Basant Panchami 2026: इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी को है. इस दिन विद्या, ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की आराधना की जाती है. सरस्वती पूजा के दिन छात्र-छात्राएं कुछ जरूरी काम कर लें तो मां शारदे की कृपा सालों भर उनपर बनी रहती है. विद्यार्थियों का पढ़ाई में खूब मन लगता है. करियर में सफलता मिलती है.
काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में जानकारी हासिल करना आसान होगा. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास (SKVT) ने एक आधुनिक AI-संचालित चैटबॉट लॉन्च किया है. इस चैटबॉट का मकसद भक्तों और मंदिर प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना है. विशेष रूप से त्योहारों और भीड़ के समय यह तकनीक भक्तों को सही और समय पर जानकारी देना है.
Basant Panchami 2026 Wishes: बसंत पंचमी का पर्व साल 2026 में 23 जनवरी शुक्रवार को मनाया जाएगा. ऐसे में अगर आप अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो यहां से मैसेज भेज सकते हैं.
राम अर्चन पूजा की खासियत राम अर्चन पूजा भगवान राम की विशेष पूजा है, जिसमें केवल फूलों का ही इस्तेमाल होता है. न कोई अगरबत्ती, न हवन सामग्री. यहां तक कि हवन भी सिर्फ गुलाब के फूलों से किया गया.
Meethi Bhaat Recipe in Hindi: मान्यता है कि मां सरस्वती को पीला रंग अत्यंत प्रिय है. उन्हें प्रसन्न करने के लिए केसरिया भात का भोग लगाया जाता है. यह पकवान समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद माना जाता है.
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान जी की महिमा और उनकी आठ सिद्धियों का विस्तार से वर्णन किया है. उन्होंने कहा, 'हनुमान जी के पास गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, ईशत्व और वशित्व जैसी दिव्य शक्तियां हैं, जिनसे उन्होंने रावण की अमर सेना को परास्त किया.' शास्त्री जी ने रोचक अंदाज में बताया कि कैसे हनुमान जी ने अपनी पूंछ से रावण की सेना को बांधकर गुरुत्वाकर्षण सीमा से बाहर भेज दिया था. उन्होंने समझाया कि लघिमा सिद्धि से हनुमान जी ने अशोक वाटिका में अपना वजन हल्का किया और प्राप्ति सिद्धि से पक्षियों की भाषा समझी. प्रकाम्य सिद्धि के कारण वे हर युग में विद्यमान हैं. अंत में उन्होंने बताया कि वशित्व सिद्धि के जरिए हनुमान जी ने स्वयं भगवान राम को अपने वश में कर रखा है.
साल 2026 में बसंत पंचमी माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, यानी 23 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन देशभर में सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है और विद्यार्थी, शिक्षक व कला से जुड़े लोग विशेष रूप से मां सरस्वती का आशीर्वाद लेते हैं.
Basant Panchami 2026 Date: इस साल बसंत पंचमी की तिथि को लेकर बहुत से लोग असमंजस हैं. कोई 23 जनवरी तो कोई 24 जनवरी को बसंत पंचमी बता रहा है. तो चलिए आपको बताते हैं 23 या 24 जनवरी कब है बसंत पंचमी.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के 40 दिन बाद होली का त्योहार मनाया जाता है. इसी वजह से इसे होली पर्व की शुरुआत भी माना जाता है. साथ ही, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए बसंत पंचमी को बेहद शुभ दिन माना गया है.
माघ मेले में किन्नर अखाड़े ने तुला दान की परंपरा निभाई. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी को उनके वजन के बराबर अनाज और सिक्कों से तोला गया. इस परंपरा का उद्देश्य आत्मशुद्धि, पापों का नाश और आध्यात्मिक उन्नति है.
Basant Panchami 2026: कई लोग मां सरस्वती की पूजा करते समय उनके सामने अपनी पेन और कॉपी-किताब रखते हैं और उसकी भी पूजा करते हैं. वहीं कई लोग तो मां सरस्वती की पूजा करने के बाद बसंत पंचमी के दिन पढ़ाई नहीं करते और न ही पेन और कॉपी-किताब छूते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसा करना सही है या गलत? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं.