नोबेल कमेटी ने वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार नावी पिलाई को देने की घोषणा की है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार पिलाई को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए इस सम्मान से नवाजा जाएगा. दक्षिण अफ्रीका में जन्मीं और तमिल मूल की नावी पिलाई वहां के हाई कोर्ट की जज रह चुकी हैं. उन्होंने रंगभेद के खिलाफ संघर्ष करने वाले नेल्सन मंडेला समेत कई लोगों की कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी.
नवी पिल्लै का परिवार भारतीय तमिल मूल का है. उनका जन्म दक्षिण अफ्रीका के डरबन में हुआ था. उन्होंने कानून की पढ़ाई की और रंगभेद के दौर में उन कार्यकर्ताओं का बचाव किया, जो नस्लीय भेदभाव के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे.
PERM का पूरा नाम Permanent Labour Certification है. यह अमेरिका में कुछ श्रेणियों के रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. इस प्रक्रिया में कंपनी को यूएस लेबर डिपार्टमेंट को बताना होता है कि संबंधित नौकरी के लिए योग्य और उपलब्ध अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं.
Anne Carson कविता, निबंध, अनुवाद और शास्त्रीय साहित्य के अध्ययन के लिए जानी जाती हैं. उनकी लेखन शैली पारंपरिक साहित्यिक सीमाओं को तोड़ती है. उनकी रचनाओं में प्राचीन ग्रीक साहित्य, मिथकों और आधुनिक जीवन के अनुभवों को एक साथ देखा जा सकता है.
डॉ. ब्रूक्स को 26 साल की उम्र में जीभ पर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, यानी एक तरह का स्किन कैंसर, हुआ था. शुरुआत में उनके लक्षण बहुत हल्के थे. उन्हें लगा कि कहीं वह छोटी-सी परेशानी को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता तो नहीं कर रही हैं.
कंपनी की मालिक मा यानली ने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को नई-नई BMW कारें गिफ्ट कर दीं. खास बात यह रही कि कर्मचारियों से इसके बदले कोई पैसा नहीं लिया गया और न ही कोई बॉन्ड या समझौता साइन कराया गया.
यह पूरी घटना ने तब चर्चा में आई जब रूस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पहले लिखा कि शिपिलोवा की मौत प्लेग से हुई है. हालांकि, कुछ ही देर बाद पोस्ट को एडिट करके उसमें संभवतः शब्द जोड़ दिया गया.
AI चैटबॉट में आमतौर पर ऐसे सेफ्टी सिस्टम मौजूद होते हैं, जो हिंसा, धमकी या अन्य गंभीर नुकसान से जुड़े कंटेंट की पहचान करने की कोशिश करते हैं. हर संवेदनशील बातचीत का मतलब यह नहीं होता कि पुलिस को तुरंत सूचना दी जाती है.
डिवाइस को सिर्फ मच्छरों पर हमला करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है. कंपनी का कहना है कि यह इंसानों और बड़े जानवरों को भी पहचान सकता है. अगर कोई व्यक्ति या बड़ा जानवर लेजर के निशाने वाले इलाके में आ जाए तो डिवाइस अपना हमला रोक देता है.
फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कैप्तन स्मित मच्छार भारत के गुजरात के रहने वाले हैं. उनकी बहादुरी की वजह से 180 मुसाफिरों की जान बच गई. उनके पास कमर्शियल एविएशन का 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की है.
जयशंकर ने UNGA में अपने संबोधन में विश्व में शांति, आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा की आतंवाद के साथ कभी दोस्ती का साथ नहीं रह सकता.