पश्चिम बंगाल पेज 2 का मतदान 29 अप्रैल को होगा. इस दिन ममता के सामने भाजपा के शुभेंदु अधिकारी सामने होंगे. साथ ही 1448 उम्मीदवारों की किस्मत लिखेंगे 3.2 करोड़ मतदाता.
West Bengal Election Phase 1 Voting: विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में पश्चिम बंगाल के लोगों ने रिकॉर्ड तोड़ मतदान करके इतिहास रच दिया है. इस रिकॉर्ड वोटिंग से सभी पार्टियां गदगद हैं. बीजेपी जहां इसे अपने पक्ष में बता रही है तो वहीं ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी भी इसे अपने पक्ष में बता रही है. आइए जानते हैं ऐतिहासिक वोटिंग के क्या मायने हैं और इससे बीजेपी या ममता किसे मिलेगा फायदा?
West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में से 152 सीटों पर गुरुवार को मतदान हो रहा है. पहले चरण में कुल 1478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. इनमें शुभेंदु अधिकारी, रंजन चौधरी सहित कई दिग्गज शामिल हैं जिनकी किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी. इस बार चुनाव में मुख्य लड़ाई बीजेपी और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में है. पहले चरण का चुनाव बीजेपी और टीएमसी दोनों के लिए काफी अहम है. आइए जानते हैं कैसे?
Bengal Election 2026 BJP VS TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनावी मैदान सज चुका है. दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है. इस बार बीजेपी और ममता की पार्टी टीएमसी में मुख्य लड़ाई है तो लेफ्ट और कांग्रेस में वापसी की छटपटाहट है. चुनाव से पहले यहां आप जान सकते हैं चारों पार्टियों की ताकत और चुनौतियां.
अखिलेश यादव के वादों में युवाओं, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और हर परिवार के लिए कुछ न कुछ शामिल है. वे धीरे-धीरे इन घोषणाओं को सार्वजनिक कर रहे हैं और साथ ही यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार आगे किन योजनाओं का ऐलान कर सकती है.
गुजरात में 26 अप्रैल 2026 को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के चुनावों के लिए तस्वीर साफ हो गई है. 10 हजार सीटों में से 730 सीटें निर्विरोध हुई हैं जबकी बाकी सीटों के लिए मतदान होगा. इस चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है.
बिहार में कुशवाहा समुदाय के चेहरे का मुख्यमंत्री बनने से क्या भाजपा यूपी के चुनावों में भी कुशवाहा वोटरों को अपनी तरफ खींच पाएगी.
सम्राट चौधरी के लिए 16 अप्रैल 2026 का दिन काफी अहम रहा. आज के दिन भाजपा ने उनपर विश्वास जताते हुए उन्हें सीएम पद के लिए चुना.
गुजरात के अमरोली में नगरपालिका चुनाव में एक अनोखी घटना हुई. पति-पत्नी को बीजेपी, AAP और कांग्रेस से टिकट मिला. सुनकर अजीब लग रहा है, लेकिन ये सच है. बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने पोपटभाई को टिकट दिया. जबकि उनकी पत्नी को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया. हालांकि पोपटभाई ने बीजेपी और आम आदमी पार्टी के टिकट के नकार दिया और अब वो कांग्रेस में हैं.
देश के 12 राज्यों में हुए SIR अभियान में अब तक 5 करोड़ 20 लाख से अधिक अयोग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं. इस तरह से कुल 10 फीसदी नाम हटाए जा चुके हैं. यहां आप जान सकते हैं कि SIR अभियान के दौरान कहां से कितने नाम हटाए गए हैं.
UP Final Voters List 2026: उत्तर प्रदेश में मतदाता पुनरीक्षण के बाद एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो गई है. इसमें 2.04 करोड़ लोगों के नाम कटे हैं. मुस्लिम बहुल इलाकों में कम नाम कटे हैं जबकि भाजपा के गढ़ में ज्यादा नाम मतदाता सूची से बाहर हुए हैं. ऐसे में विधानसभा चुनाव 2027 को जीतने के लिए बीजेपी को नई रणनीति बनानी होगी.