देश में पहली बार इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरी से घरों में बिजली सप्लाई करने की शुरुआत हो चुकी है. इस तकनीक को IIT बॉम्बे की ग्रिड इंटीग्रेशन लैब ने तैयार किया है.
मस्तिष्क विज्ञान के क्षेत्र में ऐतिहासिक खोज के लिए Karl Deisseroth, Peter Hegemann और Georg Nagel को Medicine के Nobel Prize से सम्मानित किया गया है. इन वैज्ञानिकों ने Optogenetics तकनीक विकसित की है, जिसमें रोशनी की मदद से दिमाग की तंत्रिका कोशिकाओं यानी neurons को on या off किया जा सकता है. हरे शैवाल Chlamydomonas में पाए जाने वाले channelrhodopsin protein की खोज से शुरू हुई इस तकनीक ने वैज्ञानिकों को दिमाग के जटिल circuits को समझने और नियंत्रित करने का एक नया माध्यम दिया है. इस विधि से मस्तिष्क की विशिष्ट कोशिकाओं की गतिविधि को सटीक रूप से चालू या शांत करके उनके व्यवहार, याददाश्त और विभिन्न बीमारियों से संबंधों का अध्ययन संभव हुआ है. यह तकनीक Alzheimer's, Parkinson's, मिर्गी, depression, पुराने दर्द और अंधेपन जैसी गंभीर neurological और psychiatric बीमारियों के इलाज में मददगार साबित हो सकती है. भारत के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों में इस पर शोध जारी है, हालांकि आम मरीजों तक इसके नैदानिक इस्तेमाल में कुछ समय लग सकता है.
2026 का केमिस्ट्री नोबेल पुरस्कार फ्रांस के वैज्ञानिक हेनरी बी. कगन और जापान के केन्सो सोआई को मिला है.
वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को 2026 का फिजिक्स नोबेल पुरस्कार दिया गया है. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने उन्हें आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी में अहम योगदान और अंतरिक्ष से धरती तक पहुंचने वाले बेहद ज्यादा ऊर्जा वाले न्यूट्रिनो कणों की खोज के लिए यह सम्मान दिया.
वैज्ञानिकों ने ऑप्टोजेनेटिक्स नाम की ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद की, जिससे रोशनी की मदद से दिमाग की अलग-अलग तंत्रिका कोशिकाओं को नियंत्रित करके उनके काम को समझा जा सकता है.
कई लोगों में आदत होती है कि वह बार-बार फोन पर बैंक बैलेंस को चेक करते रहते है. कुछ लोगों को शायद ये अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे एक फायदा छिपा हैं. ऐसा करने से आपको अंदाजा लगता रहता है कि कहीं आप उम्मीद से ज्यादा तो खर्च नहीं कर रहें.
2026 का नोबेल मेडिसिन पुरस्कार ऑप्टोजेनेटिक्स नाम की तकनीक के लिए पीटर हेगेमैन, जॉर्ज नागेल और कार्ल डीसेरोथ को दिया गया है.
महिला की मौत के बाद इस बात की आशंका जताई जा रही है कि उन्हें न्यूमोनिक प्लेग का संक्रमण हुआ था. यह प्लेग का एक गंभीर और जानलेवा रूप माना जाता है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है. संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए यह संक्रमण दूसरे लोगों तक पहुंच सकता है.
लोगों के साथ अक्सर होता है कि उन्होंने अभी-अभी टीवी की वॉल्यूम बढ़ाई और अगले ही पल रिमोट खो गया. जिसके बाद रिमोट खोजने का मिशन शुरू होता है. गद्दे उठाए जाते हैं, सोफे में खोज होती है और न जाने क्या-क्या. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आखिर लोग रिमोट इतना क्यों खो देते हैं.
कई लोगों में आदत होती है कि वह रेस्टोरेंट के बिल को चुकाने से पहले उसे गौर से देखते हैं. कुछ को लग सकता है कि बिल चुकाने वाला व्यक्ति शायद कंजूस है, लेकिन दरअसल यह उसकी मानसिक स्थिति उसे करने पर मजबूर करती है.
मां-बच्चे के बीच के रिश्ते में एक सवाल जरूर होता है, 'खाना खाया?'. यह सिर्फ एक सवाल खाने से जुड़ा नहीं होता, ब्लकि इसके पीछे इतनी भावना और सवाल खुद छिपे होते हैं, जिसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता.