Aarti: आरती देवी-देवताओं की कृपा पाने का सबसे सरल और आसान साधन है. हर पूजा पाठ, यज्ञ , अनुष्ठान के अंत में आरती की जाती है. आरती करते समय हमें कुछ विशेष सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए.
Hanuman Ji: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ आंतरिक भय और चिंता को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करता है. हनुमान जी को अष्ट सिद्धि नव निधि का दाता और कलियुग में शीघ्र प्रसन्न होने वाला देवता माना जाता है. हनुमान जी का जीवन हमें सिखाता है कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और विवेक से काम लिया जाए.
Gita Jayanti and Mokshada Ekadashi 2025: गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी एक ही दिन 1 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी. मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था. मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिलती है और पूर्वजों का भी कल्याण होता है. आइए जानते हैं मोक्षदा एकादशी की महिमा और श्रीहरि की पूजा विधि.
केवल काशी ही नहीं, काशी के आस-पास के धार्मिक स्थल भी आपके यात्रा को खास बनाते हैं. तो आइए जानते हैं, काशी के आस-पास के उन प्राचीन और ऐतिहासिक जगहों के बारे में जो हैं पुराण की धरोहर का हिस्सा. तो चलिए, चलते हैं लेख के माध्यम से काशी के सफर पर...
इस धार्मिक कथा में नारद मुनि और भगवान विष्णु के बीच के प्रसिद्ध 'नारद मोह' प्रसंग का वर्णन किया गया है. कथावाचक बताते हैं कि कैसे नारद जी राजा शीलनिधि की पुत्री विश्वमोहिनी के स्वयंवर में जाने के लिए भगवान विष्णु से उनका सुंदर रूप मांगते हैं. भगवान ने उनकी इच्छा पूरी करते हुए उन्हें 'हरि' का रूप दिया, जिसका एक अर्थ वानर भी होता है. स्वयंवर में जब राजकुमारी ने नारद जी के वानर मुख को देखकर उन्हें अस्वीकार कर दिया, तो नारद जी ने क्रोधित होकर भगवान विष्णु को श्राप दिया. कथा के अंत में भगवान अपनी माया हटाते हैं और नारद जी को अपनी गलती का अहसास होता है. वक्ता कहते हैं, 'जिसका विवाह होगा, समरबूम से ही जीतना कोई उसको कोई व्यक्ति युद्ध में नहीं जीत पायेगा'
पीएम मोदी ने गोवा में श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में भगवान श्रीराम की कास्य की प्रतिमा का अनावरण किया. इसे भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा कहा जा रहा है. दक्षिण गोवा में राम की ये प्रतिमा 77 फीट ऊंची है. इस प्रतिमा को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के मशहूर मूर्तिकार राम सुतार ने बनाई है.
Tripund Significance and Benefits: त्रिपुंड की प्रत्येक रेखा में नौ देवों का वास माना जाता है. इस तरह से कुल तीन रेखाओं में 27 देवता बसते हैं. माथे पर लगाई जाने वाली तीन रेखाएं केवल शृंगार नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक हैं. त्रिपुंड शरीर के 32 अंगों पर लगाया जा सकता है. इसे चंदन या भस्म से लगाने का विधान है.
बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बचपन का एक भावुक किस्सा साझा किया है. उन्होंने बताया कि कैसे गरीबी के दिनों में एक पड़ोसी ने उन्हें टीवी देखने से रोक दिया था, जिसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपनी टीवी खरीदने पर ही उसे देखेंगे. शास्त्री जी ने बताया कि बाद में उन्होंने मेहनत कर सेकंड हैंड टीवी खरीदी. इसके साथ ही उन्होंने सुंदरकांड की महिमा बताते हुए कहा, 'हनुमान जी दूत बनकर गए थे, जानकी माता के पूत बनकर के लौटे हैं.' देखें अच्छी बात.
Lord Vishnu: विष्णु सहस्रनाम का पाठ जीवन की बाधाओं को दूर करने और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है. इसे विधि पूर्वक करने से भगवान विष्णु की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है. नारायण की कृपा पाने के लिए सच्चे मन से इस पाठ को करें और जीवन में सुख-शांति का अनुभव करें.
Haldi Ke Fayde: हिंदू धर्म में हल्दी को शुभ और मंगल लाने वाला माना जाता है. हल्दी न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाती है बल्कि जीवन में संपन्नता भी लाती है. आइए जानते हैं हल्दी के चमत्कारी फायदे.
छत्तीसगढ़ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने प्रवचन में ईश्वर के प्रति समर्पण यानी शरणागति के लक्षणों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि शरणागति के छह लक्षण होते हैं, जिनमें से पांच का उन्होंने वर्णन किया. भगवान के अनुकूल रहना, भगवान को जो प्रिय न हो उसका त्याग करना, भगवान पर अटूट भरोसा रखना, हर समय भगवान को धन्यवाद देना, और जो कुछ भी मिला है उसे भगवान का मानना. उन्होंने प्रहलाद, भरत, विभीषण और राजा बलि के पौराणिक उदाहरण देते हुए समझाया कि कैसे इन लोगों ने ईश्वर के लिए अपने सगे-संबंधियों का भी त्याग कर दिया था. उन्होंने कहा, 'विचार करो, हम दुखी क्यों हैं? अपने से ऊपर वालों को देखेंगे तो दुखी हो जाएंगे. अपने से नीचे वालों को देखेंगे तो सुखी हो जाएंगे.' उन्होंने श्रोताओं को ऐसे लोगों की संगत से बचने की सलाह दी जो उन्हें भगवान से दूर ले जाते हैं और अच्छे संतों का साथ करने के लिए प्रेरित किया. देखिए अच्छी बात.