Basant Panchami 2026: इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को पड़ रही है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है और वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की कृपा के लिए किस प्रकार उनकी आराधना करनी चाहिए.
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान जी और जामवंत जी के प्रसंग के माध्यम से जीवन में सफलता का मूल मंत्र साझा किया. उन्होंने कहा, 'जिन्हें हिंदू राष्ट्र बनाने का विचार आता है और जिन्हें हिंदू राष्ट्र बनाने का कार्य आता है, अगर वह दोनों एक हो जाए तो भारत हिंदू राष्ट्र हो जाएगा.' शास्त्री जी ने समझाया कि युवाओं में कार्य करने की क्षमता होती है और बुजुर्गों में विचार करने की, और जब ये दोनों मिलते हैं तभी क्रांति आती है. उन्होंने जीवन की तुलना एक रेलगाड़ी से करते हुए कहा कि अच्छे कर्मों की टिकट कटाना अनिवार्य है, अन्यथा यमदूत नर्क का रास्ता दिखाएंगे. देखिए अच्छी बात.
2026 का साल शादी के मुहूर्त के लिहाज से काफी शुभ रहने वाला है. इस साल कई ऐसे शुभ विवाह मुहूर्त मिलेंगे, जिनमें शादी जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं. आइए जानते हैं 2026 में लग्न मुहूर्त की पूरी लिस्ट.
अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने रामायण के सबरी प्रसंग के माध्यम से जीव दया और गुरु भक्ति का गहरा महत्व समझाया है. उन्होंने बताया कि कैसे सबरी ने अपने विवाह के दौरान होने वाली पशु बलि को रोकने के लिए अपना घर त्याग दिया था. उन्होंने कड़े शब्दों में मांसहार का विरोध करते हुए कहा, 'भूखे मर जाना पर किसी को मार कर के अपना पेट मत भरना, तुमसे बड़ा पापी कोई नहीं है.' उन्होंने मतंग मुनि और सबरी के अटूट विश्वास का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु के वचनों पर भरोसा ही ईश्वर प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है. उनके अनुसार, भगवान राम को सबरी की भक्ति को सिद्ध करने के लिए ही वनवास जाना पड़ा. अंत में, उन्होंने 'ओ पापी मन कर ले भजन' गीत के माध्यम से जीवन की नश्वरता और भक्ति की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे श्रोताओं को आध्यात्मिक प्रेरणा मिली. देखिए अच्छी बात.
माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी, तिल चतुर्थी या सकट चौथ कहा जाता है. संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश के संकष्ट हरण स्वरूप की पूजा करने से जीवन के सभी संकट नष्ट हो जाते हैं. संतान की प्राप्ति होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है.
Auspicious Muhurat for Marriage and Housewarming in 2026: नया साल 2026 का शुभारंभ हो गया है. आइए जानते हैं इस साल शादी-विवाह, गृह प्रवेश से लेकर वाहन खरीदने के लिए क्या-क्या शुभ मुहूर्त है?
करीब 210 मीट्रिक टन वजनी, ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा एकल शिवलिंग माना जा रहा है. शिवलिंग को देखने व पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही.
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी कथा के दौरान हनुमान जी के जीवन से पांच महत्वपूर्ण शिक्षाएं साझा कीं. उन्होंने बताया कि जीवन में मंगल लाना, कार्य में डटे रहना, दूसरों को अच्छे कार्यों से जोड़ना, समाज को जोड़ना और विनम्रता अपनाना ही हनुमान जी की सच्ची भक्ति है. शास्त्री जी ने राजा सुकुंत की पौराणिक कथा के माध्यम से समझाया कि कैसे हनुमान जी ने भगवान राम के प्रण के बावजूद शरणागत की रक्षा की. उन्होंने कहा, 'जिसकी गारंटी हनुमान जी ले लें उसे कोई मार नहीं सकता, स्वयं राम जी भी नहीं. देखिए अच्छी बात.
Magh month: भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित माघ महीने का आरंभ 4 जनवरी से हो गया है और इसका समापन 1 फरवरी 2026 को होगा. ज्योतिष के मुताबिक माघ के पूरे महीने में स्नान-दान और उपवास से इंसान के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य बढ़ता ही चला जाता है. आइए माघ माह की महिमा जानते हैं.
Sakat Chauth 2026 Date and Time: सकट चौथ के दिन भगवान गणेश, चंद्र देव और मां सकट की आराधना की जाती है. इस दिन माताएं संतान की प्राप्ति और पुत्र की लंबी आयु की कामना करती हैं. सुख-समृद्धि के लिए सकट चौथ का व्रत रखती हैं. आइए जानते हैं 6 या 7 जनवरी, कब है सकट चौथ?
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रभु श्री राम के महान चरित्र और राम राज्य की अवधारणा पर प्रकाश डाला. उन्होंने रावण और मंदोदरी के बीच के एक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि 'जब मैं राम बनकर जाता हूँ तो तुमको छोड़कर बाकी स्त्रियां मुझे बहन के समान नजर आती हैं.' शास्त्री ने जोर देकर कहा कि राम राज्य में स्त्रियों को भोग्या नहीं बल्कि पूज्य माना जाएगा. उन्होंने पंचकूला के एक शिष्य का उदाहरण देते हुए हास्य के माध्यम से समझाया कि कथा केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए होती है. उन्होंने जीवन की नश्वरता पर चर्चा करते हुए कहा कि मृत्यु के बाद केवल कर्मों की कमाई ही साथ जाती है, धन-दौलत या परिवार नहीं. शास्त्री ने श्रोताओं को प्रेरित किया कि वे भगवान के चरणों में ध्यान लगाएं क्योंकि जीवन का कोई भरोसा नहीं है.