इस साल चातुर्मास 25 जुलाई से शुरू हो रहा है. इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे. चातुर्मास के दौरान शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण सहित अन्य मांगलिक कामों पर रोक लग जाती है. ऐसे में आप यहां जान सकते हैं कि विवाह के शुभ मुहूर्त कब मिलेंगे.
धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रवचन में ब्रह्मांड की उत्पत्ति, पंचतत्वों के महत्व और ब्रह्मा जी द्वारा की गई सृष्टि रचना का विस्तृत वर्णन किया गया. प्रवचन के दौरान बताया गया कि भूमि, गगन, वायु, अग्नि और नीर से ही पंचतत्व बनते हैं जिनसे संपूर्ण संसार का निर्माण हुआ है. इसके साथ ही सुख और दुख की परिभाषा समझाते हुए कहा गया कि मन में उठने वाली अनियंत्रित इच्छाएं ही दुख का मुख्य कारण होती हैं, जबकि भगवान की भक्ति में लीन रहना ही सच्चा सुख है. कथा में युवाओं को सोशल मीडिया और रील्स में समय नष्ट न करने, मेहनत करने और माता-पिता का आदर करने की प्रेरणा दी गई. अभिभावकों को भी सलाह दी गई कि वे अपनी संतान को केवल धन-संपत्ति देने के बजाय श्रेष्ठ संस्कार और शिक्षा प्रदान करें, जिससे समाज और राष्ट्र का कल्याण हो सके. देखिए अच्छी बात.
Prayer Beads: हिंदू धर्म में जप माला का विशेष महत्व है. इसे साधना, भक्ति और मानसिक एकाग्रता का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है. बहुत से लोग हर दिन भगवान के नाम का जाप करने के लिए तुलसी, रुद्राक्ष, चंदन या स्फटिक की माला का इस्तेमाल करते हैं.
Ekadashi: एक साल में कुल 24 एकादशी मनाई जाती है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से श्री हरि अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर कर देते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे देवशयनी या हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है कब है और पारण का समय व पूजा विधि क्या है?
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दिशा और बनावट का असर वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ सकता है. इसलिए नया फ्लैट खरीदने से पहले कुछ अहम वास्तु नियमों को ध्यान में रखना लाभकारी माना जाता है. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि नया घर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
कथा में काशी के एक कर्मकांडी ब्राह्मण की संतान की इच्छा और उसे मिले पांच वर्ष की आयु वाले पुत्र का प्रसंग है. पुत्र के जन्म के बाद पिता उसकी आयु को लेकर चिंतित रहता है और संतों से उपाय पूछता है. उसे बताया जाता है कि बड़ों को प्रणाम करने से आयु, विद्या, यश और बल बढ़ते हैं. बालक हर साधु और महात्मा को दंडवत प्रणाम करता है तथा चिरंजीवी होने का आशीर्वाद पाता है. सात ऋषि उसे सृष्टिकर्ता और फिर वरदान देने वाले भगवान के पास ले जाते हैं. अंतिम दो दिनों में बालक शिवलिंग से लिपटकर ओम नमः शिवाय का जप करता है. मृत्यु के देवता उसे लेने आते हैं, लेकिन भगवान पांच वर्षों की गणना अपने कालमान से करने का विधान बताते हैं. कथा के अंत में बालक की आयु 12 हजार करोड़ वर्ष से अधिक बताई जाती है और उसे कलियुग में पूजित मुनि के रूप में पहचाना जाता है. देखिए अच्छी बात.
कोटा शहर से सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो पूरे देश के लिए मिसाल बन सकती है. तुल्लापुरा स्थित रेलवे परिसर में मनसापूर्ण महादेव का मंदिर और पठान साहब की मजार एक-दूसरे के बिल्कुल पास स्थित हैं. दोनों धर्मों के लोग पूरी श्रद्धा, अकीदत और सम्मान के साथ यहां अपनी-अपनी पूजा और इबादत करते हैं.
श्रावण मास की तैयारियों को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में दर्शन व्यवस्था, CEO नियुक्ति, सचिव और प्रवक्ता की नियुक्ति, धार्मिक समिति के पुनर्गठन समेत कई अहम प्रशासनिक फैसले लिए गए.
टीम इंडिया के दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा वृदांवन पहुंचे. दोनों दिग्गजों ने संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया. आश्रम में लोगों ने राधे-राधे कहकर उनका अभिवादन किया. इस दौरान कोहली और अनुष्का शर्मा कीचड़ में नंगे पांव चलते देखे गए.
28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा. जानें कि यहां क्या सूतक काल मान्य नहीं होगा या नहीं. राखी बांधने, पूजा-पाठ, मंदिरों के कपाट और अन्य शुभ कार्यों पर ग्रहण का कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं पड़ेगा.
मध्यप्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ से आए एक श्रद्धालु परिवार ने भगवान श्री सांवलिया सेठ को 11 किलो 400 ग्राम वजनी चांदी की 19 छोटी-छोटी सिल्लियां भेंट की. वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इस चांदी की कीमत 26 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है.