AITL एक दुर्लभ और तेजी से बढ़ने वाला ब्लड कैंसर है. यह शरीर की टी-लिम्फोसाइट्स (T Cells) नाम की सफेद रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है.
भारत में टाइप-2 डायबिटीज बढ़ने का एक बड़ा कारण लोगों का कम फल खाना भी है. विशेषज्ञों का कहना है कि फल शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं और इन्हें न खाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है.
बारिश के मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इस दौरान शरीर को ऐसे फूड की जरूरत होती है, जिसमें ऊर्जा देने के साथ जरूरी पोषक तत्व भी हो. भुट्टा इसमें मददगार माना जाता है.
प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए ऐसा समय होता है, जिस समय उसे अपना सबसे ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है. इस समय उसके शरीर को खून की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में अगर किसी महिला के शरीर में खून कम है, तो वह आयरन से भरपूर चीज़ों का सेवन कर सकती है.
कई लोगों के पास ओवन नहीं होता, तो कुछ हेल्दी ऑप्शन वाला केक खाना चाहते हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर नो-बेक फ्रूट केक का ट्रेंड वायरल हो रहा है. जिसमें आपको बिना मैदा और मक्खन के केक बनाने का ऑप्शन मिलता है. साथ ही इसमें केवल फलों की जरूरत पड़ती है.
कई बार लोग दांत में हुई कैविटी को काफी हल्के में लेते हैं. वह इलाज में काफी देरी करते हैं. दांत के इलाज में आप जितनी देरी करते हैं, उतना ही नुकसान बढ़ता जाता है. इसलिए बेहतर हैं कि आप समय रहते अपना इलाज करवा लें.
Remedies for Relief from Toothache: दांत में दर्द की समस्या तो वैसे आम है लेकिन यह कई बार काफी परेशान करती है. दांत में दर्द होने पर कुछ लोग बिना सोचे-समझे तुरंत दर्द की गोली खा लेते हैं जबकि हर बार दवा खाने की जरूरत नहीं होती है. आप कुछ घरेलू उपायों को आजमाकर दांत दर्द से छुटकारा पा सकते हैं. हम आपको 5 घरेलू चीजों के बारे में बता रहे हैं, जो दांत दर्द में तुरंत आराम देंगी.
कई परिवारों में होता है कि अक्सर झगड़े होते रहते हैं. ऐसे में घर का माहौल काफी नकारात्मक हो जाता है. साथ ही परिवार के सदस्य तनाव में रहते हैं. इससे बच्चों के ऊपर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है.
अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने दो बच्चों को फिर नया जीवन दिया है. दो मासूम बच्चों की सफल एडवांस्ड ब्रोंकोस्कोपी की है, जिनकी सांस की नली में सुपारी और सिंग का दाना फंसने की वजह से हालत क्रिटिकल थी.
अभी तक ऐसी दवाएं आसानी से मिल जाती थीं लेकिन अब इन्हें दवा नियमों की शेड्यूल H1 लिस्ट में डाल दिया गया है. यही लिस्ट नींद की गोलियों, दर्द की तेज दवाओं और नशे में इस्तेमाल हो सकने वाली दवाओं के लिए बनी है.
कोटा के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश पांडे ने कोचिंग स्टूडेंट्स में तेजी से बढ़ रही एक गंभीर समस्या को लेकर चेतावनी दी है. उनका कहना है कि देर रात तक जागकर पढ़ाई, लगातार मोबाइल-टैबलेट की स्क्रीन देखना और कम नींद लेना छात्रों की याददाश्त, आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रहा है. यही वजह है कि कई होनहार छात्र भी परीक्षा में अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाते.