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चुनाव

जाट + ब्राह्मण... जयंत चौधरी की अखिलेश यादव को सीधी चुनौती, 30 अगस्त को RLD का लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन

28 अगस्त 2026

UP Assembly Elections 2027: जयंत चौधरी की पार्टी का रालोद का 30 अगस्त को लखनऊ में बड़ा राष्ट्रीय सम्मेलन होगा. यह सम्मेलन जयंत चौधरी की यूपी में सियासी विस्तार की रणनीति के लिहाज से अहम है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ब्राह्मण सम्मेलन के बाद अब जयंत ब्राह्मण समाज को साधने की कवायद तेज करेंगे.

पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों पर अभी BJP कब्जा, क्या पिछला परिणाम दोहरा पाएगी भाजपा?

27 अगस्त 2026

UP Election 2027: यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन अभी से चुनावी पारा चढ़ गया है. आज हम आपको पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों के बारे में बता रहे हैं. अभी इन चारों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है. 

बैरिया विधानसभा: एक सीट पर टिकट के लिए कई दावेदार

22 अगस्त 2026

UP Election: उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. हम आज आपको बलिया के बैरिया विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा में ही इस बार भी होने की उम्मीद है. 

Meerut South Seat: एक ऐसी विधानसभा सीट जिसपर सिर्फ BJP का रहा है कब्जा

19 अगस्त 2026

यूपी में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. हम आज आपको एक ऐसी विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिस पर सिर्फ बीजेपी का कब्जा रहा है. जी हां, हम बात कर रहे हैं मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट की. यहां आप जान सकते हैं इस सीट का इतिहास और जातीय समीकरण.

चेहरा योगी का... रणनीति तावड़े की... जीत वाला फार्मूला बिहार का... तो ऐसे यूपी चुनाव 2027 में BJP लगाएगी हैट्रिक!

19 अगस्त 2026

UP Assembly Election 2027: यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. जीत की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी अभी से जी-जान से जुट गई है. इसी कड़ी में बीजेपी ने राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है. अब सबकी नजरें सीएम योगी के मजबूत चेहरे के साथ तावड़े की रणनीति पर होगी. अब देखना है बीजेपी मिशन-2027 को कैसे फतह करती है? 

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है आपका नाम तो घबराएं नहीं, जुड़वाने के लिए करना होगा ये काम

18 अगस्त 2026

अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं आया है तो घबराने की जरूरत नहीं है. निर्वाचन आयोग आपको अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए एक और मौका देगा. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप अपना नाम जुड़वा सकते हैं?

समाजवादी पार्टी का हर बूथ पर 5 अतिरिक्त वोट का फॉर्मूला, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी पार्टी

18 अगस्त 2026

यूपी में सियासी दल साल 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं. समाजवादी पार्टी अपना जनाधार बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी ने हर बूथ पर 5 अतिरिक्त वोट की रणनीति पर काम कर रही है. समाजवादी पार्टी हर बूथ पर 5 लोगों को जोड़कर उनकी फैमिली के 25 लोगों को पार्टी का समर्थक बनाने की रणनीति पर काम कर रही है.

नितिन नवीन ने यूपी के रण के लिए तैयार किया मंत्र, युवा-ओबीसी और महिला का रहेगा फोकस...

17 अगस्त 2026

यूपी चुनाव बीजेपी के लिए काफी अहम है और इसी को देखते हुए नितिन नवीन ने अपने खास चेहरों को चुना हैं. जो बीजेपी के लिए लोगों के बीच होंगे और अलग-अलग वर्ग के वोटरों को अपनी और खीचेंगे. नितिन नवीन का सीधा मंत्र है कि वह चुनाव में ओबीसी, युवा और महिलाओं को केंद्र में लेकर चलेंगे.

क्या अतीक का बेटा उमर लड़ेगा साल 2027 का चुनाव? प्रयागराज में हो रही चर्चा

17 अगस्त 2026

अतीक अहमद की फैमिली के सियासत में एक बार फिर एक्टिव होने को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं. AIMIM की लीडर ने अतीक की फैमिली से मुलाकात की. इसके बाद अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पलवी पटेल ने भी भी अतीक के बेटों से मुलाकात की. लेकिन दोनों पार्टियों की तरफ से कुछ नहीं कहा गया. हालांकि प्रयागराज की सियासत में अतीक की सियासी विरासत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

यूपी में फिर सरकार बनाने में जुटी बीजेपी, सीएम योगी की चुनावी पकड़ और मजबूत इमेज को भाजपा मान रही अपनी बड़ी ताकत

14 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए अभी से जुट गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी पकड़ और मजबूत इमेज को पार्टी अपनी बड़ी ताकत मान रही है.

ब्राह्मण कार्ड पर दांव लगा रही बसपा... लेकिन नेताओं का मोहभंग बना बड़ी मुसीबत

14 अगस्त 2026

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती विधानसभा चुनाव 2027 में एक बार फिर ब्राह्मणों पर दांव लगाने की तैयारी में हैं. उधर, बसपा के कई कद्दावर ब्राह्मण नेता लगातार उनका साथ छोड़ रहे हैं. बीते एक दशक में कई ऐसे नेता बसपा से दूर हुए, जिन्होंने अपनी राजनीतिक का ककहरा हाथी पर सवार होकर सीखा था.