डॉक्टरों के मुताबिक, बाहर निकले मस्तिष्क ऊतक के कारण इंट्राक्रेनियल संरचनाओं पर लगातार दबाव और खिंचाव बना रहता है. इससे मस्तिष्क का सामान्य विकास बाधित हो सकता है. ऐसे मामलों में समय पर सर्जिकल हस्तक्षेप ही सबसे प्रभावी इलाज माना जाता है.
एक टेक प्रोफेशनल, हसन, ने इस धारणा को बदलने का दावा किया है. उनका कहना है कि उन्होंने केवल 3 महीनों में 27 किलो वजन कम किया. लेकिन हैरानी की बात है कि इस सफर में उन्होंने ChatGPT को अपना पर्सनल फिटनेस गाइड बनाया.
उत्तर प्रदेश के झांसी में एक 7 साल के बच्चे की आंख में लकड़ी का टुकड़ा घुस गया. टुकड़ा आंख की पुतली के आरपार हो गई थी. डॉक्टरों ने की टीम ने एक घंटे तक ऑपरेशन किया. डॉक्टरों ने लकड़ी का टुकड़ा निकाल दिया है, अब बच्चा पूरी तरह से सेफ है.
हमारे पारंपरिक देसी नुस्खे आज भी लू और तेज गर्मी से बचाव में कारगर साबित हो रहे हैं. तो आइए जानते हैं कुछ आसान और प्रभावी उपाय, जो आपको इस गर्मी में सुरक्षित रख सकते हैं.
गन्ने का जूस कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. एक गिलास जूस में लगभग 180 कैलोरी होती हैं. इसमें 44 से 50 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और प्राकृतिक शुगर (सुक्रोज, ग्लूकोज और फ्रुक्टोज) मौजूद होती है.
सही मात्रा में पानी पीने से किडनी बेहतर काम करती है, जिससे शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं. यही नहीं, पर्याप्त हाइड्रेशन सिरदर्द, कब्ज और किडनी स्टोन जैसी समस्याओं से भी बचाव करता है.
किशमिश के बढ़ते दाम अक्सर लोगों की जेब पर भारी पड़ते हैं. ऐसे में अगर आप घर पर ही बिना किसी केमिकल और मशीन के किशमिश बना सकें, तो यह न सिर्फ किफायती होगा बल्कि सेहत के लिए भी बेहतर रहेगा. तो चलिए आपको बताते हैं कि घर पर किशमिश कैसे बना सकते हैं.
सीज़र को आम भाषा 'दौरा आना' कहा जाता है. इस स्थिति में इंसान के हाथ-पैरों में झटके आने लगते हैं. साथ ही शरीर में ऐंठन होती है. इसके अलावा इसकी पहचान में आंख, गिरना, बेहोशी आदि भी शामिल है.
चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में एक महिला की कैशलेस सर्जरी की गई. सर्जरी का अनुमानित खर्च 4 लाख रुपए था. लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत ये सर्जरी पूरी तरह से निशुल्क हुई. सुखपाल कौर नाम की महिला एओर्टिक डिसेक्शन से पीड़ित थी.