UP Assembly Elections 2027: जयंत चौधरी की पार्टी का रालोद का 30 अगस्त को लखनऊ में बड़ा राष्ट्रीय सम्मेलन होगा. यह सम्मेलन जयंत चौधरी की यूपी में सियासी विस्तार की रणनीति के लिहाज से अहम है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ब्राह्मण सम्मेलन के बाद अब जयंत ब्राह्मण समाज को साधने की कवायद तेज करेंगे.
UP Election 2027: यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन अभी से चुनावी पारा चढ़ गया है. आज हम आपको पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों के बारे में बता रहे हैं. अभी इन चारों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है.
UP Election: उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. हम आज आपको बलिया के बैरिया विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा में ही इस बार भी होने की उम्मीद है.
यूपी में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. हम आज आपको एक ऐसी विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिस पर सिर्फ बीजेपी का कब्जा रहा है. जी हां, हम बात कर रहे हैं मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट की. यहां आप जान सकते हैं इस सीट का इतिहास और जातीय समीकरण.
UP Assembly Election 2027: यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. जीत की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी अभी से जी-जान से जुट गई है. इसी कड़ी में बीजेपी ने राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है. अब सबकी नजरें सीएम योगी के मजबूत चेहरे के साथ तावड़े की रणनीति पर होगी. अब देखना है बीजेपी मिशन-2027 को कैसे फतह करती है?
अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं आया है तो घबराने की जरूरत नहीं है. निर्वाचन आयोग आपको अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए एक और मौका देगा. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप अपना नाम जुड़वा सकते हैं?
यूपी में सियासी दल साल 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं. समाजवादी पार्टी अपना जनाधार बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी ने हर बूथ पर 5 अतिरिक्त वोट की रणनीति पर काम कर रही है. समाजवादी पार्टी हर बूथ पर 5 लोगों को जोड़कर उनकी फैमिली के 25 लोगों को पार्टी का समर्थक बनाने की रणनीति पर काम कर रही है.
यूपी चुनाव बीजेपी के लिए काफी अहम है और इसी को देखते हुए नितिन नवीन ने अपने खास चेहरों को चुना हैं. जो बीजेपी के लिए लोगों के बीच होंगे और अलग-अलग वर्ग के वोटरों को अपनी और खीचेंगे. नितिन नवीन का सीधा मंत्र है कि वह चुनाव में ओबीसी, युवा और महिलाओं को केंद्र में लेकर चलेंगे.
अतीक अहमद की फैमिली के सियासत में एक बार फिर एक्टिव होने को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं. AIMIM की लीडर ने अतीक की फैमिली से मुलाकात की. इसके बाद अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पलवी पटेल ने भी भी अतीक के बेटों से मुलाकात की. लेकिन दोनों पार्टियों की तरफ से कुछ नहीं कहा गया. हालांकि प्रयागराज की सियासत में अतीक की सियासी विरासत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए अभी से जुट गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी पकड़ और मजबूत इमेज को पार्टी अपनी बड़ी ताकत मान रही है.
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती विधानसभा चुनाव 2027 में एक बार फिर ब्राह्मणों पर दांव लगाने की तैयारी में हैं. उधर, बसपा के कई कद्दावर ब्राह्मण नेता लगातार उनका साथ छोड़ रहे हैं. बीते एक दशक में कई ऐसे नेता बसपा से दूर हुए, जिन्होंने अपनी राजनीतिक का ककहरा हाथी पर सवार होकर सीखा था.