मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना आसान नहीं है. इसके लिए संसद की इजाजत लेनी पड़ती है. हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए लोकसभा में 100 सांसदों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत होती है. हालांकि चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसा नहीं करना पड़ता है. मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश से चुनाव आयुक्त को हटाया जा सकता है.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव का ऐलान हो चुका है. 16 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. इसमें से ज्यादातर सीटों पर बीजेपी के सांसद हैं. चलिए आपको बताते हैं कि राज्यसभा जाने के लिए किन नामों की चर्चा हो रही है? कौन लीडर दावेदार है और किसका पता कट सकता है?
राजस्थान के टोंक में कलेक्टर टीना डाबी ने स्कूली बच्चों से पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए लॉटरी निकवाई. इस दौरान कई लोगों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाया तो टीना डाबी भड़क गईं और कहा कि लॉटरी प्रक्रिया निर्वाचन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार की जा रही है. लिहाजा बार बार टोका टाकी बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है. संख्याबल के हिसाब से बीजेपी की 7 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है. जबकि समाजवादी पार्टी की जीत 2 सीटों पर तय है. एक सीट के लिए खींचतान हो सकती है. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है. संख्याबल के हिसाब से बीजेपी की 7 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है. जबकि समाजवादी पार्टी की जीत 2 सीटों पर तय है. एक सीट के लिए खींचतान हो सकती है.
दिल्ली में मतदाता सूची के SIR प्रोसेस को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. कई लोग घबराए हुए हैं. अगर आपको चुनाव आयोग का नोटिस मिला है तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप नोटिस का जवाब आसानी से दे सकते हैं और अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं. चलिए इससे संबंधित 4 सवालों के जवाब बताते हैं.
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम के वेरिफिकेशन या किसी गलती को सही करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है. आयोग ने अपने दर्जनों एप को एकीकृत कर ECINet लांच किया है. ECINet एक ऐसा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो मतदाताओं से जुड़ी 40 से अधिक अलग-अलग ऐप्स और वेबसाइटों जैसे वोटर हेल्पलाइन, सी-विजिल, सक्षम आदि को एक ही प्लेटफार्म पर जोड़ता है.
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस EBC को साधन के लिए बड़ी तैयारी कर रही है. कांग्रेस ओबीसी विभाग ने बिहार की तर्ज पर यूपी में भी अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण कानून का प्रस्ताव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा है. फिलहाल प्रस्ताव पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी का इंतजार है.
यूपी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच दूरियां बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं. अब तक कांग्रेस लीडर इमरान मसूद ही समाजवादी पार्टी को निशाना बना रहे थे, लेकिन अब अखिलेश यादव की पार्टी ने भी जवाब देना शुरू कर दिया है. इकरा हसन ने कांग्रेस को बता दिया है कि अगर गठबंधन नहीं हुआ तो कांग्रेस को ही नुकसान उठाना पड़ेगा.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है. इससे पहले इन सीटों पर चुनाव हो जाएंगे. यूपी में विधायकों के हिसाब से बीजेपी के 7 और समाजवादी पार्टी के 2 सांसद जीतने की स्थिति में हैं. लेकिन आखिरी सीट के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है.
भाजपा ने यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर संगठन में बड़ा फेरबदल किया है. 98 जिला प्रभारियों की घोषणा की गई है. जिला प्रभारी बनाने में जातीय समीकरण के बजाय संगठन कौशल को चुना गया है. नाराज ब्राह्मणों को संतुष्ट करने की कोशिश भी दिखी. संगठन में काम करने वाले सभी पुराने और बड़े चेहरों की जिला प्रभारी के तौर पर वापसी हुई.
राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी को सबसे ज्यादा वार्डों में जीत मिली है. जीत के मामले में कांग्रेस थोड़ी पीछे रह गई है. लेकिन बीजेपी के कई दिग्गज लीडर्स के प्रभाव वाले क्षेत्रों में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. इसमें सीएम भजनलाल शर्मा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत शामिल हैं.