UP Assembly Elections 2027: यूपी में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा हों या छोटियां पार्टियां सभी ने अभी से कमर कस ली है. मुख्य मुकाबला भारतीय जानता पार्टी और समाजवादी पार्टी में होने की उम्मीद है. इस चुनाव में जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नया जातीय गणित की बड़ी परीक्षा होगी, वहीं बीजेपी के लिए भी अपना वोट बैंक को बचाने की बड़ी चुनौती होगी. यूपी में बीजेपी से जुड़े कई लोगों को मानना है कि यदि योगी बनाम अखिलेश मुकाबला हुआ तो बीजेपी की जीत पक्की है.
राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के 2 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है. अब कयास लगाए जा रहे हैं कि तीसरी सीट के लिए अखिलेश यादव किसी मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतार सकते हैं. कहा जा रहा है कि सलीम शेरवानी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं.
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों का चुनाव काफी रोचक होता जा रहा है. समाजवादी पार्टी के दांव ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी है. दरअसल बीजेपी के पास 7 सीटें जीतने के लि पर्याप्त विधायक हैं. जबकि समाजवादी पार्टी के पास 2 सीटें जीतने के लिए पर्याप्त विधायक हैं. लड़ाई आखिरी सीट के लिए है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और पश्चिमी यूपी के बड़े बीजेपी लीडर संजीव बालियान ने संगीत सोम से विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसे मतभेद नहीं होने चाहिए, लेकिन राजनीति में आगे बढ़ने के लिए स्लेट साफ करनी पड़ती है. सीएम योगी के साथ रिश्तों पर बालियान ने क्या कहा. चलिए बताते हैं.
दिल्ली में 30 सितंबर को इंडिया ब्लॉक की बड़ी बैठक होने वाली है. इसमें केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी दल अपनी रणनीति तय करेंगे. लेकिन समाजवादी पार्टी के मुखिय अखिलेश यादव इस बैठक में नहीं शामिल होंगे. इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. चलिए इसे समझते हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना आसान नहीं है. इसके लिए संसद की इजाजत लेनी पड़ती है. हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए लोकसभा में 100 सांसदों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत होती है. हालांकि चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसा नहीं करना पड़ता है. मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश से चुनाव आयुक्त को हटाया जा सकता है.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव का ऐलान हो चुका है. 16 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. इसमें से ज्यादातर सीटों पर बीजेपी के सांसद हैं. चलिए आपको बताते हैं कि राज्यसभा जाने के लिए किन नामों की चर्चा हो रही है? कौन लीडर दावेदार है और किसका पता कट सकता है?
राजस्थान के टोंक में कलेक्टर टीना डाबी ने स्कूली बच्चों से पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए लॉटरी निकवाई. इस दौरान कई लोगों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाया तो टीना डाबी भड़क गईं और कहा कि लॉटरी प्रक्रिया निर्वाचन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार की जा रही है. लिहाजा बार बार टोका टाकी बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है. संख्याबल के हिसाब से बीजेपी की 7 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है. जबकि समाजवादी पार्टी की जीत 2 सीटों पर तय है. एक सीट के लिए खींचतान हो सकती है. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है. संख्याबल के हिसाब से बीजेपी की 7 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है. जबकि समाजवादी पार्टी की जीत 2 सीटों पर तय है. एक सीट के लिए खींचतान हो सकती है.
दिल्ली में मतदाता सूची के SIR प्रोसेस को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. कई लोग घबराए हुए हैं. अगर आपको चुनाव आयोग का नोटिस मिला है तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप नोटिस का जवाब आसानी से दे सकते हैं और अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं. चलिए इससे संबंधित 4 सवालों के जवाब बताते हैं.
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम के वेरिफिकेशन या किसी गलती को सही करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है. आयोग ने अपने दर्जनों एप को एकीकृत कर ECINet लांच किया है. ECINet एक ऐसा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो मतदाताओं से जुड़ी 40 से अधिक अलग-अलग ऐप्स और वेबसाइटों जैसे वोटर हेल्पलाइन, सी-विजिल, सक्षम आदि को एक ही प्लेटफार्म पर जोड़ता है.