पूर्वांचल समेत बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से बड़ी संख्या में कांवड़िए ट्रेन के जरिए बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर पहुंच रहे हैं.
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शामिल इंडिगो ने अपने परिचालन के 20 साल पूरे होने पर अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का ऐलान किया है.
दिल्ली और एनसीआर के लाखों लोगों के लिए 11 साल का इंतजार खत्म होने को है. बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया. जल्द ही इसका उद्घाटन होगा और इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. इस कॉरिडोर से 50 मिनट का सफर 15 मिनट में पूरा होगा.
गाय गुफा से एक गाय प्रतिदिन निकलकर गांव की गायों के साथ चरने जाती थी. एक चरवाहा उसकी पूंछ पकड़कर गुफा के भीतर पहुंचा, जहां साधु-संत भजन-कीर्तन कर रहे थे.
राजेन्द्र पुल के समानांतर बने नए डबल रेल पुल पर परिचालन शुरू करने की तैयारी के तहत 21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक कार्य होगा. इस दौरान कई ट्रेनें रद्द, डायवर्ट और आंशिक रूप से संचालित रहेंगी. नया पुल मोकामा-बरौनी रेल यातायात को अधिक सुगम और क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा.
हो सकता है आप सुबह की ट्रेन पकड़ने के लिए रात में ही स्टेशन पहुंच जाएं. लेकिन ट्रेन सुबह आएगी, ऐसे में क्या आपको स्टेशन पर रात बीताने दी जाएगी. जानें क्या कहते हैं नियम?
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पूर्व मध्य रेलवे की ओर से पाटलिपुत्र-हाजीपुर-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बरौनी-मानसी-सहरसा के रास्ते दानापुर और पूर्णिया कोर्ट के मध्य दो जोड़ी परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है. यहां आप टाइम टेबल से लेकर किन-किन स्टेशनों पर ठहराव है के बारे में जान सकते हैं.
उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने पूरी माल रोड को 'नो हॉर्न जोन' घोषित कर दिया है. इस क्षेत्र में हॉर्न बजाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ₹1000 का चालान किया जाएगा.
आईआरसीटीसी आपके लिए एक बेहतरीन टूर पैकेज लॉन्च कर रहा है और भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से 4 ज्योतिर्लिंग के साथ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी एवं दक्षिण भारत के यात्रा करने का सुनहरा मौका दे रहा है.
बिहार यूपी झारखंड के रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज है रेलवे पहले से चल रही चार जोड़ी स्पेशल ट्रेन के परिचालन अवधि में विस्तार कर दिया है.इससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में सुविधा होगी.
ट्रेन में सफर करने वाले कई यात्रियों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि जब RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट पर पूरी बर्थ नहीं मिलती, तो भारतीय रेलवे पूरा किराया क्यों वसूलता है. आखिरकार RAC यात्री को सीट भी बीटनी पड़ती है, फिर भी उसे कन्फर्म टिकट के बराबर किराया क्यों देना होता है. इसके पीछे रेलवे के कुछ तय नियम हैं, जिनके बारे में हर यात्री को जानकारी होनी चाहिए.