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फैक्ट चेक

Fact Check: CEC के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन और शिक्षिका पर हमले का सच

29 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर दो वायरल दावों की सच्चाई सामने आई है। पहले वीडियो में दावा किया गया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारी भीड़ जुटी। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 31 जनवरी 2024 को ईवीएम के विरोध में आयोजित प्रदर्शन का है, जिसमें प्रदर्शनकारी सर्दियों के कपड़े पहने नजर आ रहे हैं। दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश में एक दलित शिक्षिका पर जय श्री राम के नारे लगाकर अंडे फेंके गए। जांच में यह दावा भी भ्रामक निकला। पीड़ित महिला उत्तर प्रदेश की शिक्षिका नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले की माटीगाड़ा ग्राम पंचायत की उप-प्रधान रेखा मलिक हैं। उन पर राजनीतिक विवाद के चलते ग्राम पंचायत कार्यालय में अंडे फेंके गए थे। दोनों ही मामलों में सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ के साथ वीडियो फैलाए गए।

Fact Check | मैथिली ठाकुर के वायरल बयान और गणेश विसर्जन वीडियो का सच

28 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ शेयर किए जा रहे दो अलग-अलग वीडियो की पड़ताल की गई है. पहले दावे में बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर के एक पुराने बयान को बिहार के जमुई छेड़खानी कांड से जोड़कर वायरल किया जा रहा था, जिसमें वह खुद को सुरक्षित बता रही हैं. जांच में सामने आया कि यह बयान अप्रैल 2026 में पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के बयान पर दी गई प्रतिक्रिया का हिस्सा था. दूसरे दावे में कर्नाटक में गणपति विसर्जन रोकने के लिए नदी किनारे लगी जालियों को तोड़ने का दावा किया गया. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो कर्नाटक का नहीं, बल्कि हैदराबाद के टैंक बंड का है, जहां भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति के सदस्यों ने हुसैन सागर में मूर्तियों के विसर्जन पर लगी रोक के विरोध में लगाए गए अस्थायी बैरिकेड हटा दिए थे.

Fact Check: क्या 136 साल पुरानी ऐतिहासिक गौरीपुर जामा मस्जिद पर चला बुलडोजर?, जानिए सच्चाई

26 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो अलग-अलग दावों की पड़ताल की गई है. पहले दावे में कहा गया कि कोलकाता एयरपोर्ट के पास स्थित 136 साल पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद को तोड़ा गया है. पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं बल्कि बांग्लादेश के पाबना का है, जहां एक बच्ची की हत्या के आरोपी के मकान को भीड़ ने तोड़ा था. दूसरे दावे में आरोप लगाया गया कि गुरुग्राम हिट एंड रन मामले के मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला के समर्थन में एक कार रैली निकाली गई. जांच में यह दावा भी भ्रामक पाया गया, क्योंकि रैली का वायरल वीडियो साल 2025 का है और इसका गुरुग्राम की घटना से कोई सीधा संबंध नहीं है.

Fact Check | खरगे की फेक तस्वीर से भारत-पाक युद्धपोत वीडियो तक |

24 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल दो बड़े दावों का फैक्ट चेक सामने आया है. पहले दावे में राहुल गांधी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की नाश्ते की मुलाकात की तस्वीर में मल्लिकार्जुन खरगे को अलग बैठा हुआ दिखाया गया. पड़ताल में सामने आया कि यह तस्वीर एडिटेड है और मूल तस्वीर में खरगे मौजूद नहीं थे. दूसरे दावे में एक पुराने वीडियो को भारत-पाकिस्तान के हालिया युद्धपोत टकराव से जोड़कर शेयर किया गया. फैक्ट चेक में वीडियो के पुराने होने की पुष्टि के बाद इसे हालिया घटना से जोड़ने वाले दावे को गलत पाया गया.

Fact Check: तिहाड़ जेल और सांप्रदायिक हमले का दावा निकला झूठा |

23 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो के दावों की फैक्ट चेक में पड़ताल की गई. पहले वीडियो को स्वतंत्र भारद्वाज की जेल से बाहर आने के बाद का बताकर शेयर किया गया, लेकिन जांच में वीडियो पुराना निकला. वहीं दूसरे वीडियो को भारत में धर्म विशेष के व्यक्ति पर हमले का बताकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जबकि यह घटना बांग्लादेश के ढाका की सामने आई. दोनों वायरल दावे जांच में भ्रामक और झूठे साबित हुए.

Fact Check: राहुल गांधी के कार्यक्रम और सहारनपुर मस्जिद से जुड़े वायरल दावों का सच

22 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल में सच सामने आया है। पहले दावे में दावा किया जा रहा था कि इंदौर में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में भारी जनसैलाब उमड़ा। जांच में पाया गया कि वायरल वीडियो असल में 9 अगस्त को इंदौर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर निकाली गई रैली का है, जिसे गलत संदर्भ में जोड़ा गया। दूसरे मामले में यह दावा किया गया कि सहारनपुर में मस्जिद तोड़े जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने योगी सरकार को फटकार लगाई और अधिकारियों को जेल भेजने की बात कही। पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो 2022 का है, जिसमें पटना हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप कुमार बिहार में एक मकान तोड़े जाने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे थे। दोनों ही वायरल वीडियो भ्रामक दावों के साथ साझा किए जा रहे थे।

फैक्ट चेक: राजस्थान निकाय चुनाव में 1 वोट मिलने पर रोए BJP प्रत्याशी? जानें सच

21 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की फैक्ट चेक पड़ताल की गई है. पहले मामले में दावा किया गया कि राजस्थान निकाय चुनाव में सिर्फ एक वोट मिलने पर बीजेपी प्रत्याशी फूट-फूट कर रोने लगे. पड़ताल में सामने आया कि पर्वतसर नगर पालिका के वार्ड 13 से बीजेपी प्रत्याशी कैलाश चंद्र को एक वोट मिलने की बात सच है, लेकिन रोते हुए व्यक्ति का वायरल वीडियो उनका नहीं है. वीडियो में दिख रहे शख्स राजद नेता शिवचंद्र राम हैं, जो टिकट न मिलने पर रोए थे. दूसरे मामले में रेलवे ट्रैक पर फंसे हाथी के बच्चे को रेस्क्यू करने का वीडियो वायरल हुआ, जो एआई डिटेक्शन टूल्स और फ्रेम विश्लेषण की जांच में पूरी तरह एआई जनरेटेड साबित हुआ. इसके अलावा बुलेटिन में सोशल मीडिया के विभिन्न दिलचस्प और भावनात्मक वायरल वीडियो भी दिखाए गए.

Fact Check: मक्का पर ड्रोन हमले और पुतिन-जिनपिंग के कुकिंग वीडियो की क्या है हकीकत?

19 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर सऊदी अरब के मक्का शहर पर यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले और नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ खाना बनाने के दावों से जुड़े दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में मक्का पर हुती हमले का दावा गलत साबित हुआ। यह वीडियो सितंबर 2025 का है, जब मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद के पास एक अनधिकृत ड्रोन को नष्ट किया गया था। वहीं, पुतिन और शी जिनपिंग के कुकिंग वीडियो की जांच में सामने आया कि यह वीडियो ब्रिक्स सम्मेलन का नहीं, बल्कि साल 2018 में रूस के व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम के दौरान का है। दोनों वीडियो को गलत संदर्भ के साथ सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा था।

ईरानी राष्ट्रपति के पैर छूने और AI रोबोट के अस्पताल से भागने के दावों का सच

18 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख वीडियो की गुड न्यूज टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की है. पहले मामले में दावा किया गया था कि दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पिजशकीआन ने हिंदू धर्मगुरु के पैर छुए. पड़ताल में सामने आया कि जमीन पर गिरे दस्तावेज और पेन को उठाने के लिए राष्ट्रपति नीचे झुके थे, जिसे कैमरे के खास एंगल से गलत संदर्भ में पेश किया गया. कार्यक्रम में मौजूद जैन धर्मगुरु आचार्य लोकेश मुनि ने पैर छूने के दावे को पूरी तरह गलत बताया. दूसरे मामले में दावा किया गया कि अमेरिका के एक अस्पताल की लैब से AI रोबोट बेकाबू होकर सड़क पर दौड़ने लगा. जांच में वीडियो के कई फ्रेम में खामियां मिलीं और पुष्टि हुई कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से तैयार किया गया था और असली नहीं है.

Fact Check: नेपाल में बच्ची के रेस्क्यू और 95 साल की महिला के हाई जंप का वायरल वीडियो AI जनरेटेड

17 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की. नेपाल के रसुवा में बाढ़ और भूस्खलन के बाद छह साल की बच्ची के रेस्क्यू की वास्तविक घटना सामने आई, लेकिन वायरल वीडियो AI से तैयार किया गया था. वहीं 95 वर्षीय महिला के हाई जंप और पोल वॉल्ट वाले वीडियो का भी कोई वास्तविक खेल रिकॉर्ड नहीं मिला और पड़ताल में इसे AI जनरेटेड कंटेंट पाया गया. जानिए दोनों वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई.

Fact Check: कर्नाटक का वीडियो भीम आर्मी से जुड़ा नहीं, AI क्लिप को बताया ज्वालामुखी विस्फोट

16 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो दावों की पड़ताल में अलग-अलग सच्चाई सामने आई. कर्नाटक के बगलकोट का एक वीडियो भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा अधिकारी की पिटाई का बताकर वायरल किया गया, जबकि जांच में यह किसान और सरकारी दफ्तर के क्लर्क के बीच हुई घटना निकली. वहीं इंडोनेशिया के अनाक क्राकाटूआ ज्वालामुखी विस्फोट के नाम से वायरल वीडियो जांच में AI निर्मित पाया गया. जानिए इन दोनों वायरल दावों का पूरा फैक्ट चेक और सोशल मीडिया पर वायरल अन्य दिलचस्प वीडियो.