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धर्म

घर में एक ही भगवान की कई मूर्तियां रखना सही या गलत? जानिए क्या कहती है हिंदू मान्यता

18 जनवरी 2026

हिंदू धर्म में मूर्ति को ईश्वर का प्रतीक माना जाता है. यह माना जाता है कि भगवान किसी एक रूप या आकार में सीमित नहीं हैं. ईश्वर अनंत हैं और उन्हें कई रूपों में पूजा जा सकती है. इसलिए एक ही भगवान की एक से अधिक मूर्तियां घर में रखना गलत नहीं माना जाता. यहां सबसे महत्वपूर्ण चीज संख्या नहीं, बल्कि आपकी श्रद्धा और भावना है.

घर के दरवाजे पर क्यों लटकाया जाता है नींबू-मिर्च? सिर्फ अंधविश्वास नहीं, इसके पीछे छुपा है बड़ा राज!

18 जनवरी 2026

बचपन से ही हम सबने देखा है कि लोग अपने घरों, दुकानों, गाड़ियों तक पर भी नींबू और मिर्च लटका देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा हैं कि आखिर इसका मतलब क्या है?

मौनी अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब! प्रयागराज, काशी से लेकर हरिद्वार तक लोगों ने लगाई पवित्र डुबकी, यहां देखें तस्वीरें

18 जनवरी 2026

मौनी अमावस्या पर रविवार को संगम नगरी प्रयागराज, धार्मिक नगरी हरिद्वार और महादेव की नगरी काशी में आस्था का भव्य संगम देखने को मिला. कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह-सुबह लाखों की संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे और पवित्र स्नान किया. श्रद्धालुओं आस्था की डुबकी लगाने के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन में लीन रहे. गरीबों को दान किया.

मौनी अमावस्या पर दिखा भक्तों का रंग, ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय तक स्नान के लिए जुटे

18 जनवरी 2026

मौन व्रत धारण कर श्रद्धालुओं ने सरयू की पावन धारा में आस्था की डुबकी लगाई और पुण्य लाभ अर्जित किया.

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या है आज, जानें स्नान-दान, पितृ तर्पण और पूजा का शुभ मुहूर्त

18 जनवरी 2026

इस साल मौनी अमावस्या पर काफी शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. इस अवधि में स्नान-दान और तर्पण करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति हो सकती है. आइए जानते हैं मौनी अमावस्या की तिथि, दान- स्नान का शुभ मुहूर्त, मंत्र सहित अन्य जानकारी…

जानिए मौनी अमावस्या की महिमा, स्नान और दान का महत्व

17 जनवरी 2026

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. इस दिन मौन रहकर स्नान और दान करने का महत्व है. आइए जानते हैं क्यों मौनी अमावस्या के दिन लोग गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और फिर दान देते हैं?

मौनी अमावस्या पर गजकेसरी योग का शुभ संयोग, जानें स्नान और दान का शुभ मुहूर्त

17 जनवरी 2026

मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को है. इस दिन मौन रहकर स्नान और दान करने का विशेष महत्व है. इस बार मौनी अमावस्या पर चंद्र और गुरु का गजकेसरी योग बन रहा है, जो इसकी पवित्रता को और बढ़ाएगा. आइए जानते हैं मौनी अमावस्या पर स्नान और दान का शुभ मुहूर्त क्या है?

मौनी अमावस्या के दिन शिवलिंग पर ये 5 पत्ते चढ़ाने से होगा धन लाभ 

17 जनवरी 2026

Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या 18 जनवरी दिन रविवार को है. इस दिन शिववास योग सहित कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं. आइए जानते हैं मौनी अमावस्या के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र सहित और कौन से पत्ते चढ़ाने पर धन लाभ होता है और महादेव की सालों भर कृपा बनी रहती है.

स्नान-दान और मौन व्रत... जानिए मौनी अमावस्या पर क्या है इनका महत्व 

17 जनवरी 2026

Mauni Amavasya Maun Vrat: मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को है. इस दिन मौन व्रत रखा जाता है. गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है. गरीबों को दान किया जाता है. आइए जानते हैं मौनी अमावस्या पर स्नान-दान और मौन व्रत का क्या है महत्व?

प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर जुटेंगे करोड़ों श्रद्धालु, प्रशासन ने किए पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम

17 जनवरी 2026

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. मौनी अमावस्या पर 4 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना के बीच प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं.

सत्यनारायण भगवान की कथा का सही समय और विधि, जानिए

17 जनवरी 2026

श्री सत्यनारायण भगवान के व्रत की महिमा और उसकी सटीक विधि का वर्णन कर रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार, 'सत्यनारायण का व्रत मतलब सत्य के व्रत को जो करेगा, सत्य के पालन को जो करेगा, उसकी सर्वत्र विजय होगी.' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कथा के लिए सायंकाल यानी गोधूलि बेला का समय सबसे उत्तम होता है, जब गायों के खुर से धूल उड़ती है. कथा में गेहूं के चूर्ण (पंजीरी), केले के फल, घी, दूध और शक्कर के महत्व को बताया गया है. इसके साथ ही, स्कंद पुराण के रेवाखंड से निर्धन ब्राह्मण और लकड़हारे की कथा सुनाई गई है, जिसमें बताया गया है कि कैसे भक्ति और सत्य के संकल्प से उनकी दरिद्रता दूर हुई. वक्ता ने जोर दिया कि केवल कर्मकांड ही नहीं, बल्कि जीवन में सत्य बोलना और सत्य के मार्ग पर चलना ही इस व्रत का वास्तविक उद्देश्य है.