Bajrangbali: हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सच्चे मन से भक्ति करना आवश्यक है. सिंदूर, चमेली का तेल, तुलसी दल और राम नाम के प्रयोग से भक्त अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे?
Eclipse 2026: हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को अशुभ माना जाता है. ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य नहीं किया जाता है. इस दौरान भोजन ग्रहण करने से भी परहेज किया जाता है. आइए जानते हैं साल 2026 में कब-कब सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगेंगे.
Dahi-Chiwda or Khichdi: इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को है. इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद दही-चूड़ा और खिचड़ी खाने का रिवाज है. आइए जानते हैं मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा और खिचड़ी खाने के पीछे का असली वजह क्या है?
जबलपुर में एक कथा के दौरान, बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संघर्ष और गरीबी के दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार अत्यंत गरीबी में रहता था, उनकी मां एक ही साड़ी में साल गुजार देती थीं और वह खुद एक ही पजामा सवा-सवा महीने तक पहनते थे. उन्होंने कहा, 'जब हमने अपनी बहन की शादी में धक्के खाए, उसी दिन हमने प्रण लिया था कि अगर बालाजी की कृपा हुई तो भारत में किसी गरीब भाई को बहन के विवाह के लिए भटकना नहीं पड़ेगा' शास्त्री ने बताया कि जो लोग पहले उनका मजाक उड़ाते थे, आज वही 'बागेश्वर धाम' के नाम से अपनी दुकानें चलाते हैं. उन्होंने श्रोताओं को दुनिया से अपेक्षा न रखने और केवल बालाजी पर विश्वास करने की सलाह दी. इसके बाद उन्होंने कृष्ण और सुदामा की मित्रता की मार्मिक कथा भी सुनाई.
अक्षरधाम मंदिर में स्थापित भगवन श्री स्वामीनारायण की बाल्यकाल यानी बचपन की है. प्रतिमा की ऊंचाई 108 फीट की है. इस दौरान उनका नाम श्रीनीलकंठ वर्णी था और प्रतिमा में उनकी कठिन तपस्या की स्थिति को दिखाया गया है. मूर्ति का विधि-विधान से अनावरण और पूजन 2026 के मार्च के अंत में बताया जा रहा है, हालांकि अभी इसकी तय तारीख सामने नहीं आई है.
प्रयागराज के पावन संगम तट पर आयोजित माघ मेला आयोजित हुआ है. इसमें सफाई कर्मचारियों को पहले से तैनात किया जाता है, जो पूरे आयोजन के दौरान स्वच्छता का दायित्व निभाते हैं. इस बार माघ मेले में सफाई कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो, इसके लिए विशेष पहल की गई है. माघ मेला में एक स्कूल खोला गया है, जिसमें सफाई कर्मचारियों की पढ़ाई हो रही है.
अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गुरु और शिष्य के संबंधों पर प्रकाश डाला. उन्होंने रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्चा शिष्य वही है जो अपने गुरु के संकल्पों को आगे बढ़ाए. उन्होंने ने कुम्हार और घड़े का उदाहरण देते हुए समझाया कि 'गुरु डांटता इसलिए है कि हमारा चेला बिखर ना जाए.' कार्यक्रम में हनुमान जी के भजन भी गाए गए और भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. वक्ता ने माता-पिता और गुरु का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी. देखिए अच्छी बात.
Makar Sankranti Ganga Snan Places: मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा. इस दिन स्नान-दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. गंगा नदी में स्नान करने से हजार यज्ञों के बराबर फल मिलता है. आइए जानते हैं मकर संक्रांति पर प्रयागराज-काशी सहित कहां-कहां आस्था की डुबकी लगा सकते हैं?
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान संस्कारों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप अपनी बेटी या बेटा को डीएम, आईएस, आईपीएस या इंजीनियर बनाओ या मत बनाओ, लेकिन सबसे पहले उसे संस्कारवान इंसान बनाओ.' शास्त्री ने स्पष्ट किया कि पद और पैसे के बल पर रोटी तो कमाई जा सकती है, लेकिन जीवन जीने की कला केवल संस्कारों से ही सीखी जा सकती है. उन्होंने हनुमान जी के मंगलमय स्वरूप की चर्चा करते हुए बताया कि उनका नाम, रूप और जन्म सब मंगलकारी है. देखिए अच्छी बात.
जानें हिंदू पंचांग के अनुसार 2026 में पूरे साल कब-कब पड़ रही है एकादशी और क्या है इस व्रत का महत्व.