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धर्म

मकर संक्रांति पर प्रयागराज-काशी सहित इन जगहों पर करें स्नान, अक्षय पुण्य की होगी प्राप्ति

08 जनवरी 2026

Makar Sankranti Ganga Snan Places: मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा. इस दिन स्नान-दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. गंगा नदी में स्नान करने से हजार यज्ञों के बराबर फल मिलता है. आइए जानते हैं मकर संक्रांति पर प्रयागराज-काशी सहित कहां-कहां आस्था की डुबकी लगा सकते हैं?

पढ़ाई के साथ धर्म की जानकारी जरूरी, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ देखिए अच्छी बात

08 जनवरी 2026

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान संस्कारों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप अपनी बेटी या बेटा को डीएम, आईएस, आईपीएस या इंजीनियर बनाओ या मत बनाओ, लेकिन सबसे पहले उसे संस्कारवान इंसान बनाओ.' शास्त्री ने स्पष्ट किया कि पद और पैसे के बल पर रोटी तो कमाई जा सकती है, लेकिन जीवन जीने की कला केवल संस्कारों से ही सीखी जा सकती है. उन्होंने हनुमान जी के मंगलमय स्वरूप की चर्चा करते हुए बताया कि उनका नाम, रूप और जन्म सब मंगलकारी है. देखिए अच्छी बात.

जानें 2026 में कब-कब पड़ेगी एकादशी

08 जनवरी 2026

जानें हिंदू पंचांग के अनुसार 2026 में पूरे साल कब-कब पड़ रही है एकादशी और क्या है इस व्रत का महत्व.

मंत्र जाप से बदल सकती है आपकी किस्मत... लेकिन कैसे... यहां जानिए

07 जनवरी 2026

Mantra Jaap: मंत्र में बहुत शक्ति होती है. इसका जाप करने से व्यक्ति की किस्मत बदल सकती है. मंत्रों का असर शरीर के चक्रों, मन और आत्मा पर पड़ता है, इसलिए इनका उच्चारण सही विधि और शुद्ध भावना से करना चाहिए.

14 या 15 जनवरी, इस साल कब है मकर संक्रांति, जानें सही तिथि और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

07 जनवरी 2026

Makar Sankranti: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति पर्व का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 या 15 जनवरी, किस दिन मनाया जाएगा?

11000 रुद्राक्ष वाले संत, 5 साल के बाहुबली महाराज... प्रयागराज के माघ मेले में अनोखे संत

07 जनवरी 2026

प्रयागराज में माघ मेले में साधु-संतों का जमावड़ा लगा है. मेले में कई अनोखे संत आए हैं. इसमें नागा साधु दिगंबर अजयगिरी शामिल हैं. वो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. उन्होंने अपने शरीर पर 11,000 रुद्राक्ष धारण किए हैं. उधर, 5 साल के श्रीश बाहुबली महाराज भगवान राम के वेश में नजर आए.

2026 में कब है वसंत पंचमी, जानें सरस्वती पूजा विधि और इस दिन कौन सा रंग पहनना होगा शुभ

07 जनवरी 2026

Basant Panchami 2026: इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को पड़ रही है.  ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है और वसंत पंचमी के दिन  मां सरस्वती की कृपा के लिए किस प्रकार उनकी आराधना करनी चाहिए.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया सफल जीवन का मंत्र और हिंदू राष्ट्र का मार्ग, देखिए अच्छी बात

07 जनवरी 2026

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान जी और जामवंत जी के प्रसंग के माध्यम से जीवन में सफलता का मूल मंत्र साझा किया. उन्होंने कहा, 'जिन्हें हिंदू राष्ट्र बनाने का विचार आता है और जिन्हें हिंदू राष्ट्र बनाने का कार्य आता है, अगर वह दोनों एक हो जाए तो भारत हिंदू राष्ट्र हो जाएगा.' शास्त्री जी ने समझाया कि युवाओं में कार्य करने की क्षमता होती है और बुजुर्गों में विचार करने की, और जब ये दोनों मिलते हैं तभी क्रांति आती है. उन्होंने जीवन की तुलना एक रेलगाड़ी से करते हुए कहा कि अच्छे कर्मों की टिकट कटाना अनिवार्य है, अन्यथा यमदूत नर्क का रास्ता दिखाएंगे. देखिए अच्छी बात.

2026 में किस महीने में कौन सी तारीख है शादी के लिए शुभ... देखिए लिस्ट

06 जनवरी 2026

2026 का साल शादी के मुहूर्त के लिहाज से काफी शुभ रहने वाला है. इस साल कई ऐसे शुभ विवाह मुहूर्त मिलेंगे, जिनमें शादी जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं. आइए जानते हैं 2026 में लग्न मुहूर्त की पूरी लिस्ट.

श्रीराम के नाम का चमत्कार, पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ देखिए अच्छी बात

06 जनवरी 2026

अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने रामायण के सबरी प्रसंग के माध्यम से जीव दया और गुरु भक्ति का गहरा महत्व समझाया है. उन्होंने बताया कि कैसे सबरी ने अपने विवाह के दौरान होने वाली पशु बलि को रोकने के लिए अपना घर त्याग दिया था. उन्होंने कड़े शब्दों में मांसहार का विरोध करते हुए कहा, 'भूखे मर जाना पर किसी को मार कर के अपना पेट मत भरना, तुमसे बड़ा पापी कोई नहीं है.' उन्होंने मतंग मुनि और सबरी के अटूट विश्वास का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु के वचनों पर भरोसा ही ईश्वर प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है. उनके अनुसार, भगवान राम को सबरी की भक्ति को सिद्ध करने के लिए ही वनवास जाना पड़ा. अंत में, उन्होंने 'ओ पापी मन कर ले भजन' गीत के माध्यम से जीवन की नश्वरता और भक्ति की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे श्रोताओं को आध्यात्मिक प्रेरणा मिली. देखिए अच्छी बात.