scorecardresearch

साइंस

वैज्ञानिकों का दावा है कि ये 41 हजार साल पुरानी है

आइये दिखाते हैं आपको 41 हजार साल पुरानी ज्वेलरी जो गुफा से बरामद हुई है...

01 दिसंबर 2021

पोलैंड के स्टैजनिया की गुफा से इस ज्वेलरी को खोजा गया है. रेडियोकार्बन डेटिंग से इस बात का खुलासा हुआ है कि यह ज्वेलरी 41 हजार साल से अधिक पुराना है.

Photo: Smart Bandage, NUS

इलाज के लिए बार-बार नहीं जाना होगा डॉक्टर के पास, Smart Bandage 15 मिनट के अंदर देगी पूरी रिपोर्ट

01 दिसंबर 2021

ये दुनिया की पहली, नोवल सेंसर टेक्नोलॉजी है जो 15 मिनट के भीतर तापमान, पीएच, बैक्टीरिया के प्रकार और पुराने घावों के लिए इन्फ्लेमेटरी फैक्टर का पता लगा सकती है, जिससे घाव का तेज और सटीक आकलन किया जा सकता है. घाव के ठीक होने में तेजी लाने के लिए पुराने घावों की समय पर देखभाल और उचित उपचार की जरूरत होती है. हालांकि, इसके इसके बीच कई क्लीनिकल ट्रीटमेंट्स भी होते हैं.

नासा एस्ट्रोनॉट

अंतरिक्ष पर प्रेमी से झगड़ा कर स्पेस में गड्ढा करने वाली महिला एस्ट्रोनॉट पकड़ी गई, अब चलेगा केस

01 दिसंबर 2021

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि सेरेना औनॉन-चांसलर ने सोयुज एमएस -09 में दो मिलीमीटर का छेद कर दिया था. एजेंसी इसे एक तोड़फोड़ मानती है.

Representative Image

आखिर क्या है 'स्पेस डेबरिस' जिसके कारण नासा ने टाल दी अंतरिक्ष यात्रियों की स्पेसवॉक

01 दिसंबर 2021

मंगलवार को नासा ने एक स्पेसवॉक को ‘स्पेस डेबरिस’ मतलब कि अंतरिक्ष में मौजूद कचरे/मलबे के खतरे के कारण टाल दिया. यह मलबा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के बहुत करीब आ सकता है. नासा के दो अंतरिक्ष यात्री स्पेससूट पहनकर आईएसएस से बाहर निकलने वाले थे ताकि वे एंटीना को ठीक कर सके. लेकिन नासा ने मंगलवार तड़के घोषणा की कि उन्हें एक रात पहले स्पेस डेबरिस की सुचना मिली थी. 

इसरो

गुजरात में बनने जा रहा है गगनयान नियंत्रण केंद्र और अंतरिक्ष यात्रियों के पुनर्वास केंद्र, इसरो के वैज्ञानिक की ये है तैयारी

30 नवंबर 2021

इसरो गुजरात में अपने पहले मिशन गगनयान सहित भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को पूरा करने के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विचार कर रहा है. हालांकि, 29 नवंबर तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं हो पाया है.

IT जोधपुर और AIIMS जोधपुर के इनोवेटर्स ने बोलने में अक्षम लोगों के लिए 'टॉकिंग ग्लव्स' बनाए हैं

IIT और एम्स जोधपुर का कमाल, दिव्यांगों के लिए बनाया बात करने वाला ग्लब्स

30 नवंबर 2021

यह दस्ताने खासतौर से ना बोल पाने वाले लोगों के लिए बनाए गए हैं. ये दस्ताने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमआई) की मदद से बात कर सकते हैं. जो बोलने में अक्षम लोगों के बीच बोलने की ताकत देगा. इस की कीमत सिर्फ 500 रूपये है.

प्रतीकात्मक तस्वीर

Malaria में नेचुरल इम्यूनिटी देती है वैक्सीन वाली इम्यूनिटी से ज्यादा सुरक्षा: रिसर्च

29 नवंबर 2021

जब हम मलेरिया से संक्रमित होते हैं तो हमारी नेचुरल इम्यूनिटी हमें बीमारी से बेहतर तरीके से बचाती है, वह ज्यादा सुरक्षा देती है बजाय इसके कि हमें पहले से मलेरिया के खिलाफ वैक्सीनेटेड कर दिया जाये और तब हमारी इम्यूनिटी हमने सुरक्षा दे. हमारी नेचुरल इम्यूनिटी हमें वैक्सीन से बनने वाली इम्यूनिटी से ज्यादा सुरक्षा देती है.

सांकेतिक तस्वीर

एलियन कर सकते हैं धरती पर हमला, वैज्ञानिकों की चेतावनी, कहा- सुरक्षा में लापरवाही पड़ सकती है महंगी

29 नवंबर 2021

यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय जर्नल, बायोसाइंस में प्रकाशित हुआ है. जिसमें शोधकर्ताओं ने जैव सुरक्षा उपायों के महत्व पर प्रकाश डाला है और ये बताया है कि लापारवाही बड़े खतरे की तरफ ले जा सकता है.

Representative Image

अगले साल फिर से शुरू होगा इसरो का गगनयान मिशन

27 नवंबर 2021

2022 में इसरो के गगनयान मिशन के तहत पहली उड़ान के साथ दो मानव रहित उड़ानें भी होंगी. इसके बाद, 2023 में तीसरी उड़ान भारतीय दल को लेकर जाएगी. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी. 

Representative Image

कानपुर के डॉक्टरों का कारनामा, दुनिया में पहली बार Stem Cell Therapy से हुआ रतौंधी का सफल इलाज

27 नवंबर 2021

कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कालेज के डॉक्टरों ने वह कारनामा कर दिखाया है जिसमें अमेरिका के डॉक्टर भी सफलता हासिल नहीं कर सके थे. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल हैलट में आई विभाग के डॉक्टरों ने दुनिया में पहली बार स्टेम सेल से तैयार इंजेक्शन को रतौंधी के मरीजों पर इस्तेमाल किया है. 

Radar System (representative image)

वायुसेना को म‍िलेंगे दो एडवांस रडार सिस्टम, मिसाइल हमलों का पता लगाने में होंगे माहिर

26 नवंबर 2021

एयरबस, स्पेन रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित दो एडवांस रडार सिस्टम- रडार वार्निंग रिसीवर (RWR)और मिसाइल अप्रोच वार्निंग सिस्टम (MAWS)खरीदेगा, जिसे भारतीय वायु सेना द्वारा ऑर्डर किए गए 56 Airbus C295 विमानों में शामिल किया जाएगा.