एफिल टावर से जुड़ा यह विवाद भले ही नया हो, लेकिन यह जगह अपनी करीब 137 साल पुरानी कहानी और कई हैरान करने वाले तथ्यों के लिए हमेशा चर्चा में रही है.
अगर आप 2026 में त्योहारों पर ट्रेन से सफर करने की तैयारी कर रहे हैं, तो टिकट बुकिंग की टाइमिंग और कुछ जरूरी ट्रिक्स जानना आपके काम आ सकता है. हालांकि, 100% कन्फर्म टिकट की गारंटी कोई नहीं दे सकता, क्योंकि टिकट की स्थिति रियल टाइम में बदलती रहती है.
छठ और दीवाली का समय नजदीक है और ऐसे समय में ट्रेन की कंन्फर्म टिकट मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. लेकिन अगर इस समय टिकट बुकिंग के लिए आप कुछ ट्रिक्स को अपनाएं तो शायद आपको कन्फर्म टिकट आसानी से मिल सकता है.
दीवाली और छठ के मौके पर मुंबई से कोटा होकर उत्तर प्रदेश जाने वाले मुसाफिरों के लिए गुड न्यूज है. इसके साथ ही कोटा से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए सफर आसान होगा. मुंबई सेंट्रल कानपुर स्पेशल ट्रेन के ट्रिप बढ़ेंगे, जबकि सोगरिया-दानापुर एक्सप्रेस में अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे.
दीवाली और छठ आने वाले अभी 2 महीने का वक्त बचा है. लेकिन अभी से ट्रेनों फुल हो गई हैं. ट्रेनों का टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है. मुंबई, दिल्ली और गुजरात से यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में टिकट बुकिंग फुल हो गई है. आप चाहकर भी ट्रेनों में सफर नहीं कर पाएंगे.
केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (KSRTC) की नई हाई-एंड बस यात्रियों को सड़क पर ही फ्लाइट जैसा अनुभव देने की कोशिश कर रही है. व्लॉगर अजय जॉनी ने इस बस का वीडियो शेयर किया है, जिसमें इसके अंदर की सुविधाओं की पूरी झलक दिखाई गई है.
IRCTC के मुताबिक, एक व्यक्ति के लिए पैकेज की कीमत 48,500 रुपए है. दो लोगों के एक साथ ठहरने पर भी प्रति व्यक्ति किराया 48,500 रुपए रहेगा, जबकि तीन लोगों के एक साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 40,300 रुपए देने होंगे.
अगर आप भारतीय रेल से ट्रैवल कर रहे हैं और सोचते हैं कि जितना चाहें सामान ले जा सकते हैं तो आप गलत हैं. दरअसल रेलवे के नियम अनुसार यहां आप अपनी क्लास के अनुसार एक तय वजन का लगेज ले जा सकते हैं. साथ ही लगेज का साइज भी एक तय माप के अंदर होना चाहिए.
Railway Reservation: दिवाली और छठ महापर्व पर यूपी-बिहार घर जाने की योजना बने रहे रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. IRCTC ने 6 सितंबर 2026 से एडवांस टिकट बुकिंग शुरू कर दी है. इंडियन रेलवे ने 15 स्पेशल ट्रेनों को चलाने का भी ऐलान किया है. यहां आप जान सकते हैं स्पेशल ट्रेनों की पूरी सूची.
किसी भी ट्रेन में जनरल कोच को आमतौर पर ट्रेन के आखिर और शुरुआत में रखा जाता है. लेकिन आमतौर पर लोग इस चीज़ के पीछे के कारण के बारे में नहीं सोचते हैं. दरअसल ऐसा करने का केवल एक मकसद होता है कि किसी तरह से ट्रेन में आने वाली भीड़ को कंट्रोल में रखा जाए और यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े.
अक्सर फ्लाइट से सफर करते समय लोग पैकिंग पर बहुत ध्यान देते हैं. वह कोशिश करते हैं वह बैगेज का वजन लिमिट में रहे. लेकिन कई बार बैगेज पैक करते समय वह इस बात पर गौर नहीं करते कि जिस चीज़ को वह पैक कर रहे हैं, उसे ले जाने की इजाजत एयरलाइन के रूल देते हैं भी या नहीं.