Somnath Swabhiman Parv: गुजरात के समुद्र तट पर 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम सोमनाथ धाम स्थित है. इस मंदिर में दर्शन के लिए शिव भक्तों का हर दिन तांता लगा रहता है. आइए इस मंदिर की खासियत और यहां कैसे श्रद्धालु पहुंच सकते हैं, उसके बारे में जानते हैं?
फेमस एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी अपनी बहन शमिता शेट्टी के साथ ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर जी के दर्शनों के लिए देर रात उज्जैन पहुंची. दोनों बहनों ने शयन आरती में सम्मिलित होकर दर्शन लाभ प्राप्त किया.
आज हम आपको भारत के 5 ऐसे शक्तिशाली हनुमान मंदिरों के बारे में बता रहे हैं, जहां दर्शन मात्र से भक्तों को नई ऊर्जा और आत्मबल मिलता है.
इस विशेष संवाद में राम जी की कृपा से जीवन में बदलाव के पांच महत्वपूर्ण प्रमाण दिए गए हैं. पहला प्रमाण वाल्मीकि जी का है, जिन्हें राम जी की कृपा से ब्रह्म के समान स्थान मिला. दूसरा प्रमाण नारद जी का है, जिनका दासी पुत्र से ब्रह्मा पुत्र बनने का उल्लेख है. विभीषण का उदाहरण दिया गया, जिन्हें राम जी की कृपा से मंत्री से प्रधानमंत्री की उपमा मिली. चौथा प्रमाण सुग्रीव जी का है, जिन्होंने संकट के समय राम जी का साथ पाकर राजा का पद पाया. पांचवां प्रमाण शबरी माता का है, जो राम जी की प्रतीक्षा और उपासना करते हुए धन्य होती हैं. 'जा पर कृपा राम की होई ता पर कृपा करे' इस चौपाई के माध्यम से यह समझाया गया है कि जिस पर राम जी की कृपा होती है, उसके जीवन में असाधारण परिवर्तन संभव है.
Bajrangbali: हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सच्चे मन से भक्ति करना आवश्यक है. सिंदूर, चमेली का तेल, तुलसी दल और राम नाम के प्रयोग से भक्त अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे?
Eclipse 2026: हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को अशुभ माना जाता है. ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य नहीं किया जाता है. इस दौरान भोजन ग्रहण करने से भी परहेज किया जाता है. आइए जानते हैं साल 2026 में कब-कब सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगेंगे.
Dahi-Chiwda or Khichdi: इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को है. इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद दही-चूड़ा और खिचड़ी खाने का रिवाज है. आइए जानते हैं मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा और खिचड़ी खाने के पीछे का असली वजह क्या है?
जबलपुर में एक कथा के दौरान, बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संघर्ष और गरीबी के दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार अत्यंत गरीबी में रहता था, उनकी मां एक ही साड़ी में साल गुजार देती थीं और वह खुद एक ही पजामा सवा-सवा महीने तक पहनते थे. उन्होंने कहा, 'जब हमने अपनी बहन की शादी में धक्के खाए, उसी दिन हमने प्रण लिया था कि अगर बालाजी की कृपा हुई तो भारत में किसी गरीब भाई को बहन के विवाह के लिए भटकना नहीं पड़ेगा' शास्त्री ने बताया कि जो लोग पहले उनका मजाक उड़ाते थे, आज वही 'बागेश्वर धाम' के नाम से अपनी दुकानें चलाते हैं. उन्होंने श्रोताओं को दुनिया से अपेक्षा न रखने और केवल बालाजी पर विश्वास करने की सलाह दी. इसके बाद उन्होंने कृष्ण और सुदामा की मित्रता की मार्मिक कथा भी सुनाई.
अक्षरधाम मंदिर में स्थापित भगवन श्री स्वामीनारायण की बाल्यकाल यानी बचपन की है. प्रतिमा की ऊंचाई 108 फीट की है. इस दौरान उनका नाम श्रीनीलकंठ वर्णी था और प्रतिमा में उनकी कठिन तपस्या की स्थिति को दिखाया गया है. मूर्ति का विधि-विधान से अनावरण और पूजन 2026 के मार्च के अंत में बताया जा रहा है, हालांकि अभी इसकी तय तारीख सामने नहीं आई है.
प्रयागराज के पावन संगम तट पर आयोजित माघ मेला आयोजित हुआ है. इसमें सफाई कर्मचारियों को पहले से तैनात किया जाता है, जो पूरे आयोजन के दौरान स्वच्छता का दायित्व निभाते हैं. इस बार माघ मेले में सफाई कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो, इसके लिए विशेष पहल की गई है. माघ मेला में एक स्कूल खोला गया है, जिसमें सफाई कर्मचारियों की पढ़ाई हो रही है.
अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गुरु और शिष्य के संबंधों पर प्रकाश डाला. उन्होंने रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्चा शिष्य वही है जो अपने गुरु के संकल्पों को आगे बढ़ाए. उन्होंने ने कुम्हार और घड़े का उदाहरण देते हुए समझाया कि 'गुरु डांटता इसलिए है कि हमारा चेला बिखर ना जाए.' कार्यक्रम में हनुमान जी के भजन भी गाए गए और भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. वक्ता ने माता-पिता और गुरु का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी. देखिए अच्छी बात.