसमें समुदाय विशेष के लोगों द्वारा हिंदुओं के घर पर हमले का दावा किया गया. पुलिस जांच और फैक्ट चेक में पता चला कि यह मामला सरकारी रास्ते से अतिक्रमण हटाने को लेकर दो मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद का है और इसमें कोई धार्मिक कोण नहीं है.
गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे कई दावों की पड़ताल कर उनका सच सामने लाया है. पहले दावे में नेपाल की मस्जिद का बताकर शेयर किया गया लाठीचार्ज का वीडियो वास्तव में मार्च 2020 का कर्नाटक के बेलगावी का निकला, जहां कोरोना लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की थी. वहीं दूसरे मामले में इंदौर के बाजार में पुलिस से बचने के लिए चोर के बस और होर्डिंग पर चढ़ने का दावा करने वाला वीडियो AI डिटेक्शन टूल की जांच में 99.8% एआई जनरेटेड पाया गया. तीसरे मामले में केरल बाढ़ का बताकर वायरल किया गया वीडियो अगस्त 2025 का पाकिस्तान के कराची का निकला. इसके अलावा बुलेटिन में फ्लोरिडा में बेटी की पहली सोलो फ्लाइट, दिल्ली की बारिश में महिला की मदद करते बाइकर, जर्मन नागरिक के हिंदी बोलने और ईवी चार्जर के केबल में फंसे बच्चे को बचाती हथिनी के सीसीटीवी फुटेज जैसे वायरल वीडियो भी शामिल हैं.
गुड न्यूज टुडे के फैक्ट चेक शो में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो बड़े दावों की सच्चाई सामने लाई गई. पहले दावे में कहा गया कि रांची में JPSC और JSSC परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने SDO और ADM को जमीन पर बैठकर बातचीत के लिए मजबूर कर दिया. पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो रांची का नहीं बल्कि धनबाद के विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय का है, जहां AISA छात्रों ने 27 जुलाई को अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था. दूसरे दावे में एक वीडियो शेयर कर कहा गया कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी हिंदुओं की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. फैक्ट चेक टीम ने पाया कि यह वीडियो असम के गोसाईं गांव का है, जहां जमीन विवाद को लेकर नूरुल खान और गनी शेख नामक दो मुस्लिम गुटों के बीच झड़प हुई थी. इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। इसके अलावा बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल अन्य प्रेरक और मनोरंजक वीडियो दिखाए गए.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे तीन अलग-अलग दावों की पड़ताल फैक्ट चेक की टीम ने की है। पहले दावे में एक शख्स के मोरक्को से समुद्र के रास्ते तैरकर स्पेन के स्कूटा में अवैध रूप से दाखिल होने का दावा किया गया। जांच में पता चला कि यह वीडियो मोरक्को के अल जदीदा शहर का है और तैराक ने खुद इसका खंडन किया है। दूसरे दावे में एक व्यक्ति के बाढ़ में बहने का वीडियो केरल का बताया गया, जबकि पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो पाकिस्तान के कराची शहर की बाढ़ से जुड़ा हुआ है। तीसरे दावे में असम में बाढ़ के पानी में डूबी मस्जिद पर चढ़कर अज़ान देने का वीडियो वायरल हुआ, जो जांच के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना पाया गया। फैक्ट चेक की टीम ने इन तीनों वायरल वीडियो के दावों को पूरी तरह से भ्रामक और झूठा साबित किया है।
सोशल मीडिया पर फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावे के मुताबिक, 4 अगस्त को हुई घटना के दौरान यात्रियों के रोने और खिड़की का पैनल उखड़ने का यह दृश्य है. फैक्ट चेक टीम की जांच में पाया गया कि यह वीडियो 19 अप्रैल 2018 का है, जब अमृतसर से दिल्ली आ रही एयर इंडिया बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान में भारी टर्बुलेंस हुआ था. वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि महाराष्ट्र के नासिक में एक दंपत्ति ने बेटी होने के कारण नवजात बच्ची को लावारिस छोड़ दिया. पड़ताल में सामने आया कि यह दावा भी पूरी तरह गलत है. यह दरअसल 'नया साल' नामक एक शॉर्ट फिल्म की शूटिंग का वीडियो है, जिसे अधूरा शेयर कर भ्रम फैलाया जा रहा था.
सोशल मीडिया पर फैले कई दावों का फैक्ट चेक किया गया है. बिहार में NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध प्रदर्शन में तेंदुए के साथ प्रदर्शन करने का दावा पूरी तरह झूठा साबित हुआ है. पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो मई महीने का है, जब बिहार के पूर्णिया में ग्रामीणों ने फसलों और मवेशियों को नुकसान पहुंचाने वाले तेंदुए को मार गिराया था. वहीं, बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन द्वारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यकाल की तारीफ करने का वायरल दावा भी गलत है. ऋतिक रोशन ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. इसके अलावा, बाहर का खाना खाने की आदत छुड़ाने के लिए एक मां द्वारा अपनी बेटी के पेट पर फेक अल्ट्रासाउंड प्रैंक करने और मां-बेटे की भावुक बातचीत का वीडियो भी वायरल हो रहा है. असम के गुवाहाटी में भारी बारिश के बीच ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी को एक शख्स द्वारा रेनकोट उपहार में देने का प्रेरक वीडियो भी सामने आया है.
गुड न्यूज टुडे के खास शो में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी दावों और वीडियो की सच्चाई सामने लाई गई। वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि हालिया विवादित बयान के बाद अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की पिटाई कर दी गई। फैक्ट चेक टीम की जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा निकला। वायरल वीडियो में दिख रही महिला तृणमूल कांग्रेस नेता प्रणयिता दास हैं, जिनके साथ जलपाईगुड़ी में धक्का-मुक्की हुई थी। इसके अलावा असम बाढ़ से जोड़कर शेयर किए जा रहे दो अन्य वीडियो की भी पड़ताल की गई। पड़ताल में सामने आया कि पहला वीडियो जम्मू-कश्मीर के बडगाम का है जहां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पानी में बह गया था, जबकि दूसरा वीडियो हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर एसडीआरएफ द्वारा व्यक्ति को बचाए जाने का है। बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल अन्य कई दिलचस्प और भावुक वीडियो भी दिखाए गए।
सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी दावों के साथ वायरल हो रहे दो प्रमुख वीडियो का फैक्ट चेक किया गया है। पहले मामले में, कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च का बताकर एक वीडियो शेयर किया जा रहा था, जिसमें एक युवक पुलिसकर्मी को जूता मारता दिखता है। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि अगस्त 2025 का पटना, बिहार का है, जहां STET अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। दूसरे मामले में, असम बाढ़ से जोड़कर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें जलमग्न मस्जिद पर खड़े होकर एक शख्स अजान देता दिख रहा है। जांच में पाया गया कि यह कोई वास्तविक घटना नहीं बल्कि गूगल एआई द्वारा तैयार किया गया एक एआई-जनरेटेड वीडियो है। इसके अलावा, एयर इंडिया के पायलट तनीश अरोड़ा द्वारा अपनी मां को पहली बार विमान में सफर कराने का भावुक वीडियो भी दिखाया गया।
सोशल मीडिया पर पटना के इस्कॉन मंदिर में आतंकी हमले के दावे के साथ एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. फैक्ट चेक टीम की जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है. असल में 29 जुलाई को बिहार एटीएस द्वारा मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को परखने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था. वहीं, असम की बाढ़ में लैंडस्लाइड से मकान गिरने का दावा करने वाला एक अन्य वायरल वीडियो भी जांच में एआई जनरेटेड निकला, जिसे भ्रामक तरीके से शेयर किया जा रहा था. इसके अलावा बुलेटिन में कई अन्य दिलचस्प और प्रेरणादायक वायरल वीडियो दिखाए गए. इसमें भारतीय सेना के जवानों द्वारा एक महिला किसान के साथ धान की रोपाई में मदद करने, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की एस्ट्रोनॉट सोफी एडेनोट द्वारा आईएसएस में शून्य गुरुत्वाकर्षण में योग करने और हरियाणा के कैथल जिले में संदीप चाखौली द्वारा संचालित पशुओं के अनोखे ब्यूटी पार्लर जैसी खबरें शामिल हैं.
सोशल मीडिया पर बॉलीवुड एक्टर द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल की तारीफ करने का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि एक्टर ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना की है। हालांकि, गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की जांच में यह दावा पूरी तरह गलत और बेबुनियाद साबित हुआ। एक्टर की तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पुलिस सीजेपी प्रदर्शन में शामिल छात्रों को घर-घर से ढूंढकर गिरफ्तार कर रही है। फैक्ट चेक टीम ने जांच में पाया कि यह वीडियो हालिया घटना का नहीं बल्कि फरवरी 2026 का है, जिसका सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। जांच से स्पष्ट हुआ कि दोनों वायरल दावे भ्रामक और असत्य हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो अलग-अलग दावों की फैक्ट चेक टीम द्वारा पड़ताल की गई. पहले दावे में कहा जा रहा था कि पुलिस सीजेपी प्रदर्शन में शामिल छात्रों को ढूंढ-ढूंढ कर गिरफ्तार कर रही है. हालांकि जांच में सामने आया कि यह वीडियो फरवरी का है और दिल्ली विश्वविद्यालय के मॉरिस नगर थाने में हुए विवाद से जुड़ा है. इसका हालिया सीजेपी प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है. दूसरे दावे में एक व्यक्ति द्वारा थार गाड़ी में आग लगाने की कोशिश के वीडियो को सीजेपी प्रदर्शन का बताया गया. पड़ताल में पाया गया कि यह घटना बिहार के गया में हुई सड़क दुर्घटना के बाद का है, जिसे गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा था. इसके अलावा बुलेटिन में बच्चों और जानवरों से जुड़े सोशल मीडिया के कई वायरल और मजेदार वीडियो भी दिखाए गए.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों और विभिन्न वायरल वीडियो का सच सामने आया है. पहले दावे में यह कहा जा रहा था कि पाकिस्तानी क्रिकेटर हसन अली जब भारत यात्रा पर आए, तो ट्रेन में उनके साथ मारपीट की गई. फैक्ट चेक की पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो लुधियाना का है, जहां ट्रेन में सोने का लॉकेट चोरी करते पकड़े गए एक चोर की यात्रियों ने पिटाई की थी. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति हसन अली नहीं है. दूसरे दावे में चार अलग-अलग वीडियो को अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का बताकर शेयर किया जा रहा था. पड़ताल में सामने आया कि ये वीडियो माल्टा में पटाखा फैक्टरी धमाके, मॉस्को शॉपिंग सेंटर आग, हॉन्गकॉन्ग इमारत अग्निकांड और दुबई गोदाम आग के पुराने वीडियो हैं. इनका हालिया युद्ध तनाव से कोई संबंध नहीं है. इसके अलावा बुलेटिन में सोशल मीडिया के कई मनोरंजक वीडियो भी दिखाए गए.
सोशल मीडिया पर दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान नई हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ. हमारी फैक्ट चेक टीम ने जांच में पाया कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि बिहार के पाटलिपुत्र स्टेशन का है, जहां परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों ने ट्रेन लेट होने पर हंगामा किया था. इसके अलावा, अमेरिका के F-22 रैप्टर लड़ाकू विमान को ईरान द्वारा मार गिराए जाने का दावा भी बेबुनियाद निकला. पड़ताल में पता चला कि वायरल क्लिप ग्रीक एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट की एमर्जेंसी लैंडिंग और हादसे की है. इसके साथ ही बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई अन्य मनोरंजक और दिलचस्प वीडियो भी दिखाए गए हैं.
सोशल मीडिया पर लगातार कई भ्रामक और फर्जी दावे शेयर किए जा रहे हैं, जिनकी पड़ताल गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने की है। सबसे पहले, दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर आंसू गैस का गोला वापस फेंकने का एक वीडियो वायरल हुआ, लेकिन जांच में यह वीडियो सितंबर 2025 में नेपाल के Gen-Z आंदोलन का पाया गया। वहीं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और गड्ढे होने के दावे के साथ शेयर की जा रही तस्वीर एआई (AI-Generated) निकली। तीसरी खबर मुंबई में हालिया बारिश के दौरान रेलवे ट्रैक पर मछलियां तैरने के वायरल वीडियो से जुड़ी है, जो असल में दो साल पुराना निकला। इसके अलावा, प्राइमरी स्कूल के शिक्षक का अभिनव 'सेल्फ अटेंडेंस बोर्ड', पिता-बेटी का प्यारा वीडियो, परदादी और पोते का भावुक संवाद, केरल के कॉलेज स्टूडेंट्स द्वारा केयरटेकर को सरप्राइज गिफ्ट देने और ग्रामीण बच्चों की कुत्तों के साथ क्रिकेट टीम की खबरें भी इस बुलेटिन का प्रमुख हिस्सा हैं।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनके दावों की सच्चाई जानना जरूरी है. एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ दिल्ली पुलिस ने मारपीट की है. फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा झूठा साबित हुआ. असल में यह वीडियो अगस्त 2025 का है, जब दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे डॉग लवर्स को पुलिस ने हिरासत में लिया था. वहीं, असम के एक अन्य वायरल वीडियो में दावा किया गया कि एक हाथी जंगल कटने से बचाने के लिए जेसीबी के सामने आ गया. पड़ताल में पता चला कि यह काजीरंगा के पास गड्ढे में गिरे हाथी के बच्चे को बचाने का रेस्क्यू ऑपरेशन था, जहां हथिनी अपने बच्चे को बचाने की कोशिश कर रही थी. इसके अलावा बुलेटिन में पिता द्वारा बच्चे को गणित सिखाने, बिलासपुर में जलभराव के बीच फंसी महिला की मदद और अन्य दिलचस्प वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं.
फैक्ट चेक बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो की पड़ताल की गई. पहले वीडियो को पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान मंदिर के ऊपर हुए ड्रोन शो का बताया गया था. जांच में वीडियो के फ्रेम, भीड़ के मोबाइल स्क्रीन, जेमिनी लोगो और एआई सामग्री पहचानने वाले टूल के नतीजों को देखा गया. पड़ताल में इसे एआई से बनाया गया वीडियो पाया गया. बुलेटिन में बताया गया कि 16 से 27 जुलाई 2026 तक पुरी शहर के पांच किलोमीटर दायरे में ड्रोन उड़ाने पर रोक है और मंदिर परिसर नो-फ्लाइंग जोन में है. दूसरे वीडियो को ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद तेल डिपो में लगी आग का बताया गया था. जांच में यह वीडियो 25 मार्च 2022 को सऊदी अरब के जेद्दा स्थित तेल वितरण स्टेशन पर हुए हमले और आग से जुड़ा मिला. इसका हालिया जंग से संबंध नहीं पाया गया.
सोशल मीडिया पर इन दिनों कई भ्रामक और फर्जी वीडियो वायरल हो रहे हैं। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम ने ऐसे ही कुछ दावों की पड़ताल की है। पहले वीडियो में दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले वकील प्रबल प्रताप ने कानपुर में एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की है। जांच में यह दावा गलत निकला और वीडियो में दिख रहा शख्स कोई और है। दूसरे मामले में नोएडा में जलभराव के दौरान एक महिला के गड्ढे में गिरने का वीडियो वायरल हुआ, जो असल में एआई (AI) द्वारा बनाया गया फर्जी वीडियो है। इसी तरह वेनेजुएला में आए भूकंप के नाम पर दो इमारतों के टकराकर गिरने का वीडियो भी एआई जनरेटेड निकला। इसके अलावा बुलेटिन में कुछ सकारात्मक वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं, जिनमें गाजियाबाद की टीचर चांदनी भाटी का पढ़ाने का अनोखा अंदाज और एक पुलिसकर्मी द्वारा छोटी बच्ची की साइकिल ठीक कराने का वीडियो शामिल है।
इस बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई है। पहले वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की 60 किलोमीटर घुसपैठ का नया दृश्य बताया गया। फ्रेम में नेपाली भाषा का बैनर और बच्चों की मौजूदगी मिलने के बाद जांच आगे बढ़ी। की-फ्रेम खोज में वीडियो नेपाली सेना की गोरखा से जीत घड़ी तक निकाली गई ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ा मिला। इसलिए इसे चीनी घुसपैठ से जोड़ने वाला दावा गलत पाया गया। दूसरे वीडियो में चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में धमाके के बाद सवार को हवा में उछलते दिखाया गया। फ्रेम की असंगतियों, एआई जांच उपकरणों और वीडियो साझा करने वाले खाते के विवरण के आधार पर इसे एआई और वीएफएक्स से बनाया गया बताया गया। बुलेटिन में भाई-बहन, पिता को बाइक उपहार, दिव्यांग कुत्ते की मदद, चाय-पकौड़े के जुगाड़, ई-रिक्शा से जुताई और मेलबर्न के भांगड़ा वीडियो भी दिखाए गए।
सोशल मीडिया पर इन दिनों दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने इजरायल के लिए हथियार ले जा रहे एक जहाज पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया है। गुड न्यूज़ टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला। असल में यह वीडियो नौ मार्च का है, जब फारस की खाड़ी में अमेरिकी-इजरायली हमले में एक ईरानी तेल टैंक नष्ट हो गया था। वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश के एक बीजेपी सांसद ने बिहार के भोजपुर में हुए एक हालिया एनकाउंटर को सही ठहराया है। फैक्ट चेक में यह दावा भी गलत साबित हुआ। पड़ताल में सामने आया कि बीजेपी सांसद का यह बयान 28 जून 2026 का है, जो उन्होंने उत्तर प्रदेश में हो रहे एनकाउंटर के संदर्भ में एक विपक्षी नेता पर तंज कसते हुए दिया था। सांसद ने खुद स्पष्ट किया है कि उनका यह बयान बिहार के एनकाउंटर से जुड़ा हुआ नहीं है।