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धर्म

गौरीकुंड से केदारनाथ तक बनाया जाएगा रोपवे, श्रद्धालुओं को मिलेगी सहूलियत

03 फरवरी 2023

अब बाबा केदारनाथ के भक्तों के लिए गुड न्यूज. बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को आने वाले दिनों में 16 किलोमीटर लंबी कठिन यात्रा नहीं करनी होगी. इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए गौरीकुंड से केदारनाथ तक रोपवे बनाने का फैसला किया गया है. ये रोपवे 9 किलोमीटर लंबा होगा. रोपवे बन जाने के बाद श्रद्धालु 35-30 मिनट में बाबा के धाम पर पहुंच जाएंगे. अभी केदारनाथ धाम की यात्रा में कई घंटों को समय लगता है.

माघ पूर्णिमा पर नवग्रहों की शांति के लिए ऐसे करें नौ तरह के दान

03 फरवरी 2023

माघ पूर्णिमा का दिन ज्योतिष शास्त्र में भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना धार्मिक दृष्टि से. ये माना जाता है कि माघ पूर्णिमा पर पवित्र स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा से जुड़ी सभी कठिनाइयां दूर हो जाती हैं. माघ मास की शुभदायी तिथि नवग्रहों की कृपा भी ला सकती है. नौ ग्रहों की शांति के लिए कैसे करें नौ तरह के दान, जानिए.

माघ पूर्णिमा से जुड़ी ये सावधानियां आपके लिए जानना जरूरी

03 फरवरी 2023

माघ महीने में प्रयाग में स्नान करने वाले को उत्तम फल मिलता है. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो माघ महीना भगवान विष्णु की उपासना के साथ साथ शिव उपासना के लिए भी उत्तम है. माघ मास का स्नान, दान, उपवास और माधव पूजा का विशेष महत्व समझने के बाद इस विशेष तिथि के साथ जुड़ी सावधानियां भी आपके लिए जानना जरूरी हैं.

मुंबई में 17 जैन समुदाय के लोगों ने ली दीक्षा, देखें तस्वीरें

03 फरवरी 2023

देश की प्रगति में जैन समाज के लोगों का काफी योगदान रहा है. जैन समाज में धर्म को काफी तवजू दी जाती है. ऐसे में शुक्रवार को मुंबई में एक साथ 17 जैन समुदाय के लोगों ने दीक्षा ली है. ये 17 लोग अब नए सिरे से जीवन शुरू करने जा रहे हैं. इनमें छात्रों से लेकर गृहिणियों तक, हीरों के व्यापारी से लेकर पेशेवरों तक, सीईओ से लेकर दिवालिया हो गए लोगों तक सभी शामिल हैं.

केदारनाथ का दर्शन करना होगा आसान, जल्द शुरू होगा रोपवे का निर्माण

03 फरवरी 2023

प्रकृत की गोद में बसे आस्था के परमधाम केदारनाथ में आकर श्रद्धालु सारे जहां का दुख दर्द भूल जाते हैं. भगवान भोले के दरबार में पहुंचकर अलौकिक आनंद की अनुभूति करने वाले श्रद्धालुओं को यहां तक आने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. गौरीकुंड से केदारनाथ तक 16 किमी की पैदल यात्रा सबके बस की बात नहीं है. बुजुर्ग और बच्चों के लिए तो 16 किमी की ये ट्रैकिंग लगभग नामुमकिन होती है. वहीं हेलीकॉप्टर सेवा इतनी महंगी है कि आम आदमी की जेब जवाब दे जाती है. ऐसे श्रद्धालुओं के लिए गौरीकुंड से केदारनाथ तक का रोपवे वरदान साबित होने जा रहा है. रोपवे का निर्माण कार्य इसी साल शुरू हो जाएगा.

केदारनाथ धाम आने वाले यात्रियों के लिए गुड न्यूज, शुरू होने वाला है रोप-वे का निर्माण

02 फरवरी 2023

केदारनाथ धाम आने वाले यात्रियों के लिये अच्छी खबर है. आनेवाले वर्षों में अब केदारनाथ धाम आने वाले यात्रियों को रोप-वे की सुविधा भी मिल पायेगी. इसी साल केदारनाथ के लिए रोप-वे का निर्माण शुरू होने वाला है. फिलहाल गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक नौ किलोमीटर की रोप-वे लाइन का निर्माण किया जायेगा. नौ किलोमीटर लंबी इस रोप-वे लाइन का निर्माण करीब नौ सौ करोड़ की लागत से किया जायेगा। इसमें चार स्टेशन बनाये जाएंगे.

श्रीहरि कैसे बने शालिग्राम, इस कथा से समझें

02 फरवरी 2023

शालिग्राम रूप में भगवान विष्णु की पूजा से हर तरह की व्याधियों का अंत हो जाता है. कहते हैं कि शालिग्राम के दर्शन मात्र से ही मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती है. सच्चे मन से श्रीहरि का नाम जपने वालों की हर अभिलाषा पूरी हो जाती है. ज्योतिष कहते हैं कि श्री हरि के नाम में इतनी शक्ति है कि उनकी भक्ति करने वालों को शीघ्र ही कष्टों से मुक्ति मिल जाती है. समझिए श्रीहरि कैसे बन गये शालिग्राम.

श्रीहरि का शिला स्वरुप है शालिग्राम, ऐसे करें पूजा

02 फरवरी 2023

भगवान नारायण की कृपा से ही ब्रह्माण्ड में जीवन का संचार है. शालिग्राम श्रीहरि का शिला स्वरुप है. भगवान विष्णु के विग्रह के रूप में शालिग्राम की पूजा की जाती है. माना जाता है कि भगवान शालिग्राम की पूजा तुलसी के बिना पूरी नहीं होती है. शास्त्रों में कहा गया है कि जो लोग तुलसी के साथ-साथ शालिग्राम की भी रोजाना पूजा करते हैं, उनके घर से दरिद्रता कोसों दूर रहती है. जानिए कैसे करें भगवान शालिग्राम का पूजन.

शालिग्राम शिला के खोजकर्ता कुलराज चालीसी ने व्यक्त की अपनी भावनाएं, देखें बातचीत

02 फरवरी 2023

Shaligram Shila Yatra: नेपाल के जनकपुर से रामलला की मूर्ति के निर्माण के लिए लाई गई शालिग्राम शिलाओं को राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है. अब से थोड़ी देर पहले अयोध्या में शालिग्राम शिलाओं की विधि विधान से पूजा हुई. शिलाओं के खोजकर्ता कुलराज चालीसी ने गुड न्यूज टुडे के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त की. देखें पूरी बातचीत.

रामलला और माता जानकी की मूर्ति निर्माण के लिए लाई गईं शालिग्राम शिला, जानिए महत्व

02 फरवरी 2023

नेपाल से शुरु हुई शालिग्राम शिला गोरखपुर और बस्ती जिले से होती अयोध्या पहुंच चुकी हैं. जहां रामभक्तों ने देवशिला यात्रा का धूमधाम से स्वागत किया. आज दोनों शिलाओं के राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा. हनुमान गढ़ी से संत महंत राजू दास ने शिलाओं के महत्व को लेकर क्या कहा..सुनिए

भगवान विष्णु के स्वरूप के तौर पर पूजे जाने वाले Shaligram का क्या है धार्मिक महत्व ?

02 फरवरी 2023

नेपाल की गंडकी नदी से निकाली गई इन शालिग्राम शिलाओं का धार्मिक महत्व क्या है. यह सभी जानना चाहते हैं. ऐसे में हम पंडित शैलेंद्र पांडेय से विस्तार से जानते हैं.