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फैक्ट चेक

महिला पत्रकार की पिटाई और नेपाल बाढ़ रेस्क्यू के फर्जी दावों का पर्दाफाश

13 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों और फेक वीडियोज की फैक्ट चेक पड़ताल में कई अहम तथ्य सामने आए हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा एक महिला पत्रकार की पिटाई के नाम पर वायरल वीडियो की जांच में महिला पुलिसकर्मी की वर्दी पर 'KP' बैच और कीफ्रेम विश्लेषण के जरिए यह स्पष्ट हुआ कि यह क्लिप कर्नाटक में शूट हुई एक शॉर्ट फिल्म का हिस्सा है. वहीं, नेपाल बाढ़ के दौरान बंदर और बच्ची के रेस्क्यू का दावा करने वाले वीडियोज AI डिटेक्शन टूल्स की जांच में पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) निर्मित साबित हुए. इसके अतिरिक्त, तुर्किये के हैंडल्स द्वारा भारत का बताकर प्रसारित किया गया बेरहमी से पिटाई का हिंसा वीडियो जांच में बांग्लादेश के ढाका का पाया गया, जिसकी पुष्टि वहां लगे साइनबोर्ड्स, मदरसे के विज्ञापनों और बांग्ला टेक्स्ट से हुई. इस विशेष बुलेटिन में अन्य प्रमुख और ट्रेंडिंग खबरें भी शामिल हैं, जिनमें इटली में मैकेनिक द्वारा तैयार की गई दुनिया की सबसे संकरी फिएट पांडा कार, भारतीय छात्रों द्वारा विकसित 'माया' ह्यूमनॉइड रोबोट का भरतनाट्यम शास्त्रीय नृत्य और कनाडाई कुत्ते 'शार्डोने' द्वारा 56 लोगों की कतार पर दौड़कर बनाया गया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड शामिल है.

हाईवे पर टांका और बाढ़ में धर्मांतरण के दावों का सच, फैक्ट चेक में खुली पोल

11 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख मामलों की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की. पहले मामले में पटना-बक्सर और मुंबई-गोवा हाईवे की मरम्मत को लेकर टांके लगाने और एम-सील से चिपकाने का दावा किया गया था. जांच में सामने आया कि पटना-बक्सर हाईवे पर कंक्रीट की दरारें भरने के लिए मानक इंजीनियरिंग तकनीक 'स्टिचिंग' का इस्तेमाल हो रहा था, जबकि मुंबई-गोवा हाईवे पर दरारों की निगरानी के लिए टेलटेल क्रैक गेज उपकरण लगाए जा रहे थे. दूसरे मामले में नेपाल में आई बाढ़ के दौरान 41 युवकों द्वारा इस्लाम अपनाने का दावा वायरल हुआ था। पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक निकला। जांच में सामने आया कि यह वीडियो अप्रैल 2024 का है और सऊदी अरब के रियाद स्थित एक मस्जिद का है, जिसका नेपाल की बाढ़ से कोई संबंध नहीं है.

नेपाल बाढ़ का पुल गिरने वाला वीडियो AI से बना, बांग्लादेश की घटना को भारत का बताकर वायरल |

10 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो की फैक्ट चेक पड़ताल में दोनों दावे भ्रामक पाए गए. नेपाल बाढ़ के दौरान पुल गिरने का दावा करने वाला वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया गया है. वहीं दूसरे वीडियो में बांग्लादेश के ढाका की घटना को भारत का बताकर धार्मिक रंग में वायरल किया गया. वीडियो में मौजूद बंगाली टेक्स्ट, स्कूल-मदरसे के विज्ञापन और लोकेशन की जांच से इसकी असलियत सामने आई. जानिए दोनों वायरल वीडियो का पूरा सच.

Fact Check: देवरिया में BJP गुटों की भिड़ंत और मेक्सिको बाढ़ रेस्क्यू के फर्जी दावों का सच

09 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया गया कि गांव में प्रचार करने पहुंचे बीजेपी नेताओं को सवर्णों ने यूजीसी नियमों और आरक्षण के विरोध में पीटा। पड़ताल में यह दावा पूरी तरह गलत निकला। यह घटना 25 अगस्त को उत्तर प्रदेश के देवरिया में बीजेपी नेता शिवानंद द्विवेदी के स्वागत कार्यक्रम के दौरान गाड़ियों को आगे निकालने को लेकर पार्टी के दो गुटों के बीच हुई मारपीट की थी, जिस पर गौरी बाजार पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं दूसरे वीडियो में बाढ़ के पानी में बहते व्यक्ति को बचाने की कोशिश को नेपाल का बताया गया। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो नेपाल का नहीं बल्कि मेक्सिको के वाल्दिविया सैंटियागो का है, जहां तेज बहाव में बहे एक बाइक सवार को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला था।

हनुमान अंश और नेपाल बाढ़ से जुड़े वायरल वीडियो का सच जानिए

08 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो अलग-अलग वीडियो की फैक्ट चेक टीम द्वारा पड़ताल की गई है. पहले मामले में दावा किया गया कि फिल्म 'हनुमान अंश' देखने के दौरान एक महिला हनुमान चालीसा सुनकर थियेटर में भावुक होकर चिल्लाने लगी. पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो जनवरी 2024 का है और इसका संबंध तेलुगु फिल्म 'हनुमान' से है, न कि नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म से. दूसरे मामले में दावा किया गया कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से बचाव के लिए लोग सड़क किनारे कुरान शरीफ पढ़ रहे हैं. जांच में पाया गया कि यह वीडियो नेपाल का नहीं बल्कि किर्गिस्तान का है, जहां जून में नदी में गिरे एक बच्चे की तलाश के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन के समय कुरान पढ़ी गई थी. दोनों ही वायरल दावों को जांच में भ्रामक और गलत पाया गया है.

नेपाल की बाढ़ में शालिग्राम शिला मिलने और इमारत ढहने के दावों का सच

07 सितंबर 2026

नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक वीडियो वायरल हो रहे हैं. एक वायरल दावे में कहा गया कि नेपाल की बाढ़ में हिमालय से बहकर 31 टन का विशाल शालिग्राम पत्थर आया है. फैक्ट चेक पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ. जांच में सामने आया कि यह वीडियो मुस्तांग जिले के जोमसोम में काली गंडकी नदी किनारे आयोजित मूर्तिकला कार्यशाला के दौरान बनाई गई शालिग्राम की नक्काशीदार मूर्ति का है, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा मई में हुई थी. इसका हालिया बाढ़ से कोई संबंध नहीं है. वहीं दूसरे वायरल वीडियो में बाढ़ के दौरान एक इमारत को ढहते हुए और बालकनी में लोगों को खड़े दिखाया गया. जांच में AI डिटेक्शन टूल्स और कीफ्रेम सर्च से स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है. दोनों वायरल दावे पूरी तरह झूठे पाए गए.

नेपाल बाढ़ का AI वीडियो और डिलीवरी बॉय की मारपीट का स्क्रिप्टेड दावा, जानें वायरल वीडियो का सच

03 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर नेपाल बाढ़ और डिलीवरी बॉय द्वारा महिला से मारपीट से जुड़े दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने इन दोनों वायरल दावों की पड़ताल की है. पहले वीडियो में अचानक आई बाढ़ में घर, गाड़ियां और लोग बहते दिखाई दे रहे हैं, जिसे नेपाल में आई त्रासदी से जोड़कर पेश किया गया. तकनीकी जांच और एआई डिटेक्शन टूल्स के विश्लेषण में पाया गया कि यह वीडियो पूरी तरह से एआई की मदद से तैयार किया गया है. दूसरे वीडियो में डिलीवरी बॉय और एक महिला के बीच सामान गिरने पर हिंसक झड़प दिखाई गई. जांच में सामने आया कि यह किसी वास्तविक घटना का वीडियो नहीं बल्कि सोशल मीडिया के लिए बनाया गया एक स्क्रिप्टेड वीडियो है. इसके अलावा बुलेटिन में कई अन्य मनोरंजक वायरल वीडियो भी दिखाए गए हैं.

क्या लखनऊ में दरोगा पर हमले के बाद चला बुलडोजर और नेपाल में टूटा पावर प्लांट?

02 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख वीडियो की पड़ताल में तथ्य सामने आए हैं. पहले वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दरोगा और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाया गया. पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ. यह वीडियो हरियाणा के नरवाना में नशा तस्करों के अवैध निर्माण पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई का है. दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि नेपाल में आई बाढ़ के तेज बहाव में एक पावर प्लांट बह गया. जांच में यह दावा भी झूठा पाया गया. यह वीडियो असल में अगस्त 2022 में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा स्थित रानोलिया हाइड्रो पावर प्लांट में आई बाढ़ का है. इसके साथ ही बुलेटिन में दिल्ली मेट्रो में सुरक्षा बल जवान को बच्ची के सैल्यूट सहित अन्य रोचक वीडियो भी शामिल रहे.

Fact Check: नेपाल बाढ़ और दिल्ली में आरक्षण विरोध प्रदर्शन से जुड़े वायरल वीडियो का सच

01 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई है। पहले वायरल वीडियो में दावा किया गया कि चीन के हेलिकॉप्टर ने नेपाल में आई बाढ़ के लिए जिम्मेदार ग्लेशियर टूटने की घटना को रिकॉर्ड किया। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो नेपाल या चीन का नहीं, बल्कि अमेरिका के अलास्का में कोलंबिया ग्लेशियर का है। वहीं दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि दिल्ली में सवर्ण समाज ने आरक्षण और यूजीसी नियमों के खिलाफ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। जांच में यह दावा भी भ्रामक पाया गया, क्योंकि यह वीडियो मध्य प्रदेश के भोपाल में मूंग फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर हुए किसानों के प्रदर्शन का था। इसके अलावा बुलेटिन में ओडिशा के चंद्रभागा बीच पर पहली बार समुद्र देखने पहुंचे बुजुर्ग, जलभराव में स्कूली बच्चियों की मदद करने वाले बाइक सवार, खराब ठेला खींचने में मदद करने वाले पुलिसकर्मी, कनाडा के स्काई डाइवर द्वारा बनाए गए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और अन्य प्रेरक वायरल वीडियो भी शामिल किए गए।

नेपाल बाढ़ और स्कूल में नेता को रोकने के वायरल दावों का सच जानिए

31 अगस्त 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो अलग-अलग वीडियो की पड़ताल की गई है. पहले मामले में दावा किया गया कि एक संकरे रास्ते पर पानी के तेज बहाव से बचकर भागते लोगों का दृश्य नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ का है. जांच में सामने आया कि यह वीडियो नेपाल का नहीं बल्कि यमन के याफा इलाके का है, जो अगस्त माह में हुई बारिश का पुराना वीडियो है. दूसरे मामले में दावा किया गया कि एक शिक्षक ने कोकरो जनता पार्टी के सदस्य को स्कूल में घुसने से रोका. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो 9 जुलाई का है और बिहार के नालंदा जिले के इस्लामपुर स्थित राजकीय उच्च विद्यालय का है. वीडियो में दिख रहा शख्स स्थानीय पत्रकार है जिसका कोकरो जनता पार्टी या उसके 15 अगस्त से शुरू हुए अभियान से कोई संबंध नहीं है.

नेपाल में भारी तबाही मचाने वाली वायरल तस्वीरों का AI कनेक्शन, जानिए सच

29 अगस्त 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों की पड़ताल करते हुए 'फैक्ट चेक' बुलेटिन में तीन प्रमुख खबरों की सच्चाई सामने लाई गई. नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के नाम पर शेयर किए जा रहे दो तस्वीरों के कोलाज को एआई डिटैक्शन टूल्स के जरिए जांचा गया, जिसमें तस्वीरें एआई जनरेटेड पाई गईं. दूसरी खबर में पंजाब के सरकारी स्कूल की बदहाली और छात्राओं के शौचालय का पुराना वीडियो वायरल कर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा जा रहा था, जबकि पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो 2018 का है जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी. तीसरी खबर में राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम का बताकर वायरल किए गए वीडियो की जांच की गई, जो वास्तव में मेक्सिको के जोकालो शहर का है जहां फुटबॉल प्रशंसक अपनी टीम की जीत का जश्न मना रहे थे.

नेपाल बाढ़ की AI तस्वीरें, पंजाब स्कूल का पुराना वीडियो और राहुल गांधी के नाम पर मेक्सिको का जश्न

29 अगस्त 2026

गुड न्यूज टुडे के खास शो फैक्ट चेक में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे तीन बड़े दावों की पड़ताल की गई. पहले दावे में नेपाल की विनाशकारी बाढ़ से जोड़कर एक कोलाज शेयर किया जा रहा था, जिसमें सुबह और शाम के नेपाल की तस्वीरें होने का दावा था. जांच में सामने आया कि यह कोलाज पूरी तरह से एआई जनरेटेड है. दूसरे मामले में पंजाब के सरकारी स्कूल की बदहाली का वीडियो शेयर कर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए जा रहे थे. पड़ताल में पाया गया कि यह वीडियो साल 2018 का है, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी. तीसरे दावे में राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम में जुटी भीड़ बताकर एक वीडियो वायरल किया गया, जो वास्तव में मेक्सिको में फुटबॉल मैच की जीत के जश्न का था. फैक्ट चेक टीम ने इन सभी वायरल दावों का सच उजागर किया.

नेपाल में पुल गिरने और इमरान खान के अस्पताल में भर्ती होने वाले वायरल वीडियो का सच आया सामने

28 अगस्त 2026

सोशल मीडिया पर नेपाल में आई भीषण बाढ़ के दौरान ताश के पत्तों की तरह पुल गिरने और उसमें गाड़ियों व लोगों के बह जाने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसके साथ ही एक अन्य वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अदियाला जेल से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने इन दोनों वायरल वीडियो की गहनता से पड़ताल की। जांच में पाया गया कि नेपाल में पुल गिरने का वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसे एआई तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। वहीं इमरान खान को व्हीलचेयर पर ले जाने वाला वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं, बल्कि नवंबर 2022 का है जब उन पर वजीराबाद में जानलेवा हमला हुआ था। दोनों ही वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह से गलत साबित हुए हैं.

मराठी की अनिवार्यता पर मुंबई छोड़ते ऑटो चालक और बाइक तोड़ती महिला के वायरल वीडियो का सच

27 अगस्त 2026

गुड न्यूज टुडे के 'फैक्ट चेक' शो में सोशल मीडिया पर वायरल भ्रामक दावों और विभिन्न वीडियो की जांच कर सच्चाई उजागर की गई. पहले मामले में महाराष्ट्र में मराठी भाषा अनिवार्य होने और आरटीओ की सख्ती के कारण ऑटो चालक के मुंबई से गांव लौटने का दावा किया जा रहा था. पड़ताल में पाया गया कि यह पुराना वीडियो है, जहां ऑटो चालक निजी कारणों से ऑटो वाराणसी ले गया था. दूसरे मामले में बुर्का पहनी महिला द्वारा बाइक तोड़ने का वीडियो धार्मिक एंगल के साथ शेयर हो रहा था, जो कि जांच में कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा बनाया गया स्क्रिप्टेड वीडियो निकला. इसके अतिरिक्त बुलेटन में जापान के ओमोरी प्रांत में 1800 लोगों द्वारा रस्सियों से 360 टन वजनी 1611 के ऐतिहासिक हिरोसाकी किले को खिसकाने, दो महीने की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटते आर्मी जवान की विदाई, सीआरपीएफ जवान द्वारा बुजुर्ग के ठेले को धक्का देने, फ्लाइट क्रू द्वारा बुजुर्ग की सेवा करने और नन्हे हाथी के वायरल वीडियो भी दिखाए गए.

कंगना पर हमले और ईरान की स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी के दावों का Fact Check

26 अगस्त 2026

गुड न्यूज टुडे के इस खास बुलेटिन में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही दो बड़ी खबरों का फैक्ट चेक किया गया है। पहली खबर बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़ी है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि जेन-जी (Gen-Z) पर विवादित टिप्पणी के बाद उन पर चप्पल से हमला किया गया है। पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ; यह वीडियो मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर का निकला। वहीं दूसरी खबर में दावा किया गया कि ईरान ने अमेरिका से तनाव के बीच अपनी पहली स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी समंदर में उतार दी है। फैक्ट चेक टीम की जांच में यह खबर भी फर्जी निकली। असल में यह वीडियो अक्टूबर 2023 का है, जो जापानी नौसेना की 'JS Raigai' अटैक सबमरीन के लॉन्च का है। इसके अतिरिक्त बुलेटिन में बर्फीली वादियों में जवान द्वारा बनाए गए बर्फ के शिवलिंग और अन्य ट्रेंडिंग वायरल वीडियोज भी दिखाए गए हैं।

राहुल गांधी का पुणे कार्यक्रम बताकर वायरल वीडियो निकला मेक्सिको का?

25 अगस्त 2026

सोशल मीडिया पर पुणे में आयोजित नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम और ईरान द्वारा इजराइल पर हाइपरसोनिक मिसाइल हमले के दावों के साथ दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने इन दोनों वायरल वीडियो की पड़ताल की और सच सामने लाया. जांच में पता चला कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के नाम पर शेयर किया जा रहा वीडियो वास्तव में मेक्सिको के जोकालो शहर का है, जहां फुटबॉल फैंस टीम की जीत का जश्न मना रहे थे. वहीं इजराइल के हैफा शहर में तबाही का दावा करने वाला दूसरा वीडियो ब्राजील के पराना में नवंबर 2025 में आए बवंडर का निकला. इसके अलावा बुलेटिन में कई अन्य रोचक और प्रेरणादायक वायरल वीडियो भी शामिल हैं.

अरुणाचल में चीनी घुसपैठ और बाराबंकी हिंसा का सच, जानिए वायरल वीडियो का पूरा फैक्ट चेक

24 अगस्त 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों का फैक्ट चेक किया गया. पहले मामले में एक वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की है और भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है. हालांकि पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो मणिपुर के नोंगशूम इलाके का है, जहां यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) के सदस्य अपना कैंप छोड़कर जा रहे थे. इसका अरुणाचल प्रदेश या चीनी घुसपैठ से कोई संबंध नहीं है. वहीं दूसरे मामले में एक वीडियो को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का बताकर दावा किया गया कि मुस्लिम होने की वजह से एक बुजुर्ग के साथ मारपीट की गई. जांच में पता चला कि यह वीडियो बांग्लादेश के नोआखाली का है, जहां मादक पदार्थ रखने के आरोप में स्थानीय लोगों ने एक शख्स की पिटाई की थी. इसके अलावा बुलेटिन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई अन्य भावुक और मजेदार वीडियो भी दिखाए गए.

महिला से बदसलूकी, रामपुर में नदी पार करते बच्चे और वायरल वीडियो का सच

22 अगस्त 2026

गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'फैक्ट चेक' में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई. पहले मामले में दावा किया गया था कि महिला यात्री से बदसलूकी करने पर बस कंडक्टर की पिटाई की गई. जांच में सामने आया कि यह बांग्लादेश का एक स्क्रिप्टेड वीडियो है. वहीं दूसरी खबर में सांसद चंद्रशेखर आजाद द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दावा किया गया था कि उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में पुल न होने के कारण बच्चे गोगा नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं. फैक्ट चेक टीम की जांच में पाया गया कि यह वीडियो रामपुर का नहीं बल्कि उत्तराखंड के देहरादून क्षेत्र का है, जहां बच्चे सोंग नदी पार करके स्कूल जाते हैं. इसके अलावा बुलेटिन में कई सकारात्मक और भावुक करने वाले वायरल वीडियो भी दिखाए गए.

Fact Check: क्या रामपुर के बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है? जानिए पूरी सच्चाई

22 अगस्त 2026

सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनका फैक्ट चेक टीम ने सच सामने लाया है। पहले वीडियो में दावा किया जा रहा था कि महिला यात्री से बदसलूकी के बाद बस कंडक्टर को एक यात्री ने पीटा। हालांकि, पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो बांग्लादेश का एक स्क्रिप्टेड वीडियो है और इसमें दिख रहे लोग एक्टिंग कर रहे हैं। वहीं दूसरे वीडियो में दावा किया जा रहा था कि उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में पुल न होने के कारण बच्चे गोगा नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने भी इसे शेयर कर सरकार पर तंज कसा था। गुड न्यूज टुडे की टीम की जांच में यह दावा भी झूठा साबित हुआ। यह वीडियो रामपुर का नहीं, बल्कि उत्तराखंड के टिहरी जिले का है, जहां बारिश के मौसम में बच्चे सौंग नदी को पार करके स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं।

बांग्लादेश में हिंदू शिक्षक के अपमान और मेहरंग बलोच के दावों का सच ? देखिए फैक्ट चेक रिपोर्ट

21 अगस्त 2026

गुड न्यूज टुडे के खास शो 'फैक्ट चेक' में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल की गई. पहले वायरल वीडियो में दावा किया गया कि बांग्लादेश में 40 साल से पढ़ा रहे एक हिंदू शिक्षक को चप्पलों की माला पहनाकर प्रताड़ित किया गया. फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा झूठा साबित हुआ. वीडियो में दिख रहे व्यक्ति पूर्व कम्युनिटी मेडिकल ऑफिसर अहमद अली हैं, जिन पर पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के आरोप में जून 2025 में भीड़ ने हमला किया था. दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉक्टर मेहरंग बलोच ने 11 अगस्त को बलूचिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया. पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो जनवरी 2024 की क्वेटा रैली का है और मेहरंग बलोच वर्तमान में जेल में बंद हैं. इस तरह सोशल मीडिया पर किए जा रहे दोनों ही दावे पूरी तरह भ्रामक पाए गए.