300 साल पहले बंगाल, बिहार और ओडिशा में जिस फैमिली का शासन था, आज उस मीर जाफर के वंशजों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने जाने के आरोप लगे हैं. फहीम मिर्जा ने कहा कि वे इस मामले में ट्रिब्यूनल में अपील करेंगे, लेकिन तब तक विधानसभा चुनाव खत्म हो सकता है और परिवार के कई सदस्य इस बार मतदान नहीं कर पाएंगे.
कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में अकेले लड़ने का फैसला किया है. अब सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस का यह निर्णय कितना कारगर साबित होगा, क्या कांग्रेस खुद को पुनर्जीवित कर पाएगी या कम से कम मुर्शिदाबाद और मालदा में परंपरागत सीटों पर कुछ कमाल कर पाएगी? क्या कांग्रेस ममता की पार्टी TMC को झटका देगी? आइए जानते हैं आखिर क्यों कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है?
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर AIADMK ने घोषणापत्र जारी कर दिया है. पार्टी ने मुफ्त रेफ्रिजरेटर देने का वादा किया है. इसके साथ ही पुरुषों को फ्री बस सफर की सुविधा मिलेगी. तमिलनाडु की सियासत में फ्रीब्रीज अहम किरदार रहा है. करुणानिधि से लेकर जयललिता तक इसके जरिए सत्ता तक पहुंचते थे.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM मिलकर चुनाव लड़ेगी. दोनों पार्टियों ने कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इस गठबंधन से पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में सियासी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है.
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के साथ इस राज्य में सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इस बार बीजेपी और टीएमसी में मुख्य मुकाबला माना जा रहा है लेकिन लेफ्ट और कांग्रेस भी जीत के लिए हर तिकड़म अपना रही है. कौन बंगाल की सत्ता पर काबिज होगा यह तो 4 मई को चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पता चल जाएगा. उससे पहले आइए चारों पार्टियों की ताकत और कमजोरियों के बारे में जानते हैं.
Bengal Assembly Elections 2026 Mamata Banerjee Vs BJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा हो गई है. 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होने हैं. 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे. इस विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है. टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने इस चुनाव में कई चुनौतियां हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि वह कैसे बीजेपी को सत्ता में आने से रोकेंगी?
पश्चिम बंगाल में भवानीपुर विधानसभा सीट सुर्खियों में है. इस सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी टीएमसी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. जबकि बीजेपी ने इस सीट से सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है. भवानीपुर विधानसभा में गैर-बंगाली वोटर्स की अच्छी-खासी तादाद है.
बिहार में राज्यसभा चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार की हार के बाद महागठबंधन में खलबली मची हुई है. वोटिंग से गैरहाजिर रहे कांग्रेस विधायकों का कहना है कि चुनाव से पहले ही राजद के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के चयन को लेकर कांग्रेस के अंदर एक राय नहीं थी. कांग्रेस के तीनों विधायकों ने RJD पर आरोप लगाया है कि तेजस्वी यादव ने सहयोगी दलों से बिना कोई बात किए महागठबंधन से अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बना दिया.
तमिलनाडु की सियासत में असली मुकाबला डीएमके (DMK) एआईएडीएमके (AIADMK) के बीच है. जबकि कांग्रेस और बीजेपी सहयोगी पार्टियां हैं. इनके अलावा भी सूबे में कई सियासी दल सक्रिय हैं. तमिलनाडु की सियासत में ओबीसी जातियों का दबदबा है. इसमें थेवर, गौंडर, वन्नियार और नादर जैसी जातियां शामिल हैं.
केरल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. सूबे में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि 4 मई को नतीजे आएंगे. केरल में एझावा समुदाय की आबादी 23 फीसदी, मुस्लिम समुदाय की आबादी 26 फीसदी, ईसाई समुदाय की आबादी 18 फीसदी, नायर समुदाय की आबादी 14 फीसदी और दलित समुदाय की आबादी 9 फीसदी है. सियासी दलों की रणनीति इन मुख्य समुदायों के इर्द-गिर्द बनती है.
चुनाव आयोग ने 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. असम, केरल और पुडुचेरी में एक फेज में वोट डाले जाएंगे. इन तीनों राज्यों में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी. जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी. जबकि सभी राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई को होगी.